Lok Sabha : गांव के बाहर लोगों ने बैनर लगाया; रोड नहीं तो वोट नहीं, अंतिम चरण में है चुनाव
Bihar : सातवें और अंतिम चरण में चुनाव शेष है इस बीच एक गांव के बाहर स्थानीय लोगों ने रोड नहीं तो वोट नहीं का पोस्टर लगाया है। उनका कहना है कि यह मांग कई वर्षों से की जा रही है लेकिन कोई भी जन प्रतिनिधि उनके इस मांग पर अबतक ध्यान नहीं दिया है।
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नालंदा में लोगों ने गांव के बाहर रोड नहीं तो वोट नहीं का पोस्टर लगाया है। लोगों का कहना है कि गांव से देवी स्थान तक जाने के लिए पक्की सड़क नहीं बनी हुई है। जिसके कारण शादी विवाह के मौके पर दूल्हा दुल्हन को पैदल ही पगडंडियों का सहारा लेकर देवी स्थान जाना पड़ता है। बरसात के दिनों में तो यह समस्या और भी ज्यादा विकराल हो जाती है। सावन के महीने में देवी स्थान पूजा पाठ करने जाने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। फिसलन भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है। पगडंडियों के सहारे मंदिर तक जाना पड़ता है। मामला रहुई प्रखंड अंतर्गत उतरनामा पंचायत का है, जहां दो वार्डो में सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने इस बार वोट बहिष्कार का निर्णय लिया है। शनिवार को ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए गांव के बाहर एक बैनर लगाया है, जिसमें यह लिखा है कि ग्राम सुलेमानपुर धर्मसिंह बीघा के देवी स्थान के लिए रोड नहीं तो वोट नहीं।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव
ग्रामीणों की शिकायत यह भी है कि सुलेमानपुर गांव के वार्ड नंबर 02 और वार्ड नंबर 3 में जल-नल और नाला का भी काम नहीं हुआ है। इस वजह से इन वार्डों में जल जमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है। दोनों वार्डों को मिलाकर करीब 900 लोगों की आबादी है, फिर भी लोग मूलभूत सुविधाओं से अब तक वंचित है।
दादर नदी पर पुल बनाने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि अगर दादर नदी पर पुल का निर्माण हो जाता तो उन्हें रहुई बाजार जाने में दूरी कम हो जाएगी। अभी गांव के लोग पेशौर होकर रहुई बाजार जाते हैं। इस दौरान 3 किलोमीटर का सफर अधिक तय करना पड़ता। अगर दादर नदी पर पुल निर्माण हो गया तो यह दूरी घटकर एक किलोमीटर में ही सिमट जाती। इसके अलावे अगर यह पुल बन जाता है तो नदी के उस पार खेत खलिहान जाने और सिंचाई के साधन भी पक्का हो जाएगा। कई बार इन बातों को लेकर जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधि से लेकर जिले के जनप्रतिनिधि तक ने इस पर संज्ञान नहीं लिया।