तीन दिन से घर में फंसे डिप्टी सीएम का बचाव, केंद्रीय मंत्री बोले 'हथिया' नक्षत्र के कारण आई बाढ़
- बिहार में बाढ़ से बेहाल हैं लोग, जनजीवन अस्त व्यस्त
- तीन दिन से पुश्तैनी घर में फंसे थे डिप्टी सीएम सुशील मोदी
- सोमवार की दोपहर एनडीआरएफ ने कराया रेस्क्यू, मिली राहत
- केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने हथिया नक्षत्र को जिम्मेदार ठहराया
विस्तार
बिहार में पिछले चार दिनों से हो रही भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात में अबतक 29 लोगों की मौत हो चुकी है। पटना में कुछ इलाकों को छोड़ दिया जाए तो पूरी राजधानी में जलजमाव और बाढ़ जैसी स्थिति है। प्रदेश के 14 जिलों में रेड अलर्ट घोषित है।
पटना में जनता तो बेहाल है ही, नेता और मंत्री भी परेशान हैं। मंत्री प्रेम कुमार, सांसद राजीव प्रताप रूडी समेत कई नेताओं के आवास में पानी भरा हुआ है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी तीन दिन से राजेंद्रनगर स्थित अपने पुश्तैनी घर में फंसे हुए थे, जिन्हें बचाव दल से निकाला।
#WATCH: Bihar Deputy Chief Minister Sushil Modi who was stranded at his residence in Patna, rescued by National and State Disaster Response Forces personnel. #BiharFlood pic.twitter.com/WwdbAcTWy6
— ANI (@ANI) September 30, 2019
इधर, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने बारिश और बाढ़ के लिए हथिया नक्षत्र को जिम्मेदार ठहराया है। इसके साथ ही उन्होंने नगर की निगम की बदहाली को लेकर कहा कि विपक्ष इस पाप का भागी है। अश्विनी चौबे ने कहा कि बिहार में कुछ दिनों से जो मूसलाधार बारिश हो रही है, ये हथिया नक्षत्र की बारिश बड़ी गंभीर हो जाती है। बारिश ने प्राकृतिक आपदा का रूप ले लिया है। इसी के कारण बाढ़ आई है। इस स्थिति से निबटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है।
Union Minister Ashwini Choubey: Bihar mein pichle kuch dino se jo musladhar baarish ho rahi ye 'hathiya nakshatra' ki barish badi hi gambhir ho jata hai. Baarish ne prakrikit apada ka roop le liya hai. Sarkar is se puri tarah nipat ne ke liye taiyaar hai. #Biharfloods pic.twitter.com/hhDINK4Tni
— ANI (@ANI) September 30, 2019
तेजस्वी यादव ने पूछा- हालात का जिम्मेदार कौन
राजधानी पटना समेत राज्य के 15 जिलों में बारिश और बाढ़ जैसे हालात पर राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि 15 वर्ष से बिहार चला रहे नीतीश कुमार से सीधे सवाल पूछे जाने चाहिए? नीतीश कुमार बताएं सीवरों की सफाई क्यों नहीं हुई? 15 वर्ष से ड्रेनेज का फंड किसने ड्रेन किया?
Bihar CM must issue a white paper detailing every expenditure made in last 15 years in the name of urban development, sewerage system, drainage infrastructure & disaster management!
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) September 30, 2019
As always he is blaming weather, nature, Nakshtra & opposition for his 15 years failure.
उन्होंने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की लापरवाही और भ्रष्टाचार का जिम्मेवार बारिश, नक्षत्र और विपक्ष है? नैतिकता का ढोल बजाने वाले सीएम कहां हैं?
रविशंकर बोले- बिहार सरकार के पीछे खड़ी है केंद्र सरकार
केंद्रीय मंत्री और पटना साहिब से सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बिहार में प्राकृतिक आपदा है। कोई परेशान न हों, जो जहां भी फंसे हैं, उनका रेस्क्यू कराया जाएगा। बिहार सरकार के पीछे भारत सरकार खड़ी है। हर संभव मदद की जाएगी। केंद्र सरकार मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।राहुल गांधी ने जताई संवेदना, कार्यकर्ताओं से मदद करने को कहा
#BiharFloods से हालात बेकाबू हो गए हैं और कई लोगों की मौत के समाचार हैं।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 30, 2019
जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे प्रभावित लोगों के राहत और बचाव कार्य में तत्काल जुट जाएं।https://t.co/fENamcnzsR
सीएम नीतीश बोले- एकजुट होकर कर रहे काम
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को पटना में जलजमाव वाले इलाकों का दौरा करने के बाद कहा था कि यह हमारे हाथ में नहीं था। राज्य सूखे की स्थिति में था और अब बाढ़ आ गई। आपदाओं में हम पीड़ितों की हर संभव सहायता का प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने कहा था कि प्रदेश में लगातार भारी बारिश हो रही है। कोई सूचना नहीं है कि कब रुकेगी। मौसम विभाग भी सटीक अनुमान नहीं लगा पा रहा है। इससे मुश्किलें तो पैदा हो रही हैं, लेकिन हर जगह आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन एकजुट होकर काम कर रहा है।
फिलहाल राजधानी पटना समेत प्रदेश के 15 जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त है। रोजमर्रा की जिंदगी में लोग किसी तरह अपनी जरुरतें पूरी कर पा रहे हैं। लोगों को प्रशासन और सरकार से राहत और बचाव कार्य तेज करने की उम्मीद है।