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Bihar: शिक्षकों को सौंपे गए औपबंधिक नियुक्ति पत्र, MLC वंशीधर ब्रजवासी ने विरोध कर कहा- यह सिर्फ नाम परिवर्तन

Sat, 01 Mar 2025 05:24 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Sat, 01 Mar 2025 05:24 PM IST
सार

Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में शिक्षकों को नियुक्ति पत्र बांटे जाने पर एमएलसी वंशीधर ब्रजवासी ने विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति नहीं बल्कि परिवर्तन पत्र है, जिससे शिक्षकों की निरंतरता खत्म हो जाएंगी। अब हम इस मामले को सदन में उठाएंगे।

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Muzaffarpur News: Provisional appointment letters handed over to teachers, MLC Vanshidhar Brajwasi opposed
एमएलसी वंशीधर ब्रजवासी ने नियुक्ति पत्र को बताया नाम परिवर्तन पत्र - फोटो : अमर उजाला

मुजफ्फरपुर जिले के समाहरणालय में शनिवार को शिक्षकों के बीच औपबंधिक नियुक्ति पत्र बांटे गए, जिसमें करीब 100 शिक्षकों को नए सिरे से नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इस दौरान कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉक्टर राजभूषण चौधरी निषाद, एमएलसी वंशीधर ब्रजवासी, डीएम सुब्रत सेन, जदयू एमएलसी दिनेश प्रसाद सिंह और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


 
हालांकि इस प्रक्रिया को लेकर एमएलसी वंशीधर ब्रजवासी ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि यह शिक्षकों के लिए केवल एक ‘नाम परिवर्तन पत्र’ है, जिसमें उनकी सेवा निरंतरता समाप्त कर दी गई है। उन्होंने सरकार के इस कदम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि शिक्षकों को उनकी सेवा निरंतरता के साथ पूर्ण रूप से सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे को बजट सत्र में जोरदार तरीके से उठाने की घोषणा भी की।
 
 

Muzaffarpur News: Provisional appointment letters handed over to teachers, MLC Vanshidhar Brajwasi opposed
विशिष्ट शिक्षकों को बांटे गए नियुक्ति पत्र - फोटो : अमर उजाला

‘सिर्फ नाम बदलने का खेल’, सदन में उठेगा सवाल
जब वंशीधर ब्रजवासी से यह पूछा गया कि क्या नए नियुक्ति पत्र के साथ शिक्षक अब सरकारी कर्मचारी बन गए हैं? तो उन्होंने इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नाम परिवर्तन पत्र है। जैसे कोई मुख्यमंत्री इस्तीफा देकर फिर से मुख्यमंत्री बन जाता है, वैसे ही यह प्रक्रिया अपनाई गई है। शिक्षकों को जो पहले पढ़ा रहे थे, वे अब भी वहीं पढ़ाएंगे, लेकिन उनकी सेवा निरंतरता खत्म कर दी गई है। यह पूरी तरह से शिक्षकों के अधिकारों का हनन है। जिस दिन शिक्षकों ने योगदान दिया, उसी दिन से उनकी सेवा निरंतर होनी चाहिए थी। इस संबंध में मैंने पहले भी सदन में प्रश्न डाला था और अब बजट सत्र में इसे पूरी ताकत से उठाऊंगा। वंशीधर ब्रजवासी ने इस फैसले को शिक्षकों के लिए अन्याय करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को इसे सुधारते हुए शिक्षकों को पूर्णकालिक सरकारी सेवक का दर्जा देना चाहिए।
 

Muzaffarpur News: Provisional appointment letters handed over to teachers, MLC Vanshidhar Brajwasi opposed
विशिष्ट शिक्षकों को बांटे गए नियुक्ति पत्र - फोटो : अमर उजाला

सांसद राजभूषण चौधरी निषाद ने बताया ऐतिहासिक फैसला
हालांकि केंद्रीय मंत्री और मुजफ्फरपुर के सांसद डॉक्टर राजभूषण चौधरी निषाद ने इस पर अलग राय रखी। जब उनसे पूछा गया कि विधान पार्षद इसे सिर्फ नाम परिवर्तन बता रहे हैं, तो उन्होंने इसे गलत धारणा बताया। उन्होंने कहा कि यह हर किसी का अपना नजरिया हो सकता है। लेकिन यह निस्संदेह शिक्षकों के लिए गौरव की बात है कि उन्हें संविदा से हटाकर सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया गया है। पहले ये शिक्षक संविदा कर्मियों की तरह थे, लेकिन अब वे सरकार के अधीन राजकर्मी बन चुके हैं। क्या यह कम बड़ी उपलब्धि है? पूरे बिहार में आज यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है और शिक्षकों को उनके अधिकार मिल रहे हैं। उन्होंने इस फैसले को शिक्षकों के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि सरकार ने उनकी स्थिति को सुधारने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है।
 

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Muzaffarpur News: Provisional appointment letters handed over to teachers, MLC Vanshidhar Brajwasi opposed
विशिष्ट शिक्षकों को बांटे गए नियुक्ति पत्र - फोटो : अमर उजाला

शिक्षकों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले पर शिक्षकों के बीच भी मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ शिक्षक इस फैसले से संतुष्ट नजर आए, क्योंकि उन्हें संविदा से निकालकर सरकारी सेवक का दर्जा मिल रहा है। वहीं, कुछ ने एमएलसी वंशीधर ब्रजवासी की बात का समर्थन किया और कहा कि सेवा निरंतरता खत्म करना उनके लिए नुकसानदायक साबित होगा।
 
एक शिक्षक ने कहा कि हमें सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिलना खुशी की बात है। लेकिन अगर हमारी सेवा निरंतर नहीं मानी गई, तो हमारे पुराने अनुभव और पदोन्नति के अवसर प्रभावित होंगे।

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