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Bihar News: सीतामढ़ी में दुर्गा पूजा पंडाल बना चुनावी संदेश का मंच, 17 देवी-देवताओं को बनाया गया प्रत्याशी
Tue, 30 Sep 2025 04:03 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतामढ़ी
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Tue, 30 Sep 2025 04:03 PM IST
सार
Bihar News: पूजा पंडाल में प्रदर्शित किए गए भगवानों की उम्मीदवारी में 17 देवी-देवताओं का नाम अंकित किया गया है। इसमें छह उम्मीदवार देवियों को दर्शाया गया है, जबकि 11 नाम विभिन्न भगवानों के हैं। पढ़ें पूरी खबर
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दुर्गा पूजा पंडाल बना चुनावी संदेश का मंच
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अगले माह अक्तूबर में आचार संहिता लगाए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इसे लेकर जहां जिले में 22 हजार मतदान पदाधिकारी, स्टैटिक दंडाधिकारी, माइक्रोऑब्जर्बर आदि को ट्रेन किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पूजा पंडालों में भी चुनावी माहौल दिखने लगा है।
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शहर के पुनौरा मध्य विद्यालय प्रांगण स्थित मां शक्ति पूजा समिति द्वारा बनाए गए पंडाल में ईवीएम के स्वरूप प्रदर्शित किया है। ईवीएम मशीन में सीरियल नंबर के अनुसार विभिन्न 17 देवी- देवताओं के नाम के साथ अंतिम 18 वें स्थान पर नोटा को प्रदर्शित किया है। सभी देवी-देवताओं के नाम के सामने विभिन्न चुनाव चिह्न भी अंकित किया गया है।
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पहले स्थान पर भगवान गणेश के नाम के सामने चुनाव चिह्न में फरसा की तस्वीर अंकित किया गया है। इसी प्रकार भगवान शंकर को दीपक, भगवान विष्णु को चक्र, भगवान ब्रहमा को कमंडल, भगवान श्रीकृष्ण को बांसुरी, भगवान श्रीराम धनुष बाण, भगवान कार्तिकेय को मोती का माला, भगवती सरस्वती को वीणा, भगवती दुर्गा को त्रिशूल, भगवती काली को हंसुआ, भगवान विश्वकर्मा को रींच हथौड़ी, भगवती लक्ष्मी को कलश, भगवान इन्द्र को बज्र, भगवान हनुमान को गदा, भगवती गायत्री को रुद्राक्ष की माला, भगवती वैष्णो को त्रिशूल व भगवान सूर्यदेव को चुनाव चिह्न के जगह पर आरी की तस्वीर प्रदर्शित किया गया है। अंतिम में 18 वें नंबर पर नोटा को प्रदर्शित किया गया है।
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देवताओं की उम्मीदवारी में 35 प्रतिशत आरक्षण
पूजा पंडाल में प्रदर्शित किए गए भगवानों की उम्मीदवारी में 17 देवी-देवताओं का नाम अंकित किया गया है। इसमें छह उम्मीदवार देवियों को दर्शाया गया है, जबकि 11 नाम विभिन्न भगवानों के हैं। इस प्रकार देवताओं की उम्मीदवारी में 35 प्रतिशत आरक्षण का अनुपालन किया गया है।
वहीं, 18वें स्थान पर नोटा यानी इनमें से कोई नहीं का ऑप्शन दिया गया है। इसके साथ पूजा पंडाल में वीवीपैट भी लगाया गया है। वीवीपैट वह मशीन है जिसमें वोट देते समय वोटर यह देख सकते हैं कि उन्होंने जिन उम्मीदवार को वोट दिया है उनका नाम उस वीवीपैट के पर्ची में आता है अथवा नहीं। वीवीपैट में यह पर्ची सुरक्षित रह जाती है।
आकर्षण का केंद्र बना ईवीएम पंडाल
ईवीएम वाला पूजा पंडाल आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह पूजा पंडाल आस्था के साथ लोगों को मताधिकार का भी संदेश दे रहा है। यहां आने वाले श्रद्धालु इस पूजा पंडाल में सेल्फी ले रहे हैं तो कोई मतदान व चुनाव की चर्चा कर रहे हैं। प्रभात कुमार वर्मा, राकेश कुमार आदि बताते हैं कि यह पूजा पंडाल ईवीएम से वोटिंग का संदेश दे रहा है।