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मीडिया पर हमले से उबल रहा गुस्सा: सरकार की चुप्पी देख हर दल के लोग पत्रकारों के पक्ष में उतरे, कैंडल मार्च
Wed, 16 Sep 2026 10:26 PM IST
मुंगेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेगूसराय
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 10:26 PM IST
सार
Bihar News : पत्रकारों से मारपीट को लेकर अब आम जनमानस के अंदर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। रोज धरना-प्रदर्शन हो रहा है। कैंडल मार्च का सिलसिला भी चल रहा है। इसी कड़ी में बेगूसराय में पत्रकारों के कैंडल मार्च में भाजपा सहित सभी दलों के लोग सड़क पर उतर आए।
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राज्य में जगह-जगह सहरसा कांड को लेकर विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है।
- फोटो : amar ujala digital
विस्तार
सहरसा सदर अस्पताल में समाचार संकलन के दौरान पत्रकार के साथ हुई मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना के विरोध में बिहार के पत्रकारों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार की शाम बेगूसराय जिले में अनुमंडल पत्रकार संघ, बखरी के नेतृत्व में पत्रकारों ने कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया। गुस्सा इतना था कि आम लोग भी इस कैंडल मार्च में सड़क पर उतर आए।
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12 सितंबर को मिड-डे मील खाने के बाद बीमार हुए बच्चों की रिपोर्टिंग के लिए सहरसा सदर अस्पताल पहुंचे पत्रकार के साथ मारपीट, गाली-गलौज और दुर्व्यवहार के आरोप सामने आए थे। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया। सहरसा के जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना की वास्तविक स्थिति और तथ्यों की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है।
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सवाल पूछना अपराध नहीं
अनुमंडल पत्रकार संघ के अध्यक्ष सुमन झा ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं है। पत्रकारों को समाचार संकलन के दौरान सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सहरसा की घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। संघ ने आरोपित चिकित्सकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने के साथ-साथ सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग भी उठाई। पत्रकारों ने कहा कि यह कैंडल मार्च किसी एक व्यक्ति के समर्थन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता के अधिकार के पक्ष में है।
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महादेव स्थान चौक से अंबेडकर चौक तक मार्च
कैंडल मार्च स्थानीय महादेव स्थान चौक से शुरू हुआ और शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचा। यहां पहुंचकर मार्च एक सभा में तब्दील हो गया। वक्ताओं ने पत्रकारों के साथ होने वाली घटनाओं पर चिंता जताते हुए सरकार से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सहरसा मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दिया समर्थन
कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए। इनमें जिला परिषद सदस्य अमित कुमार देव, राजद के मनोहर केसरी, सपा के दिलीप केसरी, सीपीआई के सुरेश सहनी, जितेंद्र जीतू, जदयू के सुनील कुमार, जवाहर राय, रामबली महतो, नीरज राय, निशांत कुमार, पार्षद मधुसूदन महतो, समीर श्रवण, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि राजू कुशवाहा, भाजपा के सिधेश आर्य, नीरज नवीन, अमरनाथ पाठक, लोजपा के पंकज पासवान, कांग्रेस के सुमनजीत सुमन, कमलेश कंचन, जन सुराज के तुफैल अहमद खान, अंकुल सिंह, रामचंद्र सहनी समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सभा में मौजूद लोगों ने पत्रकारों के साथ हुई कथित मारपीट की घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कानूनी कार्रवाई तथा पत्रकारों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।