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Bihar News: विकास की धुरी बनी महिला! बिहार विधान सभा में सशक्तिकरण योजनाओं पर खास बैठक
Sat, 28 Feb 2026 06:54 PM IST
Ashutosh Pratap Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Ashutosh Pratap Singh
Updated Sat, 28 Feb 2026 06:54 PM IST
सार
बिहार विधान सभा के विस्तारित भवन स्थित ऑडिटोरियम में समाज कल्याण विभाग, बिहार द्वारा महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं पर महिला सदस्यों के साथ परिचर्चा और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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बिहार विधान सभा में योजनाओं पर विशेष परिचर्चा और प्रशिक्षण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
समाज कल्याण विभाग, बिहार की ओर से आज बिहार विधान सभा के विस्तारित भवन स्थित ऑडिटोरियम में बिहार विधान मंडल की महिला सदस्यों के साथ महिला सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं पर परिचर्चा और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य अतिथियों के आगमन, स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।
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इसी क्रम में अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि समाज में स्थायी बदलाव के लिए महिला नेतृत्व को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने इस कार्यक्रम को संवाद और सहयोग की दिशा में सकारात्मक पहल बताया।
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कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य अतिथियों के आगमन, स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई।
मंच पर मौजूद प्रमुख अतिथि
कार्यक्रम में मंच पर कई प्रमुख अतिथि मौजूद रहे, जिनमें-- मदन सहनी, मंत्री, समाज कल्याण विभाग, बिहार
- डॉ. प्रेम कुमार, अध्यक्ष, बिहार विधान सभा
- अवधेश नारायण सिंह, सभापति, बिहार विधान परिषद
- अश्वमेध देवी, सभापति, महिला एवं बाल विकास समिति, बिहार विधान सभा
- बंदना प्रेयषी, सचिव, समाज कल्याण विभाग, बिहार
- अखिलेश कुमार झा, सचिव, बिहार विधान परिषद
- ख्याति सिंह, प्रभारी सचिव, बिहार विधान सभा
- धर्मेंद्र कुमार, निदेशक, सामाजिक सुरक्षा निदेशालय
- रंजिता, निदेशक, समाज कल्याण निदेशालय
- योगेश कुमार सागर, निदेशक, आईसीडीएस निदेशालय
स्वागत भाषण में कही गई बात
स्वागत भाषण में बंदना प्रेयषी, सचिव, समाज कल्याण विभाग, बिहार ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि योजनाओं की सही निगरानी और जमीन पर अच्छे क्रियान्वयन के लिए जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी बहुत जरूरी है।
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महिला जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर जोर
अश्वमेध देवी, सभापति, महिला एवं बाल विकास समिति, बिहार विधान सभा ने कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों की भूमिका केवल नीति बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने में भी उनकी अहम जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह परिचर्चा कार्यक्रम योजनाओं की समझ और प्रभाव को और मजबूत करेगा। मुख्य संबोधन में मदन सहनी ने कहा कि बिहार सरकार महिला सशक्तिकरण को विकास की मुख्यधारा में रखकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति की हर महिला तक पहुंचे। इसके लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग जरूरी है।
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समन्वय से होगा बेहतर क्रियान्वयन
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि विधायिका और कार्यपालिका के बीच बेहतर तालमेल से ही योजनाओं का सही क्रियान्वयन संभव है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण समग्र विकास की नींव है।इसी क्रम में अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि समाज में स्थायी बदलाव के लिए महिला नेतृत्व को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने इस कार्यक्रम को संवाद और सहयोग की दिशा में सकारात्मक पहल बताया।
धन्यवाद ज्ञापन और तकनीकी सत्र
कार्यक्रम के अंत में ख्याति सिंह, प्रभारी सचिव, बिहार विधान सभा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। तकनीकी सत्र में समाज कल्याण विभाग, बिहार द्वारा संचालित महिला सशक्तिकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इस सत्र में—- निदेशक, आईसीडीएस निदेशालय, बिहार
- निदेशक, सामाजिक सुरक्षा निदेशालय, बिहार
- निदेशक, समाज कल्याण निदेशालय, बिहार
- रुबीना प्रवीण (SMC)
- गुंजन मिश्रा (C3)
- गार्गी साहा (UNICEF)
- इफ्फत अंजुम (UNFPA)
परिचर्चा के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन महिला सदस्यों के साथ परिचर्चा और विचार-विमर्श के बाद हुआ। इस दौरान कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सामूहिक रूप से प्रतिबद्धता जताई गई।