बिहार: प्रसव के दौरान महिला की मौत, परिजनों का हंगामा; डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप
सासाराम सदर अस्पताल के मातृ-शिशु विभाग में प्रसव के दौरान आशा देवी की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं थे और नर्सों के भरोसे इलाज किया जा रहा था।
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जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल के मातृ-शिशु विभाग में बीती रात प्रसव के दौरान एक महिला की मौत के बाद हंगामा हो गया। मृतका की पहचान करगहर थाना क्षेत्र के कुसहीं गांव निवासी नितेश कुमार की पत्नी आशा देवी के रूप में हुई है। परिजनों ने अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों पर इलाज में गंभीर लापरवाही और अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया और दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
डॉक्टर के मौजूद नहीं होने का आरोप, नर्सों के भरोसे इलाज
परिजनों के अनुसार, आशा देवी को बीती रात करीब 11 बजे प्रसव पीड़ा होने पर सदर अस्पताल लाया गया था। उनका आरोप है कि उस समय ड्यूटी पर डॉक्टर मौजूद नहीं थे। डॉक्टर ने कथित तौर पर फोन पर ही नर्सों को इलाज के संबंध में निर्देश दिए। परिजनों का कहना है कि महिला की हालत बिगड़ने के बावजूद न तो समय रहते डॉक्टर को बुलाया गया और न ही उसे किसी दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किया गया। इसी दौरान महिला की स्थिति लगातार गंभीर होती चली गई।
प्रसव के दौरान पेट पर दबाव बनाने का आरोप
मृतका के परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर प्रसव कराने के दौरान कथित तौर पर जबरन पेट पर दबाव बनाने और महिला के साथ अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब उन्होंने इस तरह की प्रक्रिया का विरोध किया तो उन्हें प्रसव कक्ष से बाहर कर दिया गया। परिजनों के मुताबिक, महिला को कई इंजेक्शन भी लगाए गए। इसके बाद उसकी तबीयत और बिगड़ गई और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अस्पताल गेट पर जुटी भीड़, कार्रवाई की मांग
महिला की मौत की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर और मुख्य गेट पर परिजनों तथा स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। मृतका के परिजन भोला पासवान समेत अन्य लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
जांच के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह
फिलहाल महिला की मौत को लेकर परिजनों की ओर से लगाए गए लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इलाज के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी या नहीं।