{"_id":"5fe72b488ebc3e3bfe500ce9","slug":"bihar-rjd-ready-to-tie-up-with-nitish-kumar-shivanand-tiwari-challenged-to-break-ties-with-bjp","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिहार : नीतीश कुमार से गठबंधन करने को तैयार राजद, भाजपा से संबंध तोड़ने की दी चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिहार : नीतीश कुमार से गठबंधन करने को तैयार राजद, भाजपा से संबंध तोड़ने की दी चुनौती
Sat, 26 Dec 2020 05:53 PM IST
दीप्ति मिश्रा
पीटीआई, पटना
पीटीआई, पटना
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Sat, 26 Dec 2020 05:53 PM IST
विज्ञापन
नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय जनता दल ने शनिवार को संकेत दिया कि अगर अरुणाचल प्रदेश में दलबदल के घटनाक्रम के बाद यदि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाजपा के साथ संबंध तोड़ लेते हैं, तो उसके साथ नए सिरे से गठबंधन की संभावनाएं बन सकती हैं।
विज्ञापन
राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने स्पष्ट किया कि गेंद जद(यू) नेतृत्व के पाले में हैं, जिन्हें समझना चाहिए कि अरुणाचल प्रदेश में जद(यू) विधायकों के सामूहिक रूप से भाजपा में शामिल होने के घटनाक्रम का मकसद ‘पुरानी बातों का बदला लेना’ है। तिवारी ने एक दशक पहले की बात याद की, जब नीतीश ने भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भाग लेने पटना आए पार्टी नेताओं के लिए आयोजित रात्रिभोज रद्द कर दिया था।
विज्ञापन
मोदी भूलने या माफ करने वाले नहीं
राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा, ‘‘नीतीश कुमार ने तब साफ कर दिया था कि उन्हें भाजपा से कोई दिक्कत नहीं हैं, लेकिन वह गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ थे। मोदी ऐसे आदमी हैं, जो इस चीज को भूलने वाले और माफ करने वाले नहीं हैं।’’
विज्ञापन
चिराग पासवान के विरोध का ही हिस्सा है
कुछ समय तक जद(यू) के साथ रह चुके राजद के वरिष्ठ नेता ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश का घटनाक्रम चिराग पासवान के विद्रोह के साथ शुरू हुए घटनाक्रम का हिस्सा है। लोजपा अध्यक्ष पासवान ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजग से समर्थन वापस ले लिया था और नीतीश को सत्ता से हटाने का संकल्प लिया था। लोजपा को चुनाव में ज्यादा सफलता नहीं मिली लेकिन उसने कई सीटों पर भाजपा के बागियों को उतारकर जद(यू) के वोटबैंक में सेंध लगाने में सफलता हासिल की।
तिवारी ने कहा कि भाजपा की रणनीति पहले नीतीश कुमार का कद छोटा करने की थी, जिसमें वह विधानसभा चुनाव में सफल हुई। अब उसने उन्हें अपमानित करना शुरू कर दिया है। अरुणाचल प्रदेश में जद(यू) के छह विधायकों के भाजपा में जाने की और क्या व्याख्या की जा सकती है, जबकि भाजपा पहले ही राज्य में बहुमत में है।