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Cardiac Surgery: बिहार में पहली बार रोबोट ने की कार्डियक बाइपास सर्जरी, नहीं काटनी पड़ी मरीज की छाती की हड्डी

Mon, 11 Aug 2025 02:56 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Mon, 11 Aug 2025 02:56 PM IST
सार

डॉ. रविशंकर सिंह ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी के फायदे ही फायदे हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि आगे भी जारी रहेगी। इसमें 70 फीसदी काम रोबोट करता है। यह रोबोट हमारे देश में ही निर्मित है। इसीलिए पारंपरिक की तुलना में यह सस्ता है।

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Bihar News Robotic surgery done in patna robotic cardiac bypass surgery successful in patna
बिहार में पहली बार रोबोट के जरिए कार्डियक बाइपास सर्जरी करने वाले डॉक्टरों की टीम और मरीज। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में पहली बार रोबोट के जरिए हार्ट की बाइपास सर्जरी हुई है। डॉक्टरों ने रोबोटिक-असिस्टेड कार्डियक बाइपास सर्जरी सफलतापूर्वक अंजाम देकर चिकित्सा जगत में नई मिसाल कायम की है। जय प्रभा मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल पटना के कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) विभाग के निदेशक और देश के अग्रणी कार्डियक सर्जन डॉ. अरविंद कुमार गोयल के नेतृत्व में संभव हुई। यह जटिल सर्जरी 55 वर्षीय मरीज पर की गई, जो गंभीर कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़ से पीड़ित थे। पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी में जहां मरीज की छाती की हड्डी काटनी पड़ती है, वहीं इस अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक के माध्यम से छोटे-छोटे चीरे लगाकर सर्जरी की गई। इससे मरीज को कम दर्द, न्यूनतम रक्तस्राव, तेज़ रिकवरी और संक्रमण के बेहद कम खतरे जैसे महत्वपूर्ण लाभ मिले।

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जानिए, डॉ. अरविंद कुमार गोयल ने क्या कहा 

कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (CTVS) विभाग के निदेशक डॉ. अरविंद कुमार गोयल ने कहा कि यह उपलब्धि बिहार के लिए एक बड़ी चिकित्सा छलांग है। रोबोटिक-असिस्टेड तकनीक सर्जन की विशेषज्ञता को उच्चतम स्तर की रोबोटिक सटीकता से जोड़ती है, जिससे जटिल बाईपास सर्जरी भी बेहद कम इनवेसिव तरीके से की जा सकती है। इस तकनीक से मरीज न केवल जल्दी स्वस्थ होते हैं बल्कि अपनी सामान्य दिनचर्या में भी शीघ्र लौट पाते हैं। हमारा उद्देश्य है कि बिहार के लोगों को ऐसे विश्व स्तरीय उपचार के लिए अब राज्य से बाहर न जाना पड़े।

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डॉ. रविशंकर सिंह बोले- यह सर्जरी हमारे मिशन का हिस्सा 

वहीं जय प्रभा मेदांता के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. रवि शंकर सिंह ने कहा कि यह सिर्फ तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि हमारे उस संकल्प का प्रमाण है कि हम बिहार के हर नागरिक को यहीं, अपने राज्य में, नवीनतम और सर्वोत्तम हृदय चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करें। यह सर्जरी हमारे मिशन का हिस्सा है, जिसके तहत हम चाहते हैं कि गंभीर हृदय रोगियों को समय पर और सर्वोत्तम उपचार यहीं उपलब्ध हो। आमतौर पर बाइपास सर्जरी 12 से 15 दिन की होती है। लेकिन, रोबोटिक सर्जरी में तीन से पांच दिन में हम पेशेंट को रिलीज कर देते हैं। 

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