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Bihar : सनातन धर्म' के प्रचार-प्रसार को मिलेगी गति, धार्मिक न्यास परिषद अब नियुक्त करेगी संयोजक
Sun, 23 Nov 2025 05:57 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Sun, 23 Nov 2025 05:57 PM IST
सार
Bihar : बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। परिषद ने पूरे राज्य में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए सभी 38 ज़िलों में संयोजक नामित करेगी। न संयोजकों की कई जिम्मेदारियां भी होंगी, जिसका कठोरता से पालन करना होगा।
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बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष रणबीर नंदन।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राज्य के पंजीकृत मंदिरों और मठों की गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद को है। अब बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। परिषद ने पूरे राज्य में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए सभी 38 ज़िलों में संयोजक नामित करेगी। इस बात की जानकारी बीएसआरटीसी के अध्यक्ष रणबीर नंदन ने दी।
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महंथों में से ही होगा संयोजकों का चयन
बीएसआरटीसी के अध्यक्ष रणबीर नंदन ने बताया कि बिहार सरकार के विधि विभाग के अंतर्गत आने वाली इस परिषद में कुल 2,499 मंदिर और मठ पंजीकृत हैं। परिषद ने राज्य भर के पंजीकृत मंदिरों और मठों के साथ समन्वय में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए सभी ज़िलों में संयोजकों को नामित करने का फैसला किया है। रणबीर नंदन ने आगे बताया कि पूरे बिहार के प्रत्येक जिलों में एक-एक संयोजक बनाए जाएंगे। वह अपने-अपने क्षेत्रों के सभी पंजीकृत मंदिरों और मठों के मुख्य पुजारियों या महंतों के साथ समन्वय में काम करेंगे। रणबीर नंदन ने कहा कि संयोजकों का चयन केवल महंतों (मुख्य पुजारियों) में से ही किया जाएगा, और इसकी प्रक्रिया एक-दो दिन में शुरू हो जाएगी।
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संयोजकों को मिलेंगी कईं जिम्मेदारियां
रणबीर नंदन ने कहा कि इन संयोजकों की कई जिम्मेदारियां भी होंगी, जिसका पालन करना सुनिश्चित होगा। उन्होंने बताया कि संयोजकों की जिम्मेदारियों में मासिक पूजा की जाएगी, जिसके तहत संयोजक यह यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके संबंधित ज़िलों के सभी पंजीकृत मंदिर और मठ हर महीने पूर्णिमा के दिन सत्यनारायण कथा और अमावस्या के दिन भगवती पूजा का आयोजन करेंगे। वे यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सभी पंजीकृत मंदिर और मठ इन दोनों पूजाओं के महत्व के बारे में जनता के बीच संदेश फैलाएँ। लोगों को हर महीने अपने घरों में ये पूजाएँ आयोजित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाय। संयोजक यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सभी पंजीकृत धार्मिक स्थल अखाड़ों के लिए शारीरिक संस्कृति का अभ्यास करने के लिए एक समर्पित स्थान बनाएँ। रणबीर नंदन ने कहा कि परिषद का मानना है कि मंदिरों और मठों को सामाजिक गतिविधियाँ और सामाजिक सुधार के उपाय भी करने चाहिए। हमारे त्योहारों, पूजाओं, मूल्यों और सनातन धर्म के महत्व को फैलाने की आवश्यकता है। उन्होंने छठ पूजा का ज़िक्र करते हुए कहा कि त्योहार, पारिस्थितिक सद्भाव, भक्ति और सामुदायिक भागीदारी की जीवंत अभिव्यक्ति हैं।
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जारी होगा धार्मिक कैलेंडर
बीएसआरटीसी के अध्यक्ष रणबीर नंदन ने बताया कि परिषद धार्मिक कैलेंडर भी जारी करेगी, जो पंजीकृत मंदिरों और मठों के माध्यम से वितरित किए जाएँगे। रणबीर नंदन ने कहा कि परिषद आने वाले महीनों में राजगीर में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने की भी तैयारी कर रही है।