काम की खबर: बिहार में 125 यूनिट फ्री बिजली का लाभ आगे भी मिलेगा? जानिए, स्मार्ट मीटर में क्या-क्या हो रहा?
बिजली विभाग के अनुसार, उपभोक्ताओं के बिल में की गई कटौती का अलग-अलग विवरण उपलब्ध रहेगा। यदि किसी उपभोक्ता को बिजली बिल या फिक्स्ड चार्ज के समायोजन को लेकर कोई शिकायत या जानकारी चाहिए तो वह टोल-फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकता है।
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125 यूनिट से ज्यादा खपत पर अतिरिक्त यूनिट का देना होगा शुल्क
विभाग के मुताबिक, 125 यूनिट तक की बिजली घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त है। यदि किसी उपभोक्ता की मासिक खपत 125 यूनिट से अधिक होती है तो केवल अतिरिक्त यूनिट पर निर्धारित ऊर्जा शुल्क और विद्युत कर देना होगा। इसके अलावा दर्ज अधिकतम भार के अनुसार, फिक्स्ड चार्ज भी देय होगा। अप्रैल 2020 से उपभोक्ताओं से मीटर किराया नहीं लिया जा रहा है। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं का मासिक बिजली बिल संबंधित महीने की खपत और दर्ज अधिकतम भार के आधार पर अगले महीने की एक से दो तारीख के बीच तैयार किया जाता है।
200 यूनिट खपत पर 482.52 रुपये का भुगतान
विभाग ने 200 यूनिट मासिक खपत वाले शहरी स्मार्ट मीटर उपभोक्ता का उदाहरण देते हुए बताया कि यदि दर्ज भार दो किलोवाट है तो 125 यूनिट के बाद बची 75 यूनिट पर 7.17 रुपये प्रति यूनिट की दर से 537.75 रुपये ऊर्जा शुल्क बनेगा। इस पर छह प्रतिशत विद्युत कर के रूप में 32.27 रुपये और दो किलोवाट के लिए 160 रुपये फिक्स्ड चार्ज देय होगा। इस तरह कुल राशि 730.02 रुपये होगी। सरकार की ओर से 75 यूनिट पर 247.50 रुपये का अनुदान समायोजित होने के बाद उपभोक्ता को 482.52 रुपये का भुगतान करना होगा।
RMS लागू होने के दौरान आई थी तकनीकी समस्या
बिहार में बिजली बिलिंग व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए पहले इस्तेमाल हो रहे NIC और SAP बिलिंग सॉफ्टवेयर की जगह अब रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम (RMS) लागू किया गया है। नई प्रणाली लागू होने के दौरान कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आई थीं, जिन्हें दूर किया जा रहा है। इसी तकनीकी समस्या के कारण जून और जुलाई 2026 में 125 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले कुछ शहरी घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के बिल में फिक्स्ड चार्ज का समायोजन नहीं हो सका था। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान किसी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन इस वजह से नहीं काटा गया।
अगस्त के बिल में एकमुश्त समायोजन
तकनीकी समस्या दूर होने के बाद जून और जुलाई की लंबित फिक्स्ड चार्ज राशि का अगस्त 2026 के बिजली बिल में एकमुश्त समायोजन किया गया है। विभाग के अनुसार, यह कटौती निर्धारित टैरिफ के अनुरूप है और उपभोक्ताओं से कोई अतिरिक्त राशि नहीं ली गई है।
9.48 लाख उपभोक्ताओं के प्री-पेड बैलेंस से समायोजन
राज्य में करीब 95 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें 9,48,652 उपभोक्ताओं के मामले में जून-जुलाई की लंबित फिक्स्ड चार्ज राशि करीब 54.95 करोड़ रुपये थी। इस राशि का अगस्त में उपभोक्ताओं के प्री-पेड बैलेंस से एकमुश्त समायोजन किया गया है। विभाग ने बताया कि अगस्त में की गई कटौती की जानकारी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से भी दी जा रही है।