Bihar News: गया के 99 निजी स्कूल शिक्षा पोर्टल से बाहर, छात्रों का डेटा नहीं होने पर विभाग सख्त
गया जिले में शिक्षा विभाग ने यू-डायस कोड से वंचित निजी विद्यालयों को चिन्हित कर विशेष अभियान शुरू किया है। जिले के 99 मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के पास अभी भी यू-डायस कोड नहीं है, जिसके कारण वहां पढ़ने वाले छात्रों का विवरण सरकारी शिक्षा पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पा रहा है।
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गया जिले में शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने लाने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा अभियान शुरू किया है। जिले के 99 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय अब भी यू-डायस (UDISE) कोड से वंचित हैं। इसके कारण इन स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों का पूरा विवरण सरकारी शिक्षा पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पा रहा है। इसका असर जिले के नामांकन और शैक्षणिक प्रगति से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़ों पर पड़ रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
यू-डायस कोड नहीं होने से प्रभावित हो रहे शैक्षणिक सूचकांक
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) गौरव राज द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि यू-डायस कोड के अभाव में निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों का विवरण यू-डायस के स्टूडेंट मॉड्यूल में अपलोड नहीं हो पा रहा है। इसका सीधा असर जिले के सकल नामांकन अनुपात (GER), शुद्ध नामांकन अनुपात (NER) और ट्रांजिशन रेट जैसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक सूचकांकों पर पड़ रहा है। शिक्षा विभाग का मानना है कि जब तक सभी विद्यालय यू-डायस प्रणाली से नहीं जुड़ेंगे, तब तक जिले की शिक्षा व्यवस्था का सही और सटीक मूल्यांकन संभव नहीं हो पाएगा।
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बीईओ को तीन दिनों में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
इस समस्या के समाधान के लिए सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को अपने-अपने क्षेत्र के सूचीबद्ध निजी विद्यालयों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों को निर्धारित फॉर्म ए-02 में विद्यालयों का पूरा विवरण प्राप्त कर उसका सत्यापन करने को कहा गया है। साथ ही पत्र प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर सत्यापित रिपोर्ट जिला शिक्षा कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
717 स्कूलों की समीक्षा के बाद शुरू हुआ अभियान
शिक्षा विभाग ने दो जून तक जिले के कुल 717 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की समीक्षा की थी। समीक्षा के दौरान पाया गया कि केवल 417 विद्यालयों के पास ही यू-डायस कोड मौजूद था, जबकि 300 विद्यालय इस व्यवस्था से बाहर थे। इसके बाद विभाग ने चरणबद्ध तरीके से सभी विद्यालयों को यू-डायस कोड उपलब्ध कराने का अभियान शुरू किया। लगातार की गई कार्रवाई और समीक्षा के बाद अब तक 616 विद्यालयों को यू-डायस कोड जारी किया जा चुका है।
अंतिम चरण में पहुंची प्रक्रिया, जल्द जुड़ेंगे बाकी स्कूल
विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब केवल 99 विद्यालय ऐसे बचे हैं, जिन्हें यू-डायस कोड उपलब्ध कराया जाना बाकी है। अधिकारियों का कहना है कि इन विद्यालयों को भी जल्द ही यू-डायस प्रणाली से जोड़ दिया जाएगा, जिससे छात्रों का पूरा शैक्षणिक डेटा ऑनलाइन दर्ज हो सकेगा। इस पहल से शिक्षा विभाग को सटीक और अद्यतन आंकड़े मिलेंगे। साथ ही सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, नामांकन की निगरानी और शिक्षा के मूल्यांकन की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी, पारदर्शी और बेहतर बन सकेगी।