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Bagwani Mahotsav 2025: बिहार की अर्थव्यवस्था में बागवानी की अहम भूमिका, जानें कार्यक्रम से जुड़ी हर एक डिटेल
Fri, 03 Jan 2025 04:31 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: अरविंद कुमार
Updated Fri, 03 Jan 2025 04:31 PM IST
सार
Bagwani Mahotsav 2025: राजधानी पटना के गांधी मैदान में तीन से पांच जनवरी तक बागवानी महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। कृषि मंत्री मंगल पांडेय ने इसका उद्घाटन किया। कार्यक्रम में छत पर बागवानी योजना, तकनीकी सत्र, पुष्प सज्जा और बिहारी व्यंजनों जैसे आकर्षण हैं।
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Bagwani Mahotsav 2025
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सूबे के कृषि मंत्री मंगल पाण्डेय ने गांधी मैदान पटना में आयोजित तीन दिवसीय बागवानी महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर संजय कुमार अग्रवाल, सचिव, कृषि विभाग, बिहार ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अपने संबोधन में कृषि मंत्री पांडेय ने कहा कि रंग-बिरंगे फल, फूल, सब्जी एवं अन्य बागवानी उत्पादों से सुसज्जित बागवानी महोत्सव 2025 कृषकों के उत्साह का गवाह है।
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उन्होंने कहा, कृषि बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो राज्य के आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्रिया-कलापों का आधार है। बिहार की अर्थव्यवस्था में बागवानी खासकर फल, फूल, सब्जी, मसाला आदि की भूमिका अहम साबित हो रही है। 2005 के समय राज्य में प्रतिव्यक्ति आय सात हजार 500 के करीब थी। वहीं, आज इस राज्य की प्रति व्यक्ति आय 66 हजार हो गई है। 20 वर्षों में माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में लगभग आठ गुना से अधिक प्रतिव्यक्ति आय बढ़ी है, जिसमें किसानों की बढ़ी आय का बड़ा योगदान रहा है। यदि हम सभी राज्य को सुखी व समृद्ध बनाना चाहते हैं, तो बागवानी के माध्यम से किसानों को समृद्ध कर उस लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं।
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इस मौके पर कृषि मंत्री ने एक अहम घोषणा की है कि बिहार में शहद के उत्सादन एवं प्रोत्साहन नीति कृषि विभाग शीघ्र बनाएगी, जिसे सरकार राज्यभर में बढ़ावा देगी। खासकर भूमिहीन किसानों को शहद उत्पादन से जोड़ने की पहल को लेकर नीति बनायी जाएगी। भूमिहीन किसाना मधुमक्खी पालन कर खुद को सशक्त बनाएंगे। सूर्यमुखी, सहजन, सरसों, लीची जैसे फल- फूलों के शहद का उत्पादन करने की नीति बनेगी।
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मंत्री पांडेय ने कहा कि महोत्सव में सिर्फ बागवानी उत्पादों का प्रदर्शनी ही नहीं, बल्कि फल, फूल, सब्जी के बीज, बीचड़ा, पौधा, बागवानी उपकरण, मधु, मखाना, मशरूम, चाय आदि की बिक्री की भी व्यवस्था की गई है। बिहार में कुल 13.50 लाख हेक्टेयर में बागवानी की फसलों की खेती की जाती है, जिससे करीब 286.45 लाख मीट्रिक टन फल, फूल, सब्जी आदि बागवानी उत्पाद का उत्पादन होता है, जिसे आने वाले समय में और बढ़ाने का लक्ष्य है। कृषि रोडमैप के लक्ष्य से आगे बढ़कर भी सोचने की जरुरत है।
मंत्री ने कहा, सालाना लक्ष्य निर्धारित करने की दिशा में भी हम सोच सकते हैं। हमें 2025 में बागवानी का लक्ष्य बढ़ाकर 18 लाख हेक्टेयर एवं 2026 में इसे बढ़ाकर 20 लाख हेक्टेयर पर ले जाने का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। राज्य बागवानी के क्षेत्र में बिहार लगातार आगे की ओर बढ़ रहा है। आज हमारे कृषक पारंपरिक बागवानी फसलों के साथ-साथ उच्च बाजार मूल्य वाले एक्जोटिक फल, ड्रैगन फ्रूट्स, स्ट्रॉबेरी आदि की खेती कर रहे हैं।
पांडेय ने कहा कि इन उत्पादों का उचित भंडारण हो, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्द्धन हो, बाजार की सुलभ उपलब्धता हो, कृषि विभाग इस दिशा में तीव्र गति से कार्य कर रही है। इस कड़ी में राज्य सरकार के द्वारा कृषि विभाग के अन्तर्गत कृषि विपणन निदेशालय का गठन किया गया है। जिसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध करवाना, किसानों को बाजार की व्यवस्था उपलब्ध करवाना, किसानों के उत्पादों में मूल्य संवर्द्धन करवाना, भंडारण की सुविधा, बेहतर पैकेजिंग आदि की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाना है। बागवानी महोत्सव में सभी जिलों से करीब 1500 कृषकों ने 14 हजार से ज्यादा प्रदर्शों के साथ भाग लिया है। बागवानी महोत्सव में प्रदर्शनी में लगभग 60 स्टॉल लगाये गये हैं, जहां से दर्शक बंधु मनपसन्द फल, फूल, सब्जी के बीज/बिचड़ा, पौधा, गमला, मधु, मखाना, मशरूम आदि खरीद भी सकते हैं।
विभाग के सचिव संजय अग्रवाल ने बताया कि महोत्सव के आयोजन का उद्देश्य बाजारोन्मुख बागवानी उत्पादों के गुणवत्तायुक्त उत्पादन हेतु कृषकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्द्धा बढ़ाना है। वहीं बागवानी के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकी उपकरण से रूबरू कराना तथा कृषकों को उनके उत्पादों का सही मूल्य प्राप्त हो इसके लिए निर्यात प्रोत्साहन हेतु कृषकों एवं व्यापारियों को एक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर इनके अलावे अभिषेक कुमार, निदेशक उद्यान, आलोक रंजन घोष, एमडी, बिहार राज्य बीज निगम, अमिताभ सिंह, आप्त सचिव, स्वास्थ्य मंत्री, संतोष कुमार उत्तम, निदेशक पीपीएम, वीरेंद्र प्रसाद यादव, विशेष सचिव,कृषि विभाग, पद्मश्री से सम्मानित किसान चाची राजकुमारी देवी, मनोज कुमार, संयुक्त सचिव समेत कई अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।