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बिहार के सीमांचल में बाढ़ के हालात गंभीर, नीतीश ने पीएम मोदी से की बात
एजेंसी/ भाषा
Updated Sun, 13 Aug 2017 09:49 PM IST
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PM Modi, CM nitish kumar
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पड़ोसी देश नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले 72 घंटे से लगातार हो रही भारी वर्षा और बिहार के सीमांचल जिलों पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज में पिछले 24 घंटों से हो रही वर्षा के कारण उत्पन्न हुई बाढ़ की स्थिति का आकलन करने के साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह एवं रक्षा मंत्री अरूण जेटली से दुरभाष पर बात की और उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया तथा सभी संभव सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया ।
मुख्यमंत्री ने पटना स्थित विद्यापति भवन में एक कार्यक्रम में कहा कि नेपाल में हो रही भारी बारिश तथा बिहार के कई जिलों में पिछले 24 घंटे से हो रही भारी वर्षा के कारण कई नदियां उफान पर हैं। चारों तरफ पानी ही पानी, गांवों में पानी भर गया है।उन्होंने कहा कि इस समस्या पर कल शाम से ही नजर रखी जा रही है। कल शाम तथा आज सुबह से ही सभी इंतजामों पर मैं नजर रखे हुये हूं। एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ की कम्पनी जो बिहार में उपलब्ध थी, उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। इसके अलावा अतिरिक्त एनडीआरएफ कम्पनी की मांग केन्द्र सरकार से की गयी है।
मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री तथा रक्षा मंत्री से दूरभाष पर बात की है। सुबह से ही सभी अधिकारियों के साथ बैठक करके आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इससे पूर्व अपने आवास पर भारी वर्षा के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति पर एक आपात बैठक की।
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बैठक में जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव अरूण कुमार सिंह, गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार एवं सचिव अतीश चन्द्रा सहित जल संसाधन विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
इस बैठक के बाद मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सम्पूर्ण स्थिति के बारे में जायजा लिया है और युद्धस्तर पर बचाव एवं राहत कार्य चलाने एवं प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने केंद्र से एनडीआरएफ की 10 अतिरिक्त टुकड़ियों की मांग की है। साथ ही बचाव एवं राहत कार्य हेतु वायुसेना के हेलीकाप्टर की तैनाती का अनुरोध किया है। प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों के जनप्रतिनिधियों से भी बातचीत करके सम्पूर्ण स्थिति की जानकारी प्राप्त की।
यह भी पढ़ें- पहले ही लिखी जा चुकी थी नीतीश-बीजेपी के गठबंधन की स्क्रिप्ट- शरद यादव
सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिले के प्रभारी सचिवों को हवाई मार्ग से अपने-अपने जिलों में पहॅुचकर कैम्प करने का निर्देश दिया साथ ही अपने-अपने जिलों में राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सेना की सहायता प्राप्त करने का भी निर्देश दिया तथा राज्य में तैनात एनडीआरएफ के अतिरिक्त बल को प्रभावित इलाकों में तुरंत पहॅुचने का निर्देश दिया है।मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बाढ़ में फंसे हुये लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहॅुचाने का निर्देश दिया है। सम्पूर्ण स्थिति पर मुख्यमंत्री अपनी नजर बनाये हुये हैं।
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मुख्यमंत्री ने पटना स्थित विद्यापति भवन में एक कार्यक्रम में कहा कि नेपाल में हो रही भारी बारिश तथा बिहार के कई जिलों में पिछले 24 घंटे से हो रही भारी वर्षा के कारण कई नदियां उफान पर हैं। चारों तरफ पानी ही पानी, गांवों में पानी भर गया है।उन्होंने कहा कि इस समस्या पर कल शाम से ही नजर रखी जा रही है। कल शाम तथा आज सुबह से ही सभी इंतजामों पर मैं नजर रखे हुये हूं। एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ की कम्पनी जो बिहार में उपलब्ध थी, उन्हें प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। इसके अलावा अतिरिक्त एनडीआरएफ कम्पनी की मांग केन्द्र सरकार से की गयी है।
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मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री तथा रक्षा मंत्री से दूरभाष पर बात की है। सुबह से ही सभी अधिकारियों के साथ बैठक करके आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इससे पूर्व अपने आवास पर भारी वर्षा के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति पर एक आपात बैठक की।
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बैठक में जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, ऊर्जा मंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव अरूण कुमार सिंह, गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार एवं सचिव अतीश चन्द्रा सहित जल संसाधन विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
इस बैठक के बाद मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सम्पूर्ण स्थिति के बारे में जायजा लिया है और युद्धस्तर पर बचाव एवं राहत कार्य चलाने एवं प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने केंद्र से एनडीआरएफ की 10 अतिरिक्त टुकड़ियों की मांग की है। साथ ही बचाव एवं राहत कार्य हेतु वायुसेना के हेलीकाप्टर की तैनाती का अनुरोध किया है। प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों के जनप्रतिनिधियों से भी बातचीत करके सम्पूर्ण स्थिति की जानकारी प्राप्त की।
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सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिले के प्रभारी सचिवों को हवाई मार्ग से अपने-अपने जिलों में पहॅुचकर कैम्प करने का निर्देश दिया साथ ही अपने-अपने जिलों में राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सेना की सहायता प्राप्त करने का भी निर्देश दिया तथा राज्य में तैनात एनडीआरएफ के अतिरिक्त बल को प्रभावित इलाकों में तुरंत पहॅुचने का निर्देश दिया है।मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बाढ़ में फंसे हुये लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहॅुचाने का निर्देश दिया है। सम्पूर्ण स्थिति पर मुख्यमंत्री अपनी नजर बनाये हुये हैं।
बिहार में बारिश के कारण पैदा हुए बाढ़ के हालात
उन्होंने कहा कि बिहार में बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति पैदा हो गयी है और जो यातायात के तंत्र थे वे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं । जिला मुख्यालय का प्रखंडों से संपर्क टूट गया है । हालांकि जो मुख्य हाइवे हैं उस पर पानी नहीं चढ़ा है लेकिन प्रखंडों को मुख्यालय से जोड़ने वाली सडकें प्रभावित हुई हैं ।
सिंह ने कहा कि हम लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना, उनके भोजन और आवास की व्यवस्था करना तथा उनके घर संपत्ति की रक्षा करना है।
उन्होंने कहा कि जो अप्रत्याशित स्थिति पैदा हुई है उससे निपटने के लिए हमलोगों ने कदम उठाए हैं ।सिंह ने कहा कि एनडीआरएफ की पहुंच रही चार टीमों को पूर्णिया के लिए रवाना कर दिया जाएगा ।उन्होंने बताया कि बचाव कार्य के लिए वायुसेना के गोरखपुर बेस से हेलीकप्टर की मांग की गई है। वहां से भी सहायता पहुंचने वाली है ।
उन्होंने कहा कि वैसे सामान्य बाढ़ की तैयारी पूर्व से थी ही लेकिन भारी बारिश और तेज हवा को देखते हुए छोटी नौका के परिचालन में होने वाली कठिनाई को देखते हुए बचाव कार्य में एनडीआरएफ की विशेष नौका का उपयोग किया जाएगा । उन्होंने कहा कि किशनगंज में शुरू किए गए सात राहत शिविरों में भी पानी प्रवेश कर गया है और वहां के लोगों को भी अब ऊंचे स्थानों पर पहुंचाना है ।
सिंह ने बताया कि मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक अब बारिश में धीरे धीरे कमी आएगी लेकिन वर्तमान में उत्पन्न भयावह बाढ़ की स्थिति से निपटना होगा ।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा आज की गयी हालात की समीक्षा के दौरान आवश्यक निर्देश दिए गए हैं ।
सिंह ने प्रभावित जिलों के प्रभारी मंत्रियों से अपने—अपने जिलों में जाने और व्यवस्था की निगरानी करने को कहा गया है । हर जिले के प्रधानसचिव और सचिव स्तर के प्रभारी सचिव होते हैं उन्हें भी हेलीकाप्टर से भेजा गया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा आपदा प्रबंधन विभाग भी स्थिति की निगरानी करता रहेगा ।
सिंह ने कहा कि हम लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना, उनके भोजन और आवास की व्यवस्था करना तथा उनके घर संपत्ति की रक्षा करना है।
उन्होंने कहा कि जो अप्रत्याशित स्थिति पैदा हुई है उससे निपटने के लिए हमलोगों ने कदम उठाए हैं ।सिंह ने कहा कि एनडीआरएफ की पहुंच रही चार टीमों को पूर्णिया के लिए रवाना कर दिया जाएगा ।उन्होंने बताया कि बचाव कार्य के लिए वायुसेना के गोरखपुर बेस से हेलीकप्टर की मांग की गई है। वहां से भी सहायता पहुंचने वाली है ।
उन्होंने कहा कि वैसे सामान्य बाढ़ की तैयारी पूर्व से थी ही लेकिन भारी बारिश और तेज हवा को देखते हुए छोटी नौका के परिचालन में होने वाली कठिनाई को देखते हुए बचाव कार्य में एनडीआरएफ की विशेष नौका का उपयोग किया जाएगा । उन्होंने कहा कि किशनगंज में शुरू किए गए सात राहत शिविरों में भी पानी प्रवेश कर गया है और वहां के लोगों को भी अब ऊंचे स्थानों पर पहुंचाना है ।
सिंह ने बताया कि मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक अब बारिश में धीरे धीरे कमी आएगी लेकिन वर्तमान में उत्पन्न भयावह बाढ़ की स्थिति से निपटना होगा ।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा आज की गयी हालात की समीक्षा के दौरान आवश्यक निर्देश दिए गए हैं ।
सिंह ने प्रभावित जिलों के प्रभारी मंत्रियों से अपने—अपने जिलों में जाने और व्यवस्था की निगरानी करने को कहा गया है । हर जिले के प्रधानसचिव और सचिव स्तर के प्रभारी सचिव होते हैं उन्हें भी हेलीकाप्टर से भेजा गया है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा आपदा प्रबंधन विभाग भी स्थिति की निगरानी करता रहेगा ।