Bihar News: भालू की हड्डियों के साथ वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से दो तस्कर पकड़ाए, वन विभाग की बड़ी कार्रवाई
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के गोवर्धना वन क्षेत्र में वन्यजीव तस्करी का गंभीर मामला सामने आया है। एसएसबी और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में दो कुख्यात तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से बड़ी मात्रा में भालू की हड्डियां बरामद हुईं।
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वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के वन प्रमंडल एक अंतर्गत गोवर्धना वन क्षेत्र में वन्यजीव तस्करी का एक गंभीर मामला सामने आया है। एसएसबी 65वीं वाहिनी और गोवर्धना वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में दो कुख्यात वन तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित वन्यजीव भालू की हड्डियां बरामद की गईं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए वन प्रमंडल एक के डीएफओ शिखर प्रधान ने बताया कि यह ऑपरेशन गुप्त सूचना के आधार पर अंजाम दिया गया। उन्हें जानकारी मिली थी कि कुछ तस्कर प्रतिबंधित वन्यजीवों के अवशेषों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की फिराक में हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसएसबी और वन विभाग की संयुक्त टीम का गठन किया गया और संदिग्ध इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई। गोवर्धना रेंजर सुनील कुमार पाठक ने बताया कि सैनिक रोड पर पंचरुखिया के समीप छापेमारी के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से दर्जनों भालू की हड्डियां बरामद हुईं। इसके बाद दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
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गिरफ्तार तस्करों की पहचान बगहा पुलिस जिला के लौकरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बरवा कला गांव निवासी रामेश्वर काजी और चंदन काजी के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे भालू की हड्डियों को रामनगर की ओर ले जा रहे थे। हालांकि, यह हड्डियां कहां से लाई गई थीं और आगे किन लोगों तक पहुंचाई जानी थीं, इस संबंध में वन विभाग गहन जांच कर रहा है।
वन विभाग द्वारा दोनों आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग और एसएसबी के अधिकारियों ने साफ कहा है कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व और आसपास के इलाकों में वन्यजीव तस्करी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी इस तरह की संयुक्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और तस्करों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।