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Bihar: हत्या के तीन दोषियों को आजीवन कारावास, कोर्ट ने सुनाया कड़ा फैसला, पांच साल पहले हुआ था जमीनी विवाद

Thu, 06 Mar 2025 08:09 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल Published by: शबाहत हुसैन Updated Thu, 06 Mar 2025 08:09 PM IST
सार

Bihar: अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी और पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। जुर्माने की राशि न देने पर दोषियों को अतिरिक्त 6 माह साधारण कारावास भुगतना होगा।

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Life imprisonment to three accused of murder in Supaul
तीनों आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

करीब पांच साल पहले ज़मीन विवाद में हुई हत्या के मामले में सुपौल जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ गौतम कुमार यादव की अदालत ने तीन अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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मामला बलुआ बाजार (ललितग्राम) थाना कांड संख्या 85/20 तथा जनित सत्र वाद संख्या 123/21 से जुड़ा है। 28 नवंबर 2020 को छातापुर थाना क्षेत्र के भागवतपुर वार्ड नंबर-8 निवासी बुधु दास की हत्या कर दी गई थी। उनके पिता बदामी दास की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। शिकायत के अनुसार, घटना के दिन बुधु दास अपने पिता के साथ ग्राम काला गोविंदपुर वार्ड नंबर-1 स्थित खेत में मेढ़ बना रहे थे। तभी चचेरा भाई बद्री दास, सदरी दास और भतीजा अनिल दास वहां पहुंचे और कुदाल से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से बुधु दास की मौके पर ही मौत हो गई।
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अदालत ने तीनों अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। धारा 307 के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास, धारा 323 के तहत 6 माह साधारण कारावास और धारा 341 के तहत 1 माह साधारण कारावास की सजा दी गई। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी और पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। जुर्माने की राशि न देने पर दोषियों को अतिरिक्त 6 माह साधारण कारावास भुगतना होगा।
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इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश कुमार सिंह ने बहस की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विनोद कांत झा ने अपना पक्ष रखा। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोषियों को सजा सुनाई। यह फैसला कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करता है और समाज में अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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