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Bihar : हम भाजपा के साथ; बेटे के साथ जीतनराम मांझी मिले शाह से, संतोष बोले- अब हम NDA में

Wed, 21 Jun 2023 04:47 PM IST
कुमार जितेंद्र ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: कुमार जितेंद्र ज्योति Updated Wed, 21 Jun 2023 04:47 PM IST
सार

Jitan Ram Manjhi in NDA : जदयू में विलय से इनकार करने के बाद खुद को कभी भी महागठबंधन का हिस्सा नहीं मानने वाले हिन्दुस्तानी आवामी मोर्चा ने भाजपा के साथ आने का एलान करते हुए NDA में शामिल होने की घोषणा कर दी।

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HAM is in NDA : jitan ram manjhi and santosh suman met amit shah, joined NDA with PM Narendra Modi
गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे पूर्व सीएम जीतनराम मांझी और पूर्व मंत्री संतोष सुमन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवामी मोर्चा (HAM) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। जदयू में विलय से इनकार करने के बाद पार्टी ने महागठबंधन सरकार से अलग होने का निर्णय लिया था। पिछले हफ्ते हम के इकलौते मंत्री और जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन उर्फ संतोष मांझी ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था। बेटे के इस्तीफे के बाद जीतन राम मांझी ने साफ बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हम का जदयू में विलय चाहते थे, लेकिन जब यह पार्टी महागठबंधन में शामिल नहीं थी तो किसी दल के अंदर विलय का तो सवाल ही पैदा नहीं होता। बुधवार को भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व देश के गृह मंत्री अमित शाह से लगभग पौन घंटे की मुलाकात के बाद पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और पूर्व मंत्री संतोष कुमार सुमन ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री व बिहार भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नित्यानंद राय के सामने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने की घोषणा की।

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भाजपा के साथ होने के कारण मिलेगा पुरस्कार

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नीतीश ने भाजपा का मुखबिर बता दिया था मांझी को
23 जून को पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ पूरे देश से भाजपा विरोधी दलों के जुटान की तैयारी के बीच जब पिछले हफ्ते हम के इकलौते मंत्री संतोष सुमन ने नीतीश कुमार मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया तो चार घंटे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वीकार कर लिया। उन चार घंटों के दौरान मुख्यमंत्री आवास में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह समेत कई मंत्री मौजूद रहे। इसके बाद नीतीश कैबिनेट की बैठक हुई और फिर अगले दिन मंत्रिमंडल के लिए संतोष सुमन की जगह नए चेहरे रत्नेश सदा का नाम जाहिर कर दिया गया। बाकी दलों के कोटे को छोड़ जदयू के इकलौते मंत्री का शपथ ग्रहण करा राजभवन से निकलने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जीतन राम मांझी को स्पष्ट तौर पर भाजपा का मुखबिर करार दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जीतन राम मांझी से कहा था कि वह अपनी पार्टी हम का जदयू में विलय कर लें या अलग हो जाएं, क्योंकि एक अलग दल के रूप में हमारे साथ रहते तो भाजपा को सूचना पहुंचाते रहते। देश की विपक्षी पार्टियों की पटना में बैठक में भी वह बतौर अलग दल शामिल होना चाहते थे। जब यह बात सभी को मालूम है कि वह भाजपा के नेताओं से मिल रहे थे तो साथ रखना मुश्किल था। इसलिए विलय या अलग होने की बात कही तो वे अलग हो गए। विपक्षी दलों की बैठक में सबलोग अपनी-अपनी पार्टी की बात करते और अगर ये लोग साथ रहते तो बैठक में जो कुछ भी बातें होती वो सारी बातें भाजपा को खबर हो जाती।

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नीतीश का साथ छोड़ने वाले दूसरे राम ने थामा भाजपा का हाथ
जीतन राम मांझी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का साथ छोड़ने वाले दूसरे 'राम' हैं। इससे पहले, नीतीश के वर्षों तक राजदार और जदयू में राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह ने नीतीश कुमार का साथ छोड़ा था। रामचंद्र प्रसाद सिंह, यानी आरसीपी सिंह पर भी नीतीश की पार्टी ने यही आरोप लगाया था कि वह पार्टी में रहकर भाजपा के लिए काम कर रहे थे। आरसीपी सिंह ने इसी साल भाजपा ज्वाइन किया है, हालांकि अबतक उन्हें कोई पद नहीं मिला है।
 

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