Bihar Police Digitization: बिहार पुलिस में डिजिटाइजेशन की तैयारी, तेलंगाना-कर्नाटक मॉडल पर होगी कार्यप्रणाली
Bihar Police Digitization: एडीजी सुधांशु कुमार ने बताया कि देश के कुछ राज्यों, विशेषकर तेलंगाना और कर्नाटक, ने पुलिसिंग में डिजिटाइजेशन को पूरी तरह लागू किया है। इन राज्यों के अनुभवों और सिस्टम का अध्ययन बिहार की जरूरतों के हिसाब से किया जा रहा है।
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बिहार पुलिस महकमे में कामकाज को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़े पैमाने पर कदम उठाए जा रहे हैं। अन्य सरकारी विभागों की तरह पुलिस की पूरी कार्यप्रणाली को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित करने की योजना तैयार की जा रही है। इसके लिए आईजी (आधुनिकीकरण) पी. कनन की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी गठित की गई है, जो हाल ही में तेलंगाना और कर्नाटक के डिजिटल पुलिस सिस्टम का अध्ययन करके लौटी है। यह जानकारी एडीजी (आधुनिकीकरण) सुधांशु कुमार ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय के सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
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तेलंगाना और कर्नाटक मॉडल का अध्ययन
एडीजी सुधांशु कुमार ने बताया कि देश के कुछ राज्यों, विशेषकर तेलंगाना और कर्नाटक, ने पुलिसिंग में डिजिटाइजेशन को पूरी तरह लागू किया है। इन राज्यों के अनुभवों और सिस्टम का अध्ययन बिहार की जरूरतों के हिसाब से किया जा रहा है। अध्ययन के आधार पर एक कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसमें रजिस्टर, मैनुअल, फाइलों के आदान-प्रदान और केस से जुड़े दस्तावेजों को पूरी तरह डिजिटल रूप में बदलने पर जोर दिया गया है।
मोबाइल आधारित होगा पूरा सिस्टम
योजना के अनुसार, पूरी प्रणाली मोबाइल आधारित भी होगी, ताकि पुलिसकर्मी फील्ड में रहते हुए भी तुरंत आवश्यक जानकारी दर्ज और एक्सेस कर सकें। डिजिटाइजेशन से केस से जुड़े दस्तावेज, सबूत और रिकॉर्ड डिजिटल सुरक्षित रहेंगे, जिनसे छेड़छाड़ संभव नहीं होगी। बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) लागू होने के बाद डिजिटल साक्ष्य एकत्र करने की आवश्यकता बढ़ी है, ऐसे में इस पहल को और अधिक जरूरी माना जा रहा है।
इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी से विकास
एडीजी ने बताया कि थाना से लेकर पुलिस इकाइयों तक के आधारभूत ढांचे को निरंतर विकसित किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न जिलों में जमीन का हस्तांतरण और भवन निर्माण तेजी से हो रहा है। मुजफ्फरपुर स्थित बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (बीसैप)-6 के भवन और सुविधाओं के लिए 32.38 एकड़ जमीन हस्तांतरित की गई है। इसी तरह बेगूसराय के मंझौल अंचल में बीसैप-19 के लिए 32.38 एकड़ जमीन, 24 थाना भवन, 2 एडीपीओ दफ्तर, 5 अंचल पुलिस निरीक्षक कार्यालय और 4 स्थानों पर एसपी आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराई गई है।
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डायल-112 और एसटीएफ को नई सुविधाएं
गया में डायल-112 के सेकंडरी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के लिए 1.66 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, पटना में डायल-112 का मुख्यालय राजीव नगर में 84.36 डिसमिल जमीन पर बनाया जाएगा। एसटीएफ के लिए लोदीपुर, पटना में जमीन और कार्यालय उपलब्ध कराए गए हैं।