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Bihar: मुजफ्फरपुर में पहली बार 1100 महिलाएं एक साथ करेंगी यज्ञ, विश्व शांति और हिन्दू राष्ट्र की कामना
Sat, 12 Jul 2025 09:10 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुज्जफरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुज्जफरपुर
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Jul 2025 09:10 PM IST
सार
Bihar: इस महायज्ञ की शुरुआत बीएमपी दुर्गा मंदिर से कलश यात्रा के साथ होगी। पूरा आयोजन 15 जुलाई से 18 जुलाई 2025 तक खादी भंडार सभागार, खादी भंडार रोड, मुजफ्फरपुर में संपन्न होगा।
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महिलाओं के लिए कराया जा रहा यज्ञ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुजफ्फरपुर जिले के खादी भंडार सभागार में पहली बार श्री विद्या त्रिकोटी कुमकुमार्चन महायज्ञ का आयोजन होने जा रहा है। इस तीन दिवसीय महायज्ञ का नेतृत्व स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी जी महाराज करेंगे। खास बात यह है कि इस यज्ञ में केवल महिलाएं और कुंवारी कन्याएं ही भाग लेंगी, जो परिवार, समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए सनातन धर्म की परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का कार्य करेंगी।
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पटना और गया के बाद अब यह महायज्ञ मुजफ्फरपुर में कराने का संकल्प लिया गया है। इसका उद्देश्य विश्व शांति और राष्ट्र चेतना का संदेश जन-जन तक पहुँचाना है। आयोजन समिति ने रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। इस अवसर पर देवांशु किशोर (पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष), भाजपा नेत्री ममता रानी, पूर्व विधायक बेबी कुमारी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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इस महायज्ञ की शुरुआत बीएमपी दुर्गा मंदिर से कलश यात्रा के साथ होगी। पूरा आयोजन 15 जुलाई से 18 जुलाई 2025 तक खादी भंडार सभागार, खादी भंडार रोड, मुजफ्फरपुर में संपन्न होगा। 16 जुलाई को पहली पूजा-अर्चना और विशेष अनुष्ठान होंगे। आयोजन समिति ने बताया कि इस यज्ञ में किसी कथा वाचन का कार्यक्रम नहीं होगा बल्कि वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधियों से यज्ञ की सभी रस्में निभाई जाएंगी।
महिलाओं के साथ कुंवारी कन्याएं भी बड़ी संख्या में इस यज्ञ में भाग लेंगी। यह महायज्ञ सावन माह में शक्ति उपासना के माध्यम से राष्ट्र चेतना को जागृत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार शक्ति स्वरूप 1100 महिलाएं इस महायज्ञ में भाग लेंगी और भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की मांग के संकल्प को सामूहिक रूप से दोहराएंगी।
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी जी महाराज के सान्निध्य में यह महायज्ञ न केवल आध्यात्मिक जागरण का माध्यम बनेगा बल्कि राष्ट्र धर्म और सनातन संस्कृति की रक्षा के संकल्प को भी बल प्रदान करेगा। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे समय पर पहुंचकर इस ऐतिहासिक महायज्ञ को सफल बनाएं और अधिक से अधिक महिलाओं को भाग लेने के लिए प्रेरित करें।