Mumbai Vs Bihar : सदी का सूखा खत्म हुआ तो अंडर 14 प्लेयर बिहार के लिए खेलने उतरा रणजी, जानें कौन है वह
Bihar News : पूरे 18 साल बाद बिहार को बीसीसीआई टूर्नामेंट 2018 में खेलने को मिला। अब सदी में पहली बार बिहार में रणजी मैच हो रहा है। फायदा सामने है। अंडर 14 का बिहारी इस बार अपने राज्य की ओर से रणजी खेलने उतरा है पटना में।
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बिहार विभाजन के साथ ही क्रिकेट खत्म हो गया था। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की मान्यता झारखंड के हिस्से में चली गई। यानी, 2000 के बाद बिहार में क्रिकेटर का पैदा होना बंद हो गया। जो खेले भी, झारखंड या पश्चिम बंगाल जाकर। करीब 18 साल बाद बिहार क्रिकेट एसोसिएशन को मान्यता मिली, तब जाकर माहौल बनना शुरू हुआ। अब उस माहौल का फायदा दिख रहा है। सदी में पहली बार रणजी ट्रॉफी का कोई मैच पटना में हो रहा है। और, इसमें अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में उतरी मुंबई की टीम के सामने बिहार की टीम से खेलने वाले होनहारों में शामिल है 27 मार्च 2011 को जन्म लेने वाला वैभव सूर्यवंशी। अंडर 14 उम्र वर्ग का यह खिलाड़ी अभी बैटिंग पर नहीं उतरा है। उतरेगा तो क्या करिश्मा दिखाता है, इंतजार बिहार ही नहीं मुंबई की टीम को भी रहेगा। नजर बीसीसीआई की है, क्योंकि यह बार-बार टीम इंडिया की अंडर 19 टीम में अपने परफॉर्मेंस के कारण दस्तक दे रहा है।
वैभव ने सात साल की उम्र से किक्रेट खेलना शुरू किया
कोच और फेमस क्रिकेटर मनीष ओझा ने बताया कि वैभव ने सात साल की उम्र से किक्रेट खेलना शुरू किया। अभिभावकों ने पहले ही तय कर लिया था कि इसे भारतीय टीम के लिए क्रिकेट खेलना है। इसके लिए वह सात साल की उम्र में वैभव को मेरे पास कोचिंग के लिए लेकर आए। एक-एक दिन का गैप देकर वैभव को समस्तीपुर से पटना लेकर आते थे। ठंड हो या गर्मी हर मौसम में वैभव सुबह साढ़े सात बजे से तीन बजे तक फील्ड में प्रैक्टिस करता था। इस साल उसे हेमंत ट्रॉफी मौका मिला है। इसमें वह बिहार से टॉप स्कोरर रहा। इसमें उसमें चार सेंचुरी लगाई। कुल 670 रन बना सुर्खियों में आया। अंडर 19 वीनू मांकड़ ट्रॉपी में लगातार सेंचुरी लगाकर वह चयनकर्ताओं की नजर में आया। इस शानदार प्रदर्शन के आधार पर वैभव का चयन चैलेंजर ट्रॉपी में हुआ। इंडिया बी में उसका चयन हुआ। इंग्लैंड के खिलाफ वैभव ने दो हाफ सेंचुरी लगाई। इस प्रदर्शन के आधार पर उसे रणजी ट्रॉपी में खेलने का मौका मिला। वैभव बाएं हाथ का ओपनर बल्लेबाज है। साथ ही बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी भी करता है।
48 शतक और 3 दोहरा शतक लगाकर वैभव के नाम
किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि समस्तीपुर के ताजपुर प्रखंड का बच्चा आज बिहार ही नहीं पूरे में देश में नाम करेगा। पिछले सीजन में वैभव ने तीन दोहरा शतक लगातार चयनकर्ताओं को सोचने पर विवश कर दिया था। इतना ही नहीं पिछले सीजन में बड़ी टीमों के खिलाफ 48 शतक और 3 दोहरा शतक लगाकर अपने बल्लेबाजी का लोहा पूरे बिहार में मनवाया। इसके बाद हेमंत ट्रॉफी, वीनू मांकड़ ट्रॉफी और चैलेंजर ट्रॉफी में बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए बिहार क्रिकेट एसोसिएशन ने वैभव को रणजी टीम में जगह दी। कोच मनीष ओझा बताते हैं कि वैभव काफी कमाल के बल्लेबाज हैं और बचपन से ही उनका क्रिकेट के प्रति इनका काफी जुनून रहा है.