Bihar: रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला; अब सभी विभागीय पदोन्नति परीक्षाएं RRB के जरिए होंगी, जानें क्या है प्रक्रिया
RRB Exam Changes: भारतीय रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला किया है कि अब सभी विभागीय पदोन्नति परीक्षाएं RRB के जरिए होंगी। रेलवे बोर्ड ने यह कदम पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखने के लिए किया है। पढ़ें पूरी खबर...।
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रेलवे बोर्ड ने एक उच्च स्तरीय बैठक में बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत अब सभी विभागीय पदोन्नति परीक्षाएं रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा केंद्रीयकृत कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के माध्यम से कराई जाएंगी। रेलवे बोर्ड ने यह कदम RRB की निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली को देखते हुए उठाया है। इसके लिए सभी क्षेत्रीय रेलवे एक परीक्षा कैलेंडर तैयार करेंगे और परीक्षाएं उसी के अनुसार कराई जाएंगी।
RRB की पारदर्शी परीक्षा प्रणाली ने दिलाया भरोसा
RRB ने 2015 से अब तक सात करोड़ से अधिक उम्मीदवारों की परीक्षाएं बिना किसी पेपर लीक, सॉल्वर गैंग, रिमोट लॉग-इन या जासूसी उपकरणों के हस्तक्षेप के पूरी पारदर्शिता के साथ कराई हैं। इस सफलता को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने विभागीय पदोन्नति परीक्षाओं को भी इसी पारदर्शी और सुरक्षित प्रणाली के तहत आयोजित कराने का निर्णय लिया है।
RRB द्वारा परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया और सुरक्षा उपाय
परीक्षा केंद्रों का रेलवे टीम द्वारा सख्त ऑडिट किया जाता है। 100% सीसीटीवी कवरेज सुनिश्चित किया जाता है, जिसमें परीक्षा शुरू होने से दो घंटे पहले और समाप्त होने के एक घंटे बाद तक रिकॉर्डिंग की जाती है। IP-आधारित निगरानी प्रणाली लागू की जाती है ताकि परीक्षा प्रक्रिया निर्बाध और सुरक्षित बनी रहे।
परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले और परीक्षा के दौरान मेटल डिटेक्टर से उम्मीदवारों की तलाशी होती है। प्रत्येक परीक्षा ब्रेक के बाद बायोमेट्रिक उपस्थिति (अंगूठे का निशान और डिजिटल साइन) अनिवार्य रूप से लिया जाता है। परीक्षा में लिखावट का नमूना भी लिया जाता है, जिसे दस्तावेज सत्यापन के समय मिलान किया जाता है। आधार आधारित प्रमाणीकरण और N:N तुलना प्रणाली लागू की जाती है, जिससे सॉल्वर गैंग को पकड़ा जा सके।
प्रश्न पत्र 256-बिट एन्क्रिप्शन में सुरक्षित रहता है और केवल परीक्षा शुरू होने के समय डिक्रिप्ट किया जाता है। किसी भी दो उम्मीदवारों को समान क्रम में प्रश्न और विकल्प नहीं दिए जाते। सभी प्रश्न और उत्तर यादृच्छिक रूप से शफल किए जाते हैं। परीक्षा के दौरान उम्मीदवार द्वारा की गई हर गतिविधि का डिजिटल लॉग रखा जाता है, जिससे यह ट्रैक किया जा सके कि उसने प्रश्नों का प्रयास कैसे किया।
RRB की तीन स्तरीय निगरानी प्रणाली
- ECA टीम द्वारा परीक्षा निरीक्षण
- रेलवे अधिकारियों और पर्यवेक्षकों द्वारा निगरानी
- रेलवे सतर्कता टीम द्वारा आकस्मिक जांच
प्रयोगशालाओं और केंद्रों की निगरानी टीमें लगातार बदली जाती हैं ताकि किसी भी प्रकार की धांधली की संभावना को समाप्त किया जा सके।
पात्रता मानदंड और नकली आवेदनों पर रोक
RRB ने पात्रता के सभी महत्वपूर्ण डेटा (जाति, प्रमाण पत्र संख्या, मोबाइल नंबर, पहचान के निशान, फोटो, हस्ताक्षर, जन्म तिथि, योग्यता आदि) को स्पष्ट रूप से परिभाषित कर संरक्षित किया है। नकली आवेदनों की पहचान के लिए एडमिट कार्ड पर QR कोड और बारकोड का उपयोग किया जाता है। उम्मीदवारों को अपना प्रश्न पत्र, उत्तर पुस्तिका और उत्तर कुंजी देखने का मौका दिया जाता है और अगर कोई गलती हो तो उसे सुधारने के लिए आपत्ति दर्ज करने की सुविधा भी मिलती है।
रेलवे की नई नीति से उम्मीदवारों को होगा फायदा
रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा अब विभागीय पदोन्नति परीक्षाओं का आयोजन पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली के तहत होगा। इससे न केवल परीक्षाओं की विश्वसनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी, बल्कि परीक्षार्थियों को बिना किसी गड़बड़ी के निष्पक्ष परीक्षा देने का अवसर भी मिलेगा।