Bihar Election : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने चौंकाया; बोले- बिहार चुनाव में हम भी प्रत्याशी उतारेंगे
Avimukteshwaranand Saraswati News : बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए नई मुसीबत! जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बिहार चुनाव में सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारने का एलान किया है।
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में हर सीट पर भारतीय जनता पार्टी को परेशानी खड़ी होने वाली है! अगर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की बातों को गंभीरता से लें तो यह पक्का है। क्योंकि, महावीर मंदिर पटना में पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा के अनावरण के मौके पर आए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एलान कर दिया है कि वह बिहार विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारेंगे। उन्होंने सिर्फ इतनी ही बात नहीं कही, यह भी बता दिया कि सारे प्रत्याशियों के नॉमिनेशन के बाद वह घोषणा करेंगे कि उनकी तरफ से कौन कहां चुनाव में उतरा है।
स्व0 आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा का हुआ अनावरण
पदम श्री से सम्मानित आचार्य किशोर कुणाल कर्मभूमि तपोभूमि रहे महावीर मंदिर में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर सायन कुणाल ने कहा कि यह सिर्फ एक मूर्ति का अनावरण समारोह नहीं है, बल्कि यह सौहार्दपूर्ण रूप से उन्हें समर्पित है, जिन्होंने धर्म को परोपकार से जोड़ा, वह हैं स्वर्गीय आचार्य किशोर कुणाल जी। उन्होंने आगे कहा कि आचार्य किशोर कुणाल कोई साधारण प्रशासक नहीं थे, बल्कि वह एक धर्म योद्धा, परमार्थ के पुरोधा और कर्म में विश्वास रखने वाले सन्यासी थे। उन्होंने सादगी को शक्ति और सेवा को साधना बना दिया। महावीर मंदिर को वैश्विक पहचान देने वाले आचार्य किशोर कुणाल ने इसे केवल एक मुद्रा का स्थान बनकर नहीं रहने दिया, बल्कि उन्होंने अस्पतालों के संचालन के माध्यम से इसे सेवा का तीर्थ बना दिया।
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'रामो विग्रहवान धर्म:' का किया गया विमोचन
स्व0 आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा के अनावरण के बाद आचार्य किशोर कुणाल द्वारा रचित पुस्तक 'रामो विग्रहवान धर्म:' का विमोचन भी किया गया। इस मौके पर सायन कुणाल ने कहा कि आचार्य किशोर कुणाल अपने उम्र के अंतिम पड़ाव में एक महत्वपूर्ण ग्रंथ लिख रहे थे, जिसका आज विमोचन किया गया। उन्होंने कहा कि यह एक पुस्तक नहीं, बल्कि एक दार्शनिक दृष्टिकोण है, जो यह बताता है कि राम सिर्फ एक राजा मात्र नहीं थे, बल्कि धर्म के प्रति मूर्तिमान स्वरूप थे। यह पुस्तक आने वाली पीढियों के लिए धर्म की मर्यादा और न्याय का पाठ बनकर रहेगी। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मैं आज युवाओं से कुछ कहना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि मैं अपने पिता से इसलिए प्रेरणा नहीं लेता हूं क्योंकि वह मेरे पिता थे, बल्कि इस बात के लिए प्रेरणा लेता हूं कि जब धर्म के नाम पर आज लोग तलवार उठा लेते हैं, लेकिन मेरे पिता ने धर्म के नाम पर अपनी बंदूक त्याग दी थी। यह साहस, यह विवेक, यह धर्म का अहिंसात्मक उत्थान यही उनकी असली विरासत है। आज के युवाओं का यह कर्तव्य है कि उनकी विरासत को उनकी स्मारक सिर्फ स्मारक ना बनाएं।
इस मौके पर उपस्थित आचार्य किशोर कुणाल की वधु और सायन कुणाल की पत्नी शांभवी चौधरी ने कहा कि अगर मुझे मेरे ससुर जी के बारे में कुछ कहना हो तो मैं हमेशा यही कहूँगी कि मेरे साथ बहुत बड़ी नाइंसाफी हुई है। वह नाइंसाफी यह है कि उनके साथ मुझे बहुत ही कम समय मिला, लेकिन उन कम समय में वह मुझे पूरी जिंदगी का संस्कार दे कर गए हैं। मुझे मेरा जीवन कैसे और किस उद्देश्य के साथ जीना है वह मुझे सीखा कर गए हैं।आज के युवा अपने आप को जो कहीं न कहीं धर्म से दूर करते हुए देख रहे हैं, वहां मेरे ससुर जी पदम श्री से सम्मानित आचार्य किशोर कुणाल उन युवाओं को कैसे धर्म के साथ जोड़ना है, इसकी प्रेरणा उन्होंने दी है।
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इस वजह से उतारेंगे उम्मीदवार
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि हमारा कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है लेकिन इस बिहार विधानसभा चुनाव में हम पूरे बिहार में अपना एक-एक प्रत्याशी खड़ा करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी पार्टियां धर्मनिरपेक्ष की बात करती है, लेकिन कोई भी गौ हत्या को रोकने के लिए कोई ठोस पहल नहीं कर रहा है। सदन में कोई भी गौ हत्या को रोकने के लिए न तो सवाल उठाता है और न ही क़ानून बनाने के लिए पहल करता है।
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पीएम मोदी तक भी पहुंचाई बात, लेकिन नहीं हुआ कोई असर
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि हमने सभी पार्टियों को देख लिया। हमने अपनी बात पीएम मोदी तक भी पहुंचाई, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। इसीलिए अब हमने यह सोचा है कि पूरे बिहार में घूमघूमकर मैं आम जनता तक यह संदेश पहुंचाउंगा कि आप लोग उसी को वोट दीजिए, जो इस बात का वादा करे कि मैं गौ रक्षा के लिए संसद में आवाज उठाऊंगा और इसे कानून बनाने के लिए प्रयास करुंगा।
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पहले घोषणा करने पर बिगड़ सकती है बात
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मैं किसे अपना उम्मीदवार बनाऊंगा इसका खुलासा अभी नहीं करुंगा। पिछले लोक सभा चुनाव में मैंने काशी में एक उम्मीदवार को खड़ा किया था, लेकिन इस बात की जानकारी होने के बाद उसका जो हाल किया गया वह मैं बयां नहीं कर सकता। मुझे यह पता है कि अगर पहले इस बात का खुलासा अगर मैं कर दूँ कि अमुक व्यक्ति मेरा उम्मीदवार है, तो उसका नॉमिनेशन हर हाल में किसी न किसी तरह रद करा ही दिया जायेगा। इसलिए नॉमिनेशन के बाद मैं अचानक इस बात की घोषणा करुंगा कि फलां उम्मीदवार मेरा उम्मीदवार है।