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Bihar: डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने उर्वरक विनिर्माता/आपूर्तिकर्ता कंपनियों के साथ की बैठक, दिए ये जरूरी निर्देश

Fri, 02 May 2025 08:55 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: अरविंद कुमार Updated Fri, 02 May 2025 08:55 PM IST
सार

Deputy CM Vijay Sinha: उप मुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने उर्वरक विनिर्माता/आपूर्तिकर्ता कंपनियों के साथ बैठक किए। इस दौरान उन्होंने कई जरूरी निर्देश दिए।

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Bihar News Deputy CM Vijay Sinha held meeting with fertilizer manufacturing supplier companies
बैठक में मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उप मुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री, बिहार विजय कुमार सिन्हा ने कृषि भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में उर्वरक विनिर्माता/आपूर्तिकर्ता कंपनियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में सचिव, कृषि विभाग, बिहार संजय कुमार अग्रवाल उपस्थित थे। 

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उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा खरीफ 2025 मौसम के लिए राज्य के लिए उर्वरक की आवश्यकता का निर्धारण किया गया है। अप्रैल से सितम्बर माह तक यूरिया, डीएपी, एमओपी, कॉम्पलेक्स एवं एसएसपी की कुल आवश्यकता क्रमशः 10 लाख 32 हजार, 2 लाख 20 हजार, 50 हजार, 2 लाख 50 हजार एवं 75 हजार मीट्रिक टन है। उन्होंने सभी उर्वरक विनिर्माता/आपूर्तिकर्ता कंपनी के पदाधिकारीयों को उर्वरक की आपूर्ति ससमय करने हेतु निदेश दिया। उन्होंने खरीफ, 2024 एवं रबी 2024-25 मौसम में विभिन्न उर्वरक विनिर्माता/आपूर्तिकर्ता कंपनी के द्वारा किये गये आपूर्ति एवं खपत के संबंध में विस्तृत रूप से जानकारी ली।
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उप मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के सात जिलों यथा अरवल, बांका, गोपालगंज, लखीसराय, शेखपुरा, सुपौल एवं शिवहर में रैक प्वाइंट अधिसूचित नहीं है। लखीसराय जिले के लिए क्यूल रैक प्वाइंट को अधिसूचित करने हेतु भारत सरकार से अनुरोध किया गया है। उन्होंने बांका, गोपालगंज, सुपौल के लिए रैक बिन्दु अधिसूचित करने हेतु भारत सरकार को अनुरोध करने हेतु निदेश दिया। सभी उर्वरक विनिर्माता/आपूर्तिकर्ता कंपनी को राज्य में अधिसूचित सभी रैक बिन्दु से उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा राज्य के सभी जिलों में विक्रेता बहाल करने का निदेश दिया गया।

उप मुख्यमंत्री द्वारा सभी उर्वक विनिर्माता/आपूर्तिकर्ता कंपनी द्वारा थोक विक्रेता/खुदरा उर्वरक विक्रेता को दी जा रही परिवहन की राशि की समीक्षा भी की गयी। वित्तीय वर्ष 2024-25 में थोक उर्वरक विक्रेता/खुदरा उर्वरक विक्रेता को दी गई परिवहन की राशि का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया। उन्होंने निदेश दिया कि राज्य के सीमावर्ती राज्य यथा उत्तर प्रदेश, झारखंड एवं पश्चिमी बंगाल तथा इसके अलावा मध्यप्रदेश में उर्वरक के परिचालन पर दिये जाने वाले परिवहन की राशि की जानकारी प्राप्त की जाय। इसकी तुलनात्मक विवरणी तैयार कर राज्य हित में आवश्यक संशोधन हेतु उर्वरक विभाग, भारत सरकार से अनुरोध किया जाय।


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उप मुख्यमंत्री ने विनिर्माता/आपूर्तिकर्ता कंपनियों द्वारा उर्वरक के साथ एफसीओ/नन एफसीओ प्रोडक्टस की बिक्री की समीक्षा की। सभी विनिर्माता/आपूर्तिकर्ता कंपनियों के प्रतिनिधियों को निदेशित किया गया कि किसी भी परिस्थिति में किसानों को उर्वरक के साथ अन्य उत्पाद की टैगिंग कर बिक्री नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में आपूर्ति किये जाने वाले उर्वरक के उपयोगिता के संबंध में विस्तृत विवरण का बैनर सभी खुदरा उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठान पर प्रदर्शित किया जाय, ताकि किसानों को जानकारी सुलभ हो सके। सभी विनिर्माता/आपूर्तिकर्त्ता कंपनी के प्रतिनिधि एवं विक्रेताओं का प्रशिक्षण-सह-समीक्षा बैठक आयोजित किये जाने हेतु निदेशित किया गया। राज्य के सीमावर्ती जिले में उर्वरक के परिचालन पर विशेष निगरानी रखने हेतु निदेश दिया गया। ताकि उर्वरक के विचलन पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

उप मुख्यमंत्री ने सभी उर्वरक विनिर्माता/आपूर्तिकर्ता कंपनी के पदाधिकारियों को स्पष्ट रूप से निदेश दिया कि राज्य के सभी जिलों में उर्वरक समय पर सही मूल्य पर किसानों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाय तथा शिकायत प्राप्त होने पर गंभीरता के साथ कार्रवाई की जाय। राज्य में ऐसे उर्वरक विक्रेता जो विगत वर्षों में उर्वरक का क्रय विक्रय नही कर रहे हैं, उन्हें चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाय। आवश्कतानुसार नये उर्वरक विक्रेताओं को प्राधिकार पत्र उपलब्ध कराया जाय।

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