Lok Sabha : बीमार शिक्षक को जबरन दी गई थी चुनाव में ड्यूटी, मतदान केंद्र पर मौत के बाद डीएम पर उठा सवाल
Bihar : चुनाव के दौरान पीठासीन अधिकारी की हर्ट अटैक से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि शिक्षक की तबीयत काफी खराब थी। उन्होंने जिला प्रशासन से ड्यूटी नहीं देने की गुहार भी लगाई थी, लेकिन प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी।
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मुंगेर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में आज चौथे चरण के तहत मुंगेर, जमालपुर, लखीसराय, सूर्यगढा,बाढ़ ,मोकामा में आज 2029 मतदान केन्द्र पर मतदान प्रक्रिया सुबह 7:00 बजे से शुरू हो गई और मतदाता धीरे-धीरे भारी संख्या में मतदान करने के लिए पहुंचने लगे हैं। इस बीच मुंगेर से एक बुरी खबर आई जिसमें पीठासीन अधिकारी की हर्ट अटैक से मौत हो गई। मतदान केंद्र पर मौजूद लोगों ने कहा कि अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी, आननफानन में लोग उन्हें लेकर अस्पताल गये। वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह मामला बूथ संख्या 210 मध्य विद्यालय चकासिम इब्राहिम शंकरपुर की है।
आवेदन देने के बाद भी जबरन दी गई चुनावी ड्यूटी
परिजनों का आरोप है कि ओंकार चौधरी गंभीर रूप से बीमार थे। उन्होंने अपनी बीमारी को लेकर आवेदन भी दिया था लेकिन जिला प्रशासन के द्वारा उन्हें जबरन ड्यूटी दी गई जिस वजह से उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि शरीर अस्वस्थ रहने के बावजूद इनकी ड्यूटी लोकसभा चुनाव में लगाई गई थी। इन्होने इसको लेकर आवेदन भी दिया था और जिला प्रशासन से गुहार लगाईं थी कि उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें चुनावी ड्यूटी से दूर रखा जाय लेकिन जिला प्रशासन ने एक नहीं सुनी। आज उनकी हर्ट अटैक से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली सहित कई थाने के पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और मामले की जांच कर रही है।
क्या लिखा है आवेदन में
ओंकार कुमार चौधरी ने डीएम को आवेदन में लिखा था कि मैं विगत एक माह से बीमार हूं। मेरा इलाज 11 अप्रैल 2024 से भागलपुर के डॉक्टर हेमशंकर शर्मा से किया जा रहा है। इलाज के दौरान हमारे शरीर का एक्को, इसीजी, ब्लड जांच और सीटीएन्जॉयोग्राफी की जांच डॉक्टर सुमित शंकर के द्वारा की गई। जांच में आए रिपोर्ट के बाद डॉक्टर सुमित शंकर ने कहा कि आप व्यापक रूप से रोग ग्रसित हैं। इसलिए आपको जल्द से जल्द ऑपरेशन करवाना होगा नहीं तो किसी भी समय हार्ट अटैक हो सकता है। उन्होंने कहा कि आज से आपको पैदल चलना, सीढ़ी चढ़ना, गाड़ी चलाना सब बंद रहेगा। आपको आराम से चलना है और ज्यादा टेंशन नहीं लेना है क्योंकि आपका ब्लड प्रेशर ज्यादा है। मुझे एक माह से छाती और बाएं हाथ में दर्द हो रहा है। इसी का इलाज करने के बाद मुझे कोलकाता रेफर किया गया है। हमारी हालत काफी गंभीर है इसलिए मेरी गंभीर स्थिति को देखते हुए मुझे निर्वाचन कार्य से मुक्त करने की कृपा की जाए। ओंकार कुमार चौधरी ने अपने आवेदन के साथ दस पन्नों की जांच की पर्ची और रिपोर्ट भी लगाया था, इसके बाद भी उन्हें चुनाव से मुक्त नहीं किया गया और आज उनकी जान चली गई।