Bihar News: कोचिंग बंद करने के फैसले पर छात्रों का बवाल और हंगामा, पुलिस ने की फायरिंग
- कोरोना के मद्देनजर बिहार में स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थान बंद करने का फैसला
- बिहार सरकार के इस फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्र और शिक्षक
- कोचिंग एसोसिएशन ने सरकार से यह फैसला वापस लेने की मांग की
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देश में मौजूदा समय में कोरोना वायरस की दूसरी लहर चल रही है और ये लहर पहली वाली से ज्यादा खतरनाक बताई जा रही है। आज ही देश में कोरोना के एक लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं, जो कि अबतक का सर्वाधिक आंकड़ा है। वहीं कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच बिहार के सासाराम में कई छात्र सड़क पर उतरे और तोड़फोड़ करने लगे।
बता दें कि कोरोना के प्रकोप को देखते हुए बिहार सरकार ने सभी शैक्षणिक संस्थान, स्कूल और कॉलेज बंद करने का फैसला किया था, जिसके बाद छात्रों के बीच खासा गुस्सा देखा जा रहा है। कोरोना को लेकर जारी नई गाइडलाइंस के खिलाफ कई छात्र सड़कों पर उतरे और तोड़फोड़ करने लगे।
#WATCH Bihar: A huge crowd of people, including students, pelted stones and vandalised vehicles and properties in Sasaram during a #COVID-19 protocol enforcement drive by the Police and local administration wherein a coaching institute was being closed. pic.twitter.com/2TmWlWPCdG
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 5, 2021
इसके अलावा घटनास्थल पर जिलाधिकारी और एसपी पहुंचे और तनाव को कम करने की कोशिश की। रोहतास के एसपी ने जानकारी दी कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उकसाए जाने पर कुछ लोगों ने यहां उत्पात मचाया और हंगामा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कार्रवाई की जा रही है। जिन तत्वों ने यह उत्पात मचाया है उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की जा रही है।
बता दें कि छात्रों ने गौरक्षणी मुहल्ले में कई वाहनों के शीशे भी तोड़ डाले। इसके बाद छात्रों ने जिला समाहरणालय और कोर्ट के बाहर पहुंचकर वहां भी हंगामा किया। जिसके बाद पुलिस ने हवाई गोलीबारी की और छात्रों को पीछे धकेलने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े। बिहार के कोचिंग एसोसिएशन ने शैक्षणिक संस्थान, स्कूल और कॉलेज को बंद करने के फैसले पर रविवार को आक्रोश जताया था। एसोसिएशन का कहना है कि इससे बिहार की शिक्षा समाप्त हो जाएगी।
कोचिंग एसोसिएशन ने इस फैसले के लागू होने के तुरंत बाद बैठक की और बैठक में शामिल सभी शिक्षकों ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ आवाज उठाई। शिक्षकों ने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा करने के लिए शिक्षण संस्थान को खुला रखना चाहिए।
बता दें कि देश में कोरोना का प्रकोप तेजी से फैल रहा है और इससे बचने के लिए सरकार और अधिकारी मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की ही सलाह दे रहे हैं।