Bihar Weather: अगले तीन दिनों तक कैसा रहेगा बिहार का मौसम, किन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट? जानिए सबकुछ
Weather News Updates: बिहारवासियों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। सोमवार रात को कई जिलों में तेज हवा चली। कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई। मंगलवार सुबह भी कई जिलों में धूप निकली लेकिन गर्मी कम है। मौसम विभाग आज पूरे बिहार में यलो अलर्ट जारी किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार के सभी जिलों में आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया था। मौसम विज्ञान केंद्र ने स्पष्ट कहा है कि बिहार में आज 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के आसार हैं। इस दौरान कई जगहों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश और वज्रपात के आसार हैं। वहीं आठ अप्रैल को पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया में मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बाकी पूरे बिहार में बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा कि लोगों से अपील है कि वह सतर्क और सावधान रहें।
अगले चार दिनों तक बारिश के आसार
मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमीयुक्त हवाओं के प्रभाव से राज्य में अनुकूल मौसमी परिस्थितियां बन रही हैं। सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण वायुमंडल में अस्थिरता बढ़ गई है। इसके चलते आगामी तीन से चार दिनों के दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। खासकर आठ और नौ अप्रैल को मौसम की तीव्रता अधिक रहने की संभावना जताई गई है।
बिहार लहूलुहान: एक दिन में छह बड़े हत्याकांड; युवक, महिला और मासूमों को भी मार डाला, जानिए कहां क्या हुआ?
मौसम विभाग की यह अपील जरूर पढ़ें
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर न जाने और वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। साथ ही पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है। किसानों को भी तैयार फसलों की जल्द कटाई कर सुरक्षित भंडारण करने की सलाह दी गई है। खेतों में रखी फसलों को ढंककर रखने की भी अपील की गई है, ताकि संभावित बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान कम हो सके।