कैमूर में पसरा मातम: झारखंड में सड़क हादसे में सीआरपीएफ जवान की मौत, शव गांव पहुंचते ही उमड़ा जनसैलाब
Bihar: बताया जा रहा है कि महेश राम अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जवान के अंतिम संस्कार की तैयारी गांव में शुरू हो गई है। गांव के लोग भी शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
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झारखंड के जमशेदपुर में ड्यूटी जाते समय सड़क हादसे में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान का पार्थिव शरीर बुधवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा तो मातम का माहौल छा गया। जैसे ही कैमूर जिले के चांद प्रखंड के भेलाडीह गांव में जवान महेश राम का शव पहुंचा, परिजनों के साथ सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गईं।
मृतक महेश राम भेलाडीह गांव निवासी मदन राम के 35 वर्षीय पुत्र थे। उन्होंने 2014 में सीआरपीएफ ज्वाइन किया था और पिछले दो वर्षों से झारखंड के टाटा (जमशेदपुर) में कोबरा बटालियन में कमांडो के रूप में तैनात थे। जानकारी के मुताबिक सोमवार की सुबह वे अपने क्वार्टर से मोटरसाइकिल से ड्यूटी जा रहे थे, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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बुधवार को सीआरपीएफ बटालियन के जवान शहीद महेश राम का शव लेकर भेलाडीह गांव पहुंचे। जवान का पार्थिव शरीर देखते ही माता शांति देवी और पिता मदन राम बेसुध होकर रोने लगे। जवान के अंतिम दर्शन के लिए भेलाडीह, दीवाने, पहरैचा सहित आसपास के गांवों से लोगों की भारी भीड़ जुट गई। सीआरपीएफ बटालियन ने शहीद जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया और शव को परिजनों को सौंपा। इस दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।