Bihar: ऊर्जा क्षेत्र में 13 हजार करोड़ का निवेश, आठ हजार को रोजगार; नवादा में बनेंगे 2120 मेगावाट के पावर हाउस
Bihar Energy Sector Investment: बिहार में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 13 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2120 मेगावाट की पंप स्टोरेज परियोजनाओं पर एमओयू हुआ। छह साल में पूरी होने वाली परियोजनाओं से 8 हजार रोजगार और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
विस्तार
बिहार की नई सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में 13 हजार करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ा महत्वपूर्ण समझौता किया गया है। मंगलवार, 16 दिसंबर 2025 को विद्युत भवन के सभागार में बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड और चयनित एजेंसियों के बीच दो समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव तथा जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी उपस्थित रहे।
उच्चस्तरीय मौजूदगी ने बढ़ाया कार्यक्रम का महत्व
समारोह में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विद्युत विनियामक आयोग के अध्यक्ष आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि और चंद्रशेखर सिंह सहित ऊर्जा विभाग एवं बिजली कंपनियों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। बीएसपीजीसीएल के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार और नॉर्थ बिहार पावर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार की उपस्थिति ने इस आयोजन को प्रशासनिक रूप से भी महत्वपूर्ण बना दिया।
अब तक की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना
ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने परियोजना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह बिहार की अब तक की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच के चलते बिहार में पिछले पांच वर्षों से बिजली आपूर्ति में कोई बड़ी बाधा नहीं आई है। सरकार राज्य के लोगों और उद्योगों को निर्बाध एवं स्वच्छ बिजली देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने निवेशकों से अपील की कि वे बिहार में सर्वे कर अपनी आवश्यकताओं और औद्योगिक योजनाओं को सरकार के समक्ष रखें।
नेट जीरो लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम
ऊर्जा मंत्री ने यह भी कहा कि ये परियोजनाएं केवल राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भारत के नेट जीरो उत्सर्जन लक्ष्य 2070 को हासिल करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल हैं। नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और भंडारण क्षमता के विस्तार से पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
पंप स्टोरेज पॉलिसी-2025 के तहत चयन
राज्य में ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बिहार सरकार ने पंप स्टोरेज पॉलिसी-2025 लागू की है। इसी नीति के तहत बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड ने मेसर्स ग्रीनको एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स सन पेट्रोकेमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया है। यह चयन प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया।
नवादा में बनेंगे दो बड़े पावर हाउस
परियोजना के अंतर्गत नवादा जिले में 1200 मेगावाट और 920 मेगावाट क्षमता के दो पंप स्टोरेज बिजली घर बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं में ऑफ-स्ट्रीम और क्लोज्ड-लूप प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। मानसून के समय जल का भंडारण कर उससे बिजली उत्पादन किया जाएगा, जिससे नदियों के प्राकृतिक प्रवाह पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा और ग्रिड की स्थिरता बनी रहेगी।
13 हजार करोड़ का निवेश, नई सरकार का पहला MoU
बिहार सरकार ने अगले पांच वर्षों में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने की कार्य योजना तैयार की है। उल्लेखनीय है कि नई सरकार के गठन के बाद यह पहला समझौता ज्ञापन है, जिसकी कुल राशि 13 हजार करोड़ रुपये है। ग्रीनको एनर्जीज द्वारा 7800 करोड़ रुपये और सन पेट्रोकेमिकल्स द्वारा 5200 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। दोनों परियोजनाएं चयनित एजेंसियों द्वारा अपने खर्च पर पूरी की जाएंगी।
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समयबद्ध तरीके से पूरा होगा निर्माण
ऊर्जा विभाग के अधीन बीएसपीजीसीएल दोनों एजेंसियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करेगा। परियोजनाओं को छह वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रीनको एनर्जीज के चेयरमैन अनिल कुमार चेल्लमशेट्टी और बीएसपीजीसीएल के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार के बीच पहला एमओयू हुआ, जबकि दूसरी परियोजना के लिए सन पेट्रोकेमिकल्स के प्रबंध निदेशक जिम्मी देसाई और बीएसपीजीसीएल के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार ने समझौता किया।
नीति अधिसूचना के पांच महीने में प्रगति
पंप स्टोरेज परियोजना प्रोत्साहन नीति-2025 के अधिसूचित होने के महज पांच महीनों के भीतर एजेंसी चयन और एमओयू प्रक्रिया पूरी कर ली गई। यह ऊर्जा विभाग की कार्यकुशलता और राज्य सरकार की नीतिगत स्पष्टता को दर्शाता है। परियोजना के निर्माण चरण में लगभग 8 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसके साथ ही राज्य को नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण, उच्चतम मांग प्रबंधन और ग्रिड स्थिरता बनाए रखने की नई क्षमता प्राप्त होगी। इससे उपभोक्ताओं को भविष्य में सस्ती और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध होने की उम्मीद है।
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