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Janmashtami 2025: मुजफ्फरपुर में धूमधाम से मना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, 'जय कन्हैया लाल की' से गूंजा शहर
Sun, 17 Aug 2025 08:33 AM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Sun, 17 Aug 2025 08:33 AM IST
सार
Janmashtami 2025: फलाहारी बाबा मंदिर के प्रधान पुजारी महंत पवन दास ने बताया कि यहां अयोध्या की परंपरा के अनुसार श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाता है। उनका कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही लोगों के दुख-दर्द दूर हो जाते हैं।
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मुजफ्फरपुर में धूमधाम से मनाई गई जन्माष्टमी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भाद्र मास की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के शुभ संयोग पर शनिवार की आधी रात 12 बजते ही मुजफ्फरपुर श्रीकृष्ण की भक्ति में सराबोर हो उठा। शहर से लेकर गांव तक मंदिरों और घरों में भक्त ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ और ‘गोविंदा आला रे’ के जयकारों में झूमते रहे। हर तरफ भक्ति रस का ऐसा माहौल बना मानो स्वयं नंदलाल अवतरित होकर भक्तों को दर्शन दे रहे हों।
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आधी रात को गूंजे जयकारे, भक्त हुए भावविभोर
शहर के सरैयागंज टावर स्थित श्रीकृष्ण मंदिर, हरिसभा चौक राधा कृष्ण मंदिर और साहू मंदिर परिसर के सुप्रसिद्ध फलाहारी बाबा मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। रात के 10 बजे से ही श्रद्धालु मंदिरों में जुटने लगे थे और जैसे ही घड़ी ने 12 बजाए, भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की घोषणा होते ही पूरा माहौल जयकारों से गूंज उठा।
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मंदिरों में सजी झांकियां और छप्पन भोग
भक्तों ने सुबह से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। मंदिरों और घरों में पालना फूलों से सजाया गया और रेशमी डोर में नन्हे कान्हा को विराजमान किया गया। माखन-मिश्री और छप्पन भोग अर्पित किए गए। जन्म के साथ ही जगह-जगह पर ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ के नारे से वातावरण भक्तिमय हो गया।
200 साल पुरानी परंपरा, अयोध्या शैली में पूजन
साहू मंदिर परिसर स्थित फलाहारी बाबा मंदिर में करीब 200 वर्ष से विशेष पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। प्रधान पुजारी महंत पवन दास ने बताया कि यहां अयोध्या की परंपरा के अनुसार श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाता है। उनका कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही लोगों के दुख-दर्द दूर हो जाते हैं। भक्त पूरे साल इस पर्व की तैयारी करते हैं और जन्माष्टमी पर अपनी मुरादें लेकर आते हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
भीड़ को देखते हुए शहर के प्रमुख मंदिरों में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए थे। भक्तों की आवाजाही सुचारू बनी रहे इसके लिए पुलिस बल की तैनाती की गई।
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रज्जू शाह लेन के राधा कृष्ण मंदिर और सरैयागंज टावर के श्रीकृष्ण मंदिर सहित सभी प्रमुख मंदिरों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म बेहद कल्याणकारी माना जाता है, इसीलिए भक्तों का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। पूरे शहर में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।