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बिहार: गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का कहर, 16 जिले पूरी तरह से प्रभावित, सीएम ने किया हवाई सर्वे
Thu, 19 Aug 2021 07:05 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, पटना
अमर उजाला ब्यूरो, पटना
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 19 Aug 2021 07:05 AM IST
सार
- बाढ़ का कहर झेल रहे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को पूर्णिया और कटिहार जिले का हवाई सर्वेक्षण एवं दौरा किया
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सीएम नीतीश ने बाढ़ प्रभावति क्षेत्र का दौरा किया
- फोटो : ANI
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विस्तार
बिहार में बाढ़ के कहर से 16 जिले पूरी तरह से प्रभावित हैं। कई नेशनल हाईवे पर बाढ़ का पानी चढ़ चुका है। सड़क मार्ग से संपर्क भंग हो चुका है। बाढ़ से लाखों लोग प्रभावित हैं। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से कई जगह नुकसान हुआ है।
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बाढ़ का कहर झेल रहे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को पूर्णिया और कटिहार जिले का हवाई सर्वेक्षण एवं दौरा किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित गर्भवती महिलाओं का आश्रय स्थल, आंगनबाड़ी केंद्र में प्रभावित परिवारों के बच्चों को पढ़ने की सुविधा, कोरोना जांच, वैक्सीनेशन की व्यवस्था, नि:शुल्क दवा वितरण केंद्र, पशु आश्रय स्थल एवं सामुदायिक रसोई के प्रबंधन का जायजा लिया।
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मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत शिविर में रह रहे लोगों से सामुदायिक रसोई में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता के संबंध में पूरी जानकारी ली। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ राहत शिविर में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की कोरोना जांच कराएं। कोरोना संक्रमित पाए जाने वाले व्यक्तियों को आइसोलेशन में रखा जाए।
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बाढ़ राहत शिविर में रह रहे लोगों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का एरियल सर्वे करने के बाद जमीन पर जाकर प्रभावित लोगों के लिए चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्य का जायजा ले रहे हैं। गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण कटिहार का क्षेत्र भी प्रभावित हुआ है। वर्ष 2016 में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से काफी क्षेत्र प्रभावित हुआ था। इस बार जलस्तर वर्ष 2016 से थोड़ा कम है, लेकिन क्षेत्र कम प्रभावित नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में भी हम यहां आए थे। कटिहार में लोगों को भोजन देने के साथ-साथ उनके अलग से रहने की व्यवस्था की जा रही है। सभी लोगों को हर प्रकार से राहत देना है। प्रभावित परिवारों को सभी प्रकार से मदद दी जा रही है। छह हजार रुपये प्रति परिवार दिये जाते हैं। साथ ही खेती में भी जो नुकसान हुआ है, उसका भी हमलोग आकलन कर उनकी मदद करते हैं। अभी सभी लोगों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ उनकी मदद की जा रही है। लोगों की कोरोना जांच एवं वैक्सिनेशन कराने का काम किया जा रहा है। सभी राहत शिविरों में यह काम किया जा रहा है। अगर महिला गर्भवती है तो उसका भी ख्याल रखा जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नदियों के जलस्तर की रोजाना रिपोर्ट लेते हैं। कितना जलस्तर बढ़ा, कितना क्षेत्र प्रभावित हुआ, कितनी आबादी प्रभावित हुई इन सब चीजों की जानकारी ली जाती है। इसके बावजूद स्थल पर जाकर देखने से मुझे संतोष होता है। लोगों से बातचीत करते हैं, उनकी बातें सुनते हैं और व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हैं। उनकी स्थिति को देखकर जो भी सहायता की जरूरत होती है, उस पर त्वरित काम किया जाता है।
कोई ऐसा वर्ष नहीं है जब हम कटिहार नहीं आए हों, हम हमेशा कटिहार आते हैं। उन्होंने कहा कि हमलोग पूरी कोशिश करते हैं कि समस्याओं का समाधान हो। बाढ़ ऐसी चीज है जिसके बारे में आप दावा नहीं कर सकते कि आप हर चीज सुरक्षित कर लेंगे। जल संसाधन विभाग से लगातार हम इसकी समीक्षा करते रहते हैं। स्थायी रुप से जिन इलाकों का समाधान हो सकता है उसके लिए भी हम काम कर रहे हैं।