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Bihar: नेपाल में भारी बारिश से किशनगंज में नदियों का जलस्तर बढ़ा, फसलें बर्बाद, पुल क्षतिग्रस्त
Sat, 31 May 2025 03:10 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Sat, 31 May 2025 03:10 PM IST
सार
नेपाल के तराई क्षेत्र में भारी बारिश के कारण बिहार के किशनगंज जिले में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। कनकई, बूढ़ी कनकई और मेची नदियों के बढ़ते जलस्तर से कई चचरी पुल टूट गए हैं और कई इलाकों में बाढ़ का पानी खेतों में घुस गया है।
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नदियों का जलस्तर बढ़ा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नेपाल में हुई भारी बारिश से किशनगंज जिले में कनकई, बूढ़ी कनकई और मेची नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी किनारे बसे कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे जलभराव की समस्या बढ़ गई है। कनकई नदी पर बने कई चर्चरी पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे स्थानीय लोगों का आवागमन प्रभावित हुआ है और कई गांव अलग-थलग पड़ गए हैं।
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किसानों को भारी नुकसान
दिघलबैंक, टेढ़ागाछ और तेलीभीट्टा इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। यहां के किसानों की लाखों की मक्का और सब्जी की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। बाढ़ के कारण कई खेत जलमग्न हो गए हैं। टेढ़ागाछ प्रखंड के सुहिया, कोठि टोला देवरी, पुराना टेढ़ागाछ समेत कई जगहों पर नदी का कटाव जारी है। लोग अपने घर-बार छोड़कर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाके के लोग बार-बार प्रशासन से कटाव रोकने और बाढ़ नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
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किसानों को भारी नुकसान
दिघलबैंक, टेढ़ागाछ और तेलीभीट्टा इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। यहां के किसानों की लाखों की मक्का और सब्जी की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। बाढ़ के कारण कई खेत जलमग्न हो गए हैं। टेढ़ागाछ प्रखंड के सुहिया, कोठि टोला देवरी, पुराना टेढ़ागाछ समेत कई जगहों पर नदी का कटाव जारी है। लोग अपने घर-बार छोड़कर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। बाढ़ प्रभावित इलाके के लोग बार-बार प्रशासन से कटाव रोकने और बाढ़ नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
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