पीएम मोदी से सम्मान तक फर्जी : मंगेतर को ठगने में खुल गया खेल; नकली डॉक्टर का सिविल सेवा रिजल्ट भी फर्जी
Bihar News : जिससे शादी तय हो गई, उसपर शक हुआ तो मंगेतर ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस भी चौंक गई, जब खुद को डॉक्टर और सिविल सेवा पास करने वाली बताने वाली युवती का कुछ भी असली नहीं था। लुटेरी दुल्हन की तैयारी चौंकाने वाली थी।
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अगर वह युवक कहता तो यकीन नहीं होता, लेकिन अब पुलिस कह रही है। जितना उसके मंगेतर ने नहीं सोचा होगा, उससे भी बड़ी खिलाड़ी निकली यह लड़की। शादी के नाम पर दूल्हे को लूटने की योजना इतने पुख्ते तरीके से बनाई जाती है, सोचना मुश्किल है। उसने खुद को एम्स दिल्ली का डॉक्टर बताया, लेकिन आईकार्ड गुवाहाटी का है। उसने डॉक्टर रहते सिविल सेवा परीक्षा पास होने की खबर छोटे अखबारों में छपवाई। उसकी कटिंग है। उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सम्मानित किए जाने तक की खबर कहीं छपवा रखी है। एक ही आधार नंबर से दो पहचान बना रखा है। और, यह सब करने के बाद वह शिकार के रूप में शादी करने के लिए पटना के एक युवक और उसके परिवार को तैयार करा चुकी थी। युवक को जेवरात को लेकर कुछ शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दी। समय पर उसने अंदाजा लगाया और आखिर पुलिस ने जब सारी पड़ताल की तो लुटेरी दुल्हन लूट कांड के पहले ही गिरफ्तार हो गई।
इस कहानी की पृष्ठभूमि बिहार की राजधानी पटना से शुरू होती है। पटना निवासी रवि रंजन को फेसबुक के माध्यम से दिल्ली की रहने वाली एक लड़की जानवी सिंह से प्यार हो गया। रवि रंजन जानवी सिंह के प्यार में इस कदर पागल हो गया कि वह उससे मिलने पटना से दिल्ली चला गया। जून महीने में रवि रंजन से मिलने के बाद जानवी सिंह ने रवि रंजन से शादी करने का प्रस्ताव रख दिया। फिर रवि रंजन जानवी सिंह को लेकर पटना आ गया और जुलाई महीने में दोनों के बीच शादी तय हो गई।
लड़की ने लगाया चोरी का आरोप
जुलाई महीने के 15 तारीख को दोनों की सगाई भी हो गई, जिसमें लड़की ने यह आरोप लगाया कि उसके पास 30 लाख का चूड़ी था, जिसे रवि रंजन के रिश्तेदार ने चोरी कर लिया। महिला ने बेउर थाना में चोरी का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
कई आपत्तिजनक सामान हुए बरामद
छानबीन के दौरान पुलिस ने मामले को संदिग्ध पाया और इस आधार पर पुलिस ने जब जांच-पड़ताल की तो लड़की के पास से कई सामान जप्त किए गए। पुलिस ने जप्त किए गए सभी सामानों को फर्जी बताया है। पुलिस का कहना है कि लड़की के पास से दो आधार कार्ड अलग-अलग नाम के पाए गए हैं। एक डॉक्टर के नाम से फर्जी आईडी कार्ड, एक मोबाइल और 39800 रूपये और पीले रंग जैसा कुछ धातु भी बरामद किया।
पुलिस ने बताया लड़की की क्या थी मंशा
इस संबंध में फुलवारी शरीफ पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी विक्रम सिहाग ने बताया कि लड़की का मकसद लड़के को जाल में फंसा कर सोने के जेवरात और पैसा ऐंठने की योजना थी। पुलिस ने मामले का पर्दाफाश कर दिया है। गिरफ्तार लड़की को पुलिस अब न्यायालय में समर्पित करने की तैयारी कर रही है।