{"_id":"697dfcb71a1f6f0926004c74","slug":"bihar-ganga-bridge-the-new-four-lane-bridge-being-built-parallel-to-the-gandhi-setu-will-be-ready-by-december-2026-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: उत्तर को दक्षिण बिहार से जोड़ने वाला सेतु दिसंबर तक होगा तैयार, इन जिलों के बीच होगी बेहतर कनेक्टिविटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: उत्तर को दक्षिण बिहार से जोड़ने वाला सेतु दिसंबर तक होगा तैयार, इन जिलों के बीच होगी बेहतर कनेक्टिविटी
Sat, 31 Jan 2026 06:29 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Sat, 31 Jan 2026 06:29 PM IST
सार
Ganga Bridge News: पटना से वैशाली की ओर आने और जाने वाले लोगों को गांधी सेतु पर कई बार जाम का सामना करना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए नीतीश सरकार ने गांधी सेतु के समानांतर ही फोर लेन ब्रिज तैयार कर रही है। इसका काम 60 फीसदी तक पूरा हो गया।
विज्ञापन
गांधी सेतु के समानांतर बन रहा नया फोर लेन ब्रिज।
- फोटो : सोशल मीडिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पटना से हाजीपुर के बीच रोजाना सफर करने वालों के लिए राहत भरी खबर है। महात्मा गांधी सेतु पर लगने वाले लंबे जाम से लोगों को जल्द ही निजात मिलने वाली है। पथ निर्माण विभाग की ओर से गांधी सेतु के समानांतर बनाए जा रहे अतिरिक्त फोरलेन ब्रिज का निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा कर लेने का दावा किया गया है। इसके बाद 2027 की शुरुआत में इस पुल को आम यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, नए पुल के चालू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन काफी सुगम हो जाएगा। साथ ही, महात्मा गांधी सेतु पर वाहनों का दबाव कम होने से जाम की समस्या भी स्थायी रूप से खत्म हो सकेगी।
60 फीसदी निर्माण कार्य पूरा
करीब साढ़े चार दशक पहले एनएच-19 पर बने महात्मा गांधी सेतु पर समय के साथ यातायात का दबाव लगातार बढ़ता गया। इसे देखते हुए इसके समानांतर अतिरिक्त फोरलेन ब्रिज के निर्माण का निर्णय लिया गया। केंद्र सरकार की अनुशंसा पर पथ निर्माण विभाग ने वर्ष 2021 में इस परियोजना की शुरुआत की। इस परियोजना के तहत दोनों ओर से 14.5 किलोमीटर लंबी संपर्क सड़कों को जोड़ते हुए करीब 5.5 किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक करीब 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है और कार्य तेजी से प्रगति पर है।
क्या फायदा मिलेगा नया ब्रिज चालू होने से?
नया फोरलेन ब्रिज चालू होने के बाद पटना समेत जहानाबाद, अरवल, गया, औरंगाबाद, नालंदा और नवादा जैसे दक्षिण बिहार के जिलों का सीधा संपर्क उत्तर बिहार के छपरा, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सारण, सीवान और गोपालगंज से और अधिक आसान हो जाएगा। पथ निर्माण विभाग की ओर से कहा गया कि गांधी सेतु के समानांतर पुल आधुनिक तकनीक से पुल को मजबूती के साथ विकसित किया जा रहा है। इस पुल का निर्माण कार्य काफी तेजी से हो रहा है। इससे उत्तर से दक्षिण बिहार के बीच बेहतर कनेक्टिविटी होगी। साथ ही पटना-हाजीपुर के बीच जाम से राहत मिलेगी।
विज्ञापन
महात्मा गांधी सेतु काफी पुराना हो चुका है। इसकी स्थिति को देखते हुए कुछ वर्ष पहले इसके सुपर स्ट्रक्चर में बदलाव भी किया गया था, जिससे पुल को सुरक्षित और यातायात के लिहाज से बेहतर बनाया गया। इसके बावजूद वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता रहा। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए केंद्र सरकार ने गांधी सेतु के समानांतर फोरलेन ब्रिज के निर्माण का सुझाव दिया था। सरकार की ओर से इस परियोजना के लिए 2926.42 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
विज्ञापन
60 फीसदी निर्माण कार्य पूरा
करीब साढ़े चार दशक पहले एनएच-19 पर बने महात्मा गांधी सेतु पर समय के साथ यातायात का दबाव लगातार बढ़ता गया। इसे देखते हुए इसके समानांतर अतिरिक्त फोरलेन ब्रिज के निर्माण का निर्णय लिया गया। केंद्र सरकार की अनुशंसा पर पथ निर्माण विभाग ने वर्ष 2021 में इस परियोजना की शुरुआत की। इस परियोजना के तहत दोनों ओर से 14.5 किलोमीटर लंबी संपर्क सड़कों को जोड़ते हुए करीब 5.5 किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक करीब 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है और कार्य तेजी से प्रगति पर है।
विज्ञापन
क्या फायदा मिलेगा नया ब्रिज चालू होने से?
नया फोरलेन ब्रिज चालू होने के बाद पटना समेत जहानाबाद, अरवल, गया, औरंगाबाद, नालंदा और नवादा जैसे दक्षिण बिहार के जिलों का सीधा संपर्क उत्तर बिहार के छपरा, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सारण, सीवान और गोपालगंज से और अधिक आसान हो जाएगा। पथ निर्माण विभाग की ओर से कहा गया कि गांधी सेतु के समानांतर पुल आधुनिक तकनीक से पुल को मजबूती के साथ विकसित किया जा रहा है। इस पुल का निर्माण कार्य काफी तेजी से हो रहा है। इससे उत्तर से दक्षिण बिहार के बीच बेहतर कनेक्टिविटी होगी। साथ ही पटना-हाजीपुर के बीच जाम से राहत मिलेगी।
विज्ञापन
Bihar: पटना में साढ़े तीन साल की मासूम के साथ हैवानियत; घर के पास खेल रही थी, सुनसान जगह पर ले जाकर किया ऐसा
गांधी सेतु की पुरानी स्थिति बनी वजहमहात्मा गांधी सेतु काफी पुराना हो चुका है। इसकी स्थिति को देखते हुए कुछ वर्ष पहले इसके सुपर स्ट्रक्चर में बदलाव भी किया गया था, जिससे पुल को सुरक्षित और यातायात के लिहाज से बेहतर बनाया गया। इसके बावजूद वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता रहा। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए केंद्र सरकार ने गांधी सेतु के समानांतर फोरलेन ब्रिज के निर्माण का सुझाव दिया था। सरकार की ओर से इस परियोजना के लिए 2926.42 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन