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Bihar : बिहार सरकार के मंत्री ने किया एलान, खुलेंगे 40 नए आवासीय विद्यालय; स्वास्थ्यकर्मी भी होंगे तैनात

Fri, 27 Feb 2026 07:58 PM IST
Krishan Ballabh Narayan न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: Krishan Ballabh Narayan Updated Fri, 27 Feb 2026 07:58 PM IST
सार

Bihar : वर्तमान में बिहार में 91 डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय संचालित है। राज्य सरकार ने 720 सीट की क्षमता वाली 40 नए आवासीय विद्यालय खोलने का निर्णय लिया है। इन नए विद्यालयों को शीघ्र शुरू करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। 

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Bihar Government minister Lakhendra Kumar Roshan announced health workers deployed many residential schools
लखीन्द्र पासवान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में संचालित डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालयों में शीघ्र ही स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इस बात की जानकारी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने दी।  उन्होंने कहा कि एससी-एसटी बच्चों के बेहतर शिक्षा के साथ मूलभूत स्वास्थ्य सुविधा के लिए प्रत्येक एससी-एसटी आवासीय विद्यालयों में स्वास्थ्य कर्मी बहाल किये जाएंगे। वह आवासीय विद्यालयों में 24 घंटे तैनात रहेंगे। साथ ही इन विद्यालयों में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए बहुउद्देशीय वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। होली के अवसर पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने बिहारवासियों को शुभकामनाएं दी। 

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राज्य में 40 नए आवासीय विद्यालय जल्द खुलेंगे
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने कहा कि वर्तमान में बिहार में 91 डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय संचालित है। राज्य सरकार ने 720 सीट की क्षमता वाली 40 नए आवासीय विद्यालय खोलने का निर्णय लिया है। इन नए विद्यालयों को शीघ्र शुरू करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालयों में सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 1 एवं कक्षा 6 में नामांकन के लिए काफी संख्या में आवेदन मिले हैं। जिसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से करीब 1 लाख 3 हजार 195 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें कक्षा 1 के लिए 59 हजार 453 तथा कक्षा 6 के लिए 43 हजार 742 आवेदन शामिल हैं। वर्ग 1 से 11 तक के 25 लाख छात्रों को विभाग के माध्यम से छात्रवृति दी जाती है। मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने कहा कि पिछले कैबिनेट में छात्रवृति को दोगुनी कर दी गई है। राज्य सरकार छात्रों के शैक्षणिक भविष्य के लिए प्रयासरत है। 
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छात्रों को शिक्षण शुल्क के लिए नहीं करनी पड़ेगी चिंता 
 प्रवेशिकोत्तर छात्रवृति योजना की जानकारी देते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग के मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने बताया कि राज्य सरकार से संचालित शिक्षण संस्थानों के अलावा केंद्र से संचालित संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को शिक्षण शुल्क के लिए अब चिंता नही करनी पड़ेगी। सरकार उनके शिक्षण शुल्क सहित सभी अनिवार्य शुल्क का भुगतान करेगी।

मुख्यमंत्री मेधावृति योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 1 लाख 63 हजार 826 एससी-एसटी छात्रों को 164 करोड़ 66 लाख रुपये की राशि दी गई है। इसके साथ विभाग से संचालित 137 छात्रावासों में 10 हजार 663 छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन, आवास, खाद्दान के लिए 15 किलोग्राम आनाज और प्रतिमाह 1 हजार रुपये अनुदान दिया जाता है। जल्द ही इनके अनुदान में वृद्धि की जायेगी। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों के एससी-एसटी टोलों में 48 सौ सामुदायिक भवन का निर्माण किया गया है। शेष बचे टोलों में सर्वे करा कर जल्द ही इसका निर्माण कराया जायेगा।

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