Bihar : बिहार के स्कूल में HIV का खतरा, नाबालिग 387 बच्चे संक्रमित, शहर में मरीजों की संख्या 7,948 के पार
Bihar : ART सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार बिहार के इस जिले में HIV पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ते हुए अब लगभग 7,948 हो गई है। इतना ही नहीं, इससे भी ज्यादा गंभीर बात यह है कि इन मरीजों में 400 से अधिक छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं।
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बिहार के एक जिले से हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जहां ART सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार HIV पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां HIV पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगभग 7,948 है। इतना ही नहीं, इससे भी ज्यादा गंभीर बात यह है कि इन मरीजों में 400 से अधिक छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं। ART सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार यह बच्चे अपने माता-पिता से संक्रमित हुए हैं। यह मामला सीतामढ़ी जिले का है। बताया जाता है कि उन संक्रमित बच्चों में लगभग 252 लड़के और 135 लड़कियां शामिल हैं।
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इन प्रखंडों में सबसे ज्यादा मामले
सीतामढ़ी जिले के सभी 17 प्रखंडों में इस तरह के मामले पाए गए हैं, जिसमें सबसे अधिक डुमरा प्रखंड में मरीज हैं। वहां संक्रमित मरीजों की संख्या 1107 बताई गई है। अन्य प्रखंडों में रुन्नीसैदपुर में 708 मरीज, परिहार में 700 मरीज, सोनबरसा में 514 मरीज और रीगा में 507 मरीज हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे संक्रमण के फैलाव को रोकने और समय पर इलाज सुनिश्चित करने के लिए बिना झिझक एचआईवी की जांच कराएं। समय पर जांच, नियमित दवा और काउंसलिंग ही स्वस्थ जीवन का आधार है।
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नाबालिग छात्र-छात्राओं की संख्या भी आश्चर्यजनक
स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों ने चिंता बढ़ा दी है। जिले में 18 साल से कम उम्र के कुल 387 बच्चों में एचआईवी के लक्षण पाए गए हैं, जिनमें 252 लड़के और 135 लड़कियां शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में लक्षणों का दिखना समाज और स्वास्थ्य तंत्र दोनों के लिए एक बड़ा संकट है। सीतामढ़ी में कुल 7,948 एचआईवी-एड्स मरीज निबंधित हैं, जिनमें लगभग 4000 पुरुष और 4000 महिला मरीज शामिल हैं।
सरकार चला रही विभिन्न योजनाएं
ART सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार 4954 मरीज वर्तमान में नियमित रूप से जीवन रक्षक दवाएं ले रहे हैं और एआरटी (एंटी-रेट्रोवाइरल थेरेपी) केंद्र से मासिक काउंसलिंग करा रहे हैं। नोडल अधिकारी डॉ. जेड जावेद के अनुसार, साल 2022 के बाद से हर साल करीब 500 नए मरीज सामने आ रहे हैं, जो संक्रमण की धीमी लेकिन लगातार गति को दर्शाता है। मेडिकल ऑफिसर डॉ. मो. हसीन अख्तर ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 300 मरीज सदर अस्पताल पहुंचकर दवाएं ले रहे हैं। सरकार एड्स मरीजों के लिए राहत योजनाएं भी चला रही है। बिहार शताब्दी एड्स पीड़ित कल्याण योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक संक्रमित मरीजों को 1500/- रुपए दिए जा रहे हैं, जबकि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को परवरिश योजना के तहत 1000/- रुपए सरकार की तरफ से दिए जाते हैं।
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