लालू के बेटे बने डिप्टी सीएम, जानें कौन-कौन बने मंत्री
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शुक्रवार की दोपहर शपथ ग्रहण के बाद शाम तक नीतीश कुमार ने अपने मंत्रीमंडल की घोषणा कर दी। लालू के बेटों को लेकर जैसे की राजनीतिक कयास लगाए जा रहे थे वैसा ही हुआ। लालू के छोटे बेटे तेजस्वी को बिहार का उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। कैबिनेट में जदयू, राजद और कांग्रेस तीनों ही पार्टियों के विधायकों को मंत्री बनाया गया है।
उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ लालू के दोनों बेटों को बड़े मंत्रालय दिए गए हैं। लालू के बेटे तेज प्रताप को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है तो वहीं तेजस्वी को सड़क और निर्माण मंत्रालय दिया गया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृह मंत्रालय अपने पास ही रखा है। बाकी मंत्रियों में लल्लन सिंह को जल संशाधन मंत्री बनाया गया है। राम विचार राय को कृषि मंत्रालय दिया गया है। अब्दुल गफूर को अल्संख्यक विभाग दिया गया है।
नीतीश कुमार की कैबिनेट में चंद्रिका राय को परिवहन मंत्री बनाया गया है। कृष्ण नंदन वर्मा को कानून मंत्रालय का प्रभार दिया गया है। अनीता देवी को पर्यटन, शैलेश कुमार को ग्रामीण मंत्री का काम सौंपा गया है।
विजय प्रकाश को श्रम मंत्रालय दिया गया है। अवधेश सिंह को पशुपालन मंत्रालय का प्रभार मिला है। महेश्वरी हजारी को नगर विकास विभाग मिला है। मदन मोहन झा को राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्रालय दिया गया है तो वहीं चन्द्र शेखर को आपदा प्रबंधन का प्रभार दिया गया है।
इसके पहले दोपहर दो बजे बिहार में नई सरकार का गठन हो गया। राज्य के मुखिया के तौर पर नीतीश कुमार ने पांचवी बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
उनके तुरंत बाद लालू के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने भी शपथ ली। तेजस्वी यादव के बाद उनके बड़े भाई तेज प्रताप ने शपथ ली, लेकिन इस दौरान उनकी एक छोटी सी गलती के कारण उन्हें दोबारा शपथ लेनी पड़ी। चौथे नंबर पर लालू के खास और राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने संविधान की शपथ ली।
शपथ ग्रहण के दौरान लालू यादव की बेटियों सहित पूरा परिवार वहां मौजूद रहा। लालू अपने परिवार के साथ नीतीश कुमार से पहले ही मंच पर पहुंच चुके थे। इसके अलावा नीतीश कुमार के बेटे निशांत भी इस दौरान मंच पर मौजूद रहे। देशभर के राजनीतिक दिग्गज भी इस दौरान मंच पर लालू यादव के साथ मौजूद रहे।
नीतीश सरकार में किस दल से कौन-कौन बना मंत्री
पढ़िए, नीतीश मंत्री परिषद की पूरी सूची
- जेडीयू के मंत्रियों के नाम (12)
- नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री
- विजेंद्र प्रसाद यादव
- राजीव रंजन सिंह उर्फ लल्लन सिंह
- श्रवण कुमार
- जयकुमार सिंह
- कृष्णनंदन प्रसाद
- महेश्वर हजारी
- शैलेश कुमार
- कुमारी मंजू वर्मा
- संतोष कुमार निराला
- मदन सहनी
- कपिलदेव कामथ
- खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद
राजद के मंत्रियों के नाम (12)
- तेजस्वी प्रसाद यादव
- तेज प्रताप यादव
- अब्दुल बारी सिद्दीकी
- आलोक कुमार मेहता
- चंद्रिका राय
- रामविचार राय
- शिवचंद्र राम
- डॉ अब्दुल गफूर
- चंद्रशेखर
- मुनेश्वर चौधरी
- अनीता देवी
- विजय प्रकाश
कांग्रेस के मंत्रियों के नाम (4)
- अशोक चौधरी
- अवधेश कुमार सिंह
- अब्दुल जलील मस्तान
- मदन मोहन झा
अब्दुल जलील मस्तान भी बने मंत्री
इसके बाद कांग्रेस नेता अवधेश सिंह ने भी मंत्री पद की शपथ ली। राजपूत जाति से आने वाले अवधेश सिंह गया जिले की वजीरगंज सीट से जीतकर आए हैं। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार को हराया है।
जेडीयू नेता कृष्णनंदन वर्मा ने भी मंत्री पद की शपथ ली। वर्मा जहानाबाद जिले की घोसी सीट से जीते हैं। खास बात ये है कि इस सीट पर पूर्व विधायक जगदीश शर्मा के परिवार का पिछले तीस साल से कब्जा था। कृष्णनंदन वर्मा ने जगदीश शर्मा के बेटे को हराया।
कांग्रेस विधायक अब्दुल जलील मस्तान भी मंत्री बने। पूर्णिया जिले की अमौर सीट से तीसरी बार विधायक बने अब्दुल जलील को सीमांचल में कांग्रेस का बड़ा मुस्लिम चेहरा माना जाता है।
आरजेडी के रामविचार राय ने भी मंत्री पद की शपथ ली। उनकी पहचान राजद के बाहुबली चेहरा के तौर पर होती है। मुजफफरपुर जिले की साहेबगंज सीट से चौथी बार विधायक बने हैं। पूर्व में लालू राबड़ी सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।
आरजेडी के शिवचंद राम ने भी मंत्री पद की शपथ ली। लालू की पार्टी का दलित चेहरा माना जाता है। आरजेडी युवा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
आरजेडी के मुनेश्वर चौधरी को भी मंत्री बनाया गया। बीजीपी के ज्ञानचंद मांझी को हराया कर वह विधानसभा में पहुंचे हैं।
राजीव रंजन सिंह ने भी ली शपथ
इसके बाद भूमिहार नेता और विधान परिषद सदस्य राजीव रंजन सिंह उर्फ लल्लन सिंह ने मंत्रीपद की शपथ ली। लल्लन सिंह जेडीयू के बिहार प्रदेश के अध्यक्ष और सांसद भी रह चुके हैं।
जेडीयू से श्रवण कुमार ने ली मंत्री पद की शपथ, नीतीश सरकार में संसदीय कार्य मंत्री थे। नालंदा से छठी बार विधायक बने हैं। 1995 में पहली बार विधायक बने थे। नीतीश इन पर काफी भरोसा करते हैं।
जेडीयू के जय कुमार सिंह ने भी मंत्री पद की शपथ ली। रोहताश जिले की दिनारा सीट से जीते हैं। पिछली सरकार में सहकारिता मंत्री थे। राजपूत जाति से आने वाले जय कुमार सिंह बीजेपी के मुख्यमंत्री पद के दावेदार कहे जा रहे राजेन्द्र सिंह को हराकर बड़ी जीत दर्ज की।
आरजेडी के आलोक मेहता ने भी मंत्री पद की शपथ ली। युवा आरजेडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मेहता समस्तीपुर से जीते हैं। समस्तीपुर से सांसद भी रह चुके हैं। कोइरी जाति के बड़े नेता माने जाते हैं।
पूर्व मंत्री और आरजेडी नेता चंद्रिका राय ने भी मंत्री पद की शपथ ली। राय सारण जिले की परसा सीट से जीतकर आए हैं और छठी बार विधायक बने हैं। बिहार के दिग्गज नेता दरोगा राय के पुत्र चंद्रिका राय को प्रोद्यौगिकी का अच्छा जानकार माना जाता है।
मंजू वर्मा और अनीता देवी भी बनीं मंत्री
कांग्रेस के मदन मोहन झा ने भी मंत्री पद की शपथ ली। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष झा दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य हैं।
जेडीयू विधायक शैलेश कुमार भी मंत्री बने हैं। शैलेश मुंगेर की जमालपुर सीट से जीते हैं। पूर्व में इस सीट से कई बार जीत चुके हैं।
जेडीयू विधायक कुमारी मंजू वर्मा भी मंत्री बनीं है। उन्हें महिला कोटे से मंत्री बनाया गया है। बेगूसराय जिले की चेरिया बेरियारपुर सीट से जीती हैं।
जेडीयू की अनीता देवी ने कई बार के विधायक रहे भाजपा नेता और प्रवक्ता रामेश्वर चौरसिया को मात दी। पहली बार जीती अनीता देवी को भी मंत्री बनाया गया। अति पिछड़े वर्ग से आने वाली अनीता देवी को काफी शिक्षित माना जाता है।
जेडीयू विधायक संतोष निराला भी मंत्री बने। जेडीयू के दलित चेहरे के तौर पर पहचान रखने वाले बक्सर जिले की राजपुर सीट से जीते हैं। पूर्व में भी विधायक रह चुके हैं।
मुलायम के परिवार से नहीं हुआ कोई शामिल
लगभग सवा तीन बजे के करीब शपथ ग्रहण समारोह खत्म हुआ। इसके बाद राष्ट्रगान के बाद सभी नेताओं ने विदा ली। खास बात ये रही कि जहां नीतीश कुमार के बुलावे पर देशभर के नेता उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए वहां प्रमुख समाजवादी नेता और सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव की अनुपस्थिति हर किसी के लिए चर्चा की वजह रही। हालांकि इस बात की सूचना पूर्व में ही मिल चुकी थी कि न खुद मुलायम सिंह और न ही उनके परिवार से कोई इस आयोजन में शामिल होगा।
यहां तक की लालू यादव के दामाद और मुलायम सिंह के पोते तेज प्रताप यादव भी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। हालांकि इस दौरान नीतीश कुमार देशभर के दिग्गजों को एक मंच पर लाने में जरूर सफल रहे। इनमें कई चेहरे तो ऐसे भी रहे जो एक दूसरे के धुर विरोधी होने के बावजूद भी एक मंच पर मौजूद रहे।
उनके बुलावे पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौडा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, असम के मुख्यमंत्री तरुण गागोई, पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल, कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुला और उमर अब्दुल्ला, कांग्रेस नेता अजीत जोगी, रालोद मुखिया अजीत सिंह, वाम मोर्चा के महासचिव सीताराम येचुरी, भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री वैंकया नायडू, सुशील मोदी, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे आदि शामिल रहे।
सुरक्षा व्यवस्था रही पुख्ता
वहीं शपथ ग्रहण को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बिहार पुलिस के तीन हजार के करीब जवान इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को संभालने में व्यस्त रहे। इसके अलावा पूरे गांधी मैदान में चालीस से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।
राहुल को लाने के चक्कर में शपथ नहीं ले सके चौधरी
शपथ ग्रहण के दौरान एक मजेदार बात हुई। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी निर्धारित समय से गांधी मैदान में शपथ ग्रहण के लिए नहीं पहुंच सके। बताया जाता है कि उनका विमान निर्धारित समय से डेढ़ घंटे देरी से पहुंचा। ऐसे में उनके स्वागत के लिए एयरपोर्ट पर जमे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी समय से गांधी मैदान नहीं पहुंच सके।
उनका नाम भी शपथ लेने वालों की सूची में शामिल था। लेकिन राहुल गांधी के कारण वह शपथ नहीं ले सके। हालांकि राहुल गांधी 2.45 के करीब गांधी मैदान पहुंच गए। उसके बाद उन्होंने मंच पर मौजूद सभी लोगों से हाथ मिलाकर उनका अभिवादन किया।