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बिहार : उपेंद्र कुशवाहा विधान परिषद के सदस्य मनोनीत, 12 खाली सीटों के नाम की हुई घोषणा
Wed, 17 Mar 2021 03:21 PM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, पटना
Published by: अजय सिंह
Updated Wed, 17 Mar 2021 03:21 PM IST
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उपेंद्र कुशवाहा
- फोटो : ANI
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बिहार विधान परिषद के 12 खाली सीटों के नाम की सरकार ने घोषणा कर दी है। हाल ही में जदयू में शामिल हुए उपेंद्र कुशवाहा को भी राज्यपाल ने विधान परिषद के लिए मनोनीत किया है। इसके साथ ही पूर्व मंत्री अशोक चौधरी, जनक राम, संजय सिंह, रामवचन राय, ललन सराफ, राजेंद्र गुप्ता, देवेश कुमार, प्रमोद कुमार, घनश्याम ठाकुर, निवेदिता सिंह उच्च सदन के लिए मनोनीत किए गए हैं।
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भाजपा और जदयू दोनों ने छह-छह सीटें साझा की हैं। बजट सत्र से पहले नीतीश सरकार के मंत्रिमंडल में देरी के बाद सभी की निगाहें राज्यपाल कोटे से विधान परिषद की 12 सीटों के मनोनयन पर थीं, जो कि मई 2020 से खाली थीं। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने किसी सदन का सदस्य बने बगैर नौ महीने तक मंत्री पद जारी रखने का मुद्दा उठाया था।
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बता दें कि भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव में आखिरी चरण की वोटिंग से पहले नीतीश सरकार के दो मंत्री अशोक चौधरी और नीरज कुमार की कुर्सी छीन गई थी। संवैधानिक बाध्यता के चलते इन दोनों मंत्रियों का पद खत्म किया गया।
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दोनों मंत्रियों की सदस्यता छह मई 2020 को खत्म हो गई थी। बता दें कि संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक, विधानमंडल के किसी सदन का सदस्य रहे बगैर कोई भी छह महीने से ज्यादा मंत्री पद पर रह नहीं सकता। हालांकि अशोक चौधरी फिर से मंत्रिमंडल में शामिल हो गए।
इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन और भाजपा के पूर्व सांसद जनक राम भी कैबिनेट में हैं। जनक राम किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं और उन्हें उच्च सदन में नामित होने की आवश्यकता है। शाहनवाज हुसैन पहले ही विधान परिषद के लिए चुन लिए गए थे। इसके अलावा मुकेश सहनी भी इसी साल जनवरी में विधान परिषद के लिए निर्वाचित हुए थे।