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बिहार: अस्पताल में स्ट्रेचर नहीं मिला तो मरीज को घसीट कर ले गए परिजन
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Thu, 30 Mar 2017 04:02 PM IST
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बिहार अस्पताल
- फोटो : ANI
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बिहार के आरा जिले का एकमात्र आईएसओ द्वारा प्रमाणित अस्पताल एक के बाद एक विवादों में घिरता नजर आ रहा है। सदर अस्पताल में स्ट्रेचर तलाश रहे एक मरीज की परिजन उसे अस्पताल में घसीटते नजर आए। पीड़िता मानसिक रूप से बीमाई बताई जा रही है।
इस मुद्दे पर जब अस्पताल प्रशासन से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि 32 वर्षीय शकुंतला देवी मानसिक रूप से बीमार हैं और बार-बार बिल्डिंग से भागने की कोशिश करती है। हालांकि, अस्पताल ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ दिया कि परिजनों ने स्ट्रेचर की मांग नहीं की थी।
पीड़िता के पति अनिल शाह ने कहा कि उनकी पत्नी को इंजेक्शन लगाने के लिए आउट-पेशंट विभाग (ओपीडी) ले जाया गया था। शाह ने आरोप लगाया कि उन्होंने स्ट्रेचर की मांग की थी, मगर अस्पताल ने उन्हें मना कर दिया।
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इस मुद्दे पर जब अस्पताल प्रशासन से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि 32 वर्षीय शकुंतला देवी मानसिक रूप से बीमार हैं और बार-बार बिल्डिंग से भागने की कोशिश करती है। हालांकि, अस्पताल ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ दिया कि परिजनों ने स्ट्रेचर की मांग नहीं की थी।
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पीड़िता के पति अनिल शाह ने कहा कि उनकी पत्नी को इंजेक्शन लगाने के लिए आउट-पेशंट विभाग (ओपीडी) ले जाया गया था। शाह ने आरोप लगाया कि उन्होंने स्ट्रेचर की मांग की थी, मगर अस्पताल ने उन्हें मना कर दिया।
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अस्पाल ने झाड़ा पल्ला
सदर अस्पताल
- फोटो : NDTV
शाह ने कहा, "मैंने अस्पताल से स्ट्रेचर और महिला अटेंडेंट की मांग की थी। मगर प्रशासन ने उसे नहीं सुना। मुझे अपनी पत्नी को वार्ड में वापिस ले जाना पड़ा।"
अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. सतीश कुमार सिन्हा ने कहा, "वार्ड में भर्ती मरीज को ओपीडी में इंजेक्शन लगाने का कोई तर्क नहीं। मरीज खुध ओपीडी पहुंची थी। उनके पति ने लोगों की मदद से उन्हें पकड़ कर घसीटते हुए वापिस वॉर्ड में ले गए। स्ट्रेचर की कोई मांग नहीं की गई। हमारे पास कई स्ट्रेचर थे।"
शुकंतला देवी को आरा के सदर अस्पताल में 4 दिन पहले भर्ती करवाया गया था। इसी महीने में कर्नाटक के हुबली में एक सरकारी अस्पताल में 4 गर्भवती महिलाओं को एक ही स्ट्रेचर पे ले जाया गया था।
अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. सतीश कुमार सिन्हा ने कहा, "वार्ड में भर्ती मरीज को ओपीडी में इंजेक्शन लगाने का कोई तर्क नहीं। मरीज खुध ओपीडी पहुंची थी। उनके पति ने लोगों की मदद से उन्हें पकड़ कर घसीटते हुए वापिस वॉर्ड में ले गए। स्ट्रेचर की कोई मांग नहीं की गई। हमारे पास कई स्ट्रेचर थे।"
शुकंतला देवी को आरा के सदर अस्पताल में 4 दिन पहले भर्ती करवाया गया था। इसी महीने में कर्नाटक के हुबली में एक सरकारी अस्पताल में 4 गर्भवती महिलाओं को एक ही स्ट्रेचर पे ले जाया गया था।