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Bihar News: 'लोकायन नदी का रौद्र रूप', तटबंध टूटा, खेत-खलिहान डूबे, गांवों में घुसा पानी
Sat, 23 Aug 2025 05:18 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,जहानाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,जहानाबाद
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Sat, 23 Aug 2025 05:18 PM IST
सार
झारखंड में भारी वर्षा के कारण लोकायन नदी तीसरी बार उफान पर आ गई है। जहानाबाद के उदेरा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद नालंदा जिले के एकंगरसराय और हिलसा प्रखंड गंभीर रूप से प्रभावित हैं।
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लोकायन नदी में फिर उमड़ा बाढ़ का पानी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झारखंड में लगातार हो रही भारी बारिश का असर नालंदा जिले पर दिखने लगा है। फल्गु की सहायक लोकायन नदी एक बार फिर उफान पर है। शुक्रवार देर रात जहानाबाद के उदेरा बैराज से 1 लाख 14 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद एकंगरसराय और हिलसा प्रखंड में स्थिति गंभीर हो गई।
हिलसा प्रखंड के धुरी बीघा गांव में तटबंध टूट जाने से सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। वहीं, केशोपुर मिल्की के पास तटबंध में दरार आने से खतरा और बढ़ गया है। एकंगरसराय के केला बीघा गांव में नदी किनारे बने कई मकान पानी में समा गए। लोकायन नदी का पानी मिल्कीपुर के पास बिहार-जहानाबाद मुख्य मार्ग पर भी चढ़ आया है, जिससे एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। सड़क संपर्क बाधित होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
पढ़ें: ताजपुर-बख्तियारपुर फोरलेन किनारे खेत से युवक का अधजला शव बरामद, पास से पिस्टल भी मिली
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लोकायन नदी इस वर्ष तीसरी बार तबाही मचा रही है। जून और जुलाई के बाद अगस्त में भी नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस बार कराया परसुराय प्रखंड अब तक सुरक्षित है। हिलसा के अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार पटेल ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में सूखा राशन वितरण शुरू कर दिया गया है। तटबंध की मरम्मत के लिए टीमें तैनात कर दी गई हैं और संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रबंधन दल को अलर्ट कर दिया गया है।
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हिलसा प्रखंड के धुरी बीघा गांव में तटबंध टूट जाने से सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। वहीं, केशोपुर मिल्की के पास तटबंध में दरार आने से खतरा और बढ़ गया है। एकंगरसराय के केला बीघा गांव में नदी किनारे बने कई मकान पानी में समा गए। लोकायन नदी का पानी मिल्कीपुर के पास बिहार-जहानाबाद मुख्य मार्ग पर भी चढ़ आया है, जिससे एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। सड़क संपर्क बाधित होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
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लोकायन नदी इस वर्ष तीसरी बार तबाही मचा रही है। जून और जुलाई के बाद अगस्त में भी नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस बार कराया परसुराय प्रखंड अब तक सुरक्षित है। हिलसा के अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार पटेल ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में सूखा राशन वितरण शुरू कर दिया गया है। तटबंध की मरम्मत के लिए टीमें तैनात कर दी गई हैं और संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रबंधन दल को अलर्ट कर दिया गया है।