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बिहार: आरक्षण में वर्गीकरण के विरोध में गयाजी में आक्रोश मार्च, जीतन राम मांझी व संतोष सुमन का हुआ पुतला दहन
Wed, 09 Sep 2026 06:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाजी
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Sep 2026 06:44 PM IST
सार
गया में ‘आरक्षण बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत आरक्षण में वर्गीकरण के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला गया। जन सुराज नेता लक्ष्मण मांझी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने जीतन राम मांझी और संतोष सुमन के खिलाफ नारेबाजी की और दोनों नेताओं के पुतले जलाए।
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आरक्षण में वर्गीकरण के विरोध में गया समाहरणालय के पास प्रदर्शन करते जन सुराज कार्यकर्ता
विस्तार
गयाजी शहर में आरक्षण बचाओ, देश बचाओ अभियान के तहत आरक्षण में वर्गीकरण के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। जन सुराज के नेता और बोधगया विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी लक्ष्मण मांझी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग गांधी मैदान से समाहरणालय तक आक्रोश मार्च में शामिल हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के मंत्री जीतन राम मांझी और बिहार सरकार के मंत्री संतोष सुमन के खिलाफ नारेबाजी की और समाहरणालय के पास दोनों नेताओं का पुतला दहन किया।
आरक्षण में वर्गीकरण का किया विरोध
आक्रोश मार्च के दौरान लक्ष्मण मांझी ने कहा कि आरक्षण में वर्गीकरण की मांग समाज को बांटने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने जिस उद्देश्य से आरक्षण की व्यवस्था की थी, उसमें किसी तरह का बदलाव समाज के हित में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज का नेतृत्व करने वाले लोग ही अब आरक्षण में वर्गीकरण की बात कर रहे हैं, जिससे वंचित और कमजोर वर्गों के बीच विभाजन की स्थिति पैदा हो सकती है।
गांधी मैदान से समाहरणालय तक निकला मार्च
प्रदर्शनकारी गांधी मैदान में जुटे और वहां से हाथों में तख्तियां व नारे लिखे बैनर लेकर समाहरणालय की ओर रवाना हुए। मार्च के दौरान आरक्षण व्यवस्था को लेकर सरकार और नेताओं के खिलाफ नाराजगी जताई गई। समाहरणालय पहुंचने के बाद सभा आयोजित की गई और इसके बाद जीतन राम मांझी व संतोष सुमन के पुतले का दहन किया गया।
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जनरल सीट से चुनाव लड़ने की दी चुनौती
लक्ष्मण मांझी ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि आरक्षण की जरूरत नहीं है या इसमें बदलाव होना चाहिए तो उन्हें एक बार सामान्य सीट से चुनाव लड़कर देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण ने समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर दिया है और इसके साथ छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।
ये भी पढ़ें- बख्तियारपुर का नाम बदलने की मांग: मंत्री सुमन बोले- ‘नीतीशपुर’ हो नाम, नीतीश कुमार की जन्मभूमि को मिले सम्मान
आंदोलन को आगे बढ़ाने का एलान
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आरक्षण से जुड़े किसी भी फैसले का विरोध किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने वाले किसी भी कदम से बचा जाए। नेताओं ने कहा कि समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे भी आंदोलन जारी रखा जाएगा। आक्रोश मार्च में जन सुराज के कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान शहर में कुछ समय के लिए राजनीतिक माहौल गर्म रहा।
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आरक्षण में वर्गीकरण का किया विरोध
आक्रोश मार्च के दौरान लक्ष्मण मांझी ने कहा कि आरक्षण में वर्गीकरण की मांग समाज को बांटने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने जिस उद्देश्य से आरक्षण की व्यवस्था की थी, उसमें किसी तरह का बदलाव समाज के हित में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज का नेतृत्व करने वाले लोग ही अब आरक्षण में वर्गीकरण की बात कर रहे हैं, जिससे वंचित और कमजोर वर्गों के बीच विभाजन की स्थिति पैदा हो सकती है।
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गांधी मैदान से समाहरणालय तक निकला मार्च
प्रदर्शनकारी गांधी मैदान में जुटे और वहां से हाथों में तख्तियां व नारे लिखे बैनर लेकर समाहरणालय की ओर रवाना हुए। मार्च के दौरान आरक्षण व्यवस्था को लेकर सरकार और नेताओं के खिलाफ नाराजगी जताई गई। समाहरणालय पहुंचने के बाद सभा आयोजित की गई और इसके बाद जीतन राम मांझी व संतोष सुमन के पुतले का दहन किया गया।
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जनरल सीट से चुनाव लड़ने की दी चुनौती
लक्ष्मण मांझी ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि आरक्षण की जरूरत नहीं है या इसमें बदलाव होना चाहिए तो उन्हें एक बार सामान्य सीट से चुनाव लड़कर देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण ने समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ने का अवसर दिया है और इसके साथ छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।
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आंदोलन को आगे बढ़ाने का एलान
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आरक्षण से जुड़े किसी भी फैसले का विरोध किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने वाले किसी भी कदम से बचा जाए। नेताओं ने कहा कि समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए आगे भी आंदोलन जारी रखा जाएगा। आक्रोश मार्च में जन सुराज के कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान शहर में कुछ समय के लिए राजनीतिक माहौल गर्म रहा।

आरक्षण में वर्गीकरण के विरोध में गया समाहरणालय के पास प्रदर्शन करते जन सुराज कार्यकर्ता

आरक्षण में वर्गीकरण के विरोध में गया समाहरणालय के पास प्रदर्शन करते जन सुराज कार्यकर्ता

आरक्षण में वर्गीकरण के विरोध में गया समाहरणालय के पास प्रदर्शन करते जन सुराज कार्यकर्ता