{"_id":"6ab6499c30c366e92703926d","slug":"cm-samrat-choudhary-announces-3500-crore-vishnupad-corridor-and-falgu-river-development-plan-gaya-pitru-paksha-mela-2026-today-bihar-news-gaya-news-c-1-1-noi1233-4763170-2026-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"पितृपक्ष से पहले बड़ा एलान: गल्फ देशों से गयाजी को जोड़ने की तैयारी, बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पितृपक्ष से पहले बड़ा एलान: गल्फ देशों से गयाजी को जोड़ने की तैयारी, बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन
Fri, 25 Sep 2026 07:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया जी
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2026 07:33 PM IST
सार
पितृपक्ष मेला 2026 के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गयाजी के विकास के लिए 3500 करोड़ रुपये के विष्णुपद कॉरिडोर और फल्गु नदी में सालभर जल प्रवाह की योजनाओं की जानकारी दी। बोधगया में 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश, अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी और रोजगार के लक्ष्यों का भी जिक्र किया गया।
विज्ञापन
पितृपक्ष मेला उद्घाटन समारोह में संबोधित करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गयाजी के धार्मिक, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि 3500 करोड़ रुपये की लागत से विष्णुपद कॉरिडोर और फल्गु नदी में सालभर पानी उपलब्ध कराने की योजना पर काम होगा, जिससे गयाजी की पहचान वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में और मजबूत होगी।
सनातन आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है गयाजी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पितृपक्ष मेला सनातन संस्कृति का ऐसा महापर्व है, जहां लोग अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए गयाजी आते हैं। पुनपुन से लेकर विष्णुपद मंदिर तक सरकार श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर रही है। उन्होंने कहा कि देश ही नहीं, विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए गयाजी पहुंचते हैं।
3500 करोड़ से बनेगा विष्णुपद कॉरिडोर, फल्गु में रहेगा सालभर पानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में गयाजी के विकास को नई गति मिली है। उन्होंने बताया कि करीब 2500 करोड़ रुपये की लागत से विष्णुपद कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जबकि लगभग 1000 करोड़ रुपये खर्च कर औरंगाबाद से शेरघाटी होते हुए बोधगया तक पानी पहुंचाकर फल्गु नदी में पूरे वर्ष जल प्रवाह सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इंद्रपुरी बराज और अन्य परियोजनाओं के माध्यम से फल्गु नदी को स्थायी जल उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञापन
गया को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले महीने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री बिहार आएंगे और कई हवाई अड्डों से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार गयाजी को खाड़ी देशों (गल्फ कंट्री) से जोड़ने की दिशा में भी काम कर रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही और आसान होगी।
बोधगया में आएगा 20 हजार करोड़ का निवेश
उन्होंने कहा कि अक्टूबर से बोधगया क्षेत्र में करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतरना शुरू होगा। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और गया जिला औद्योगिक एवं पर्यटन विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा।
शिक्षा और रोजगार पर भी सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। बिहार में 700 मॉडल स्कूल खोले गए हैं, जहां जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि 'विद्यार्थी साथी' ऐप के जरिए लाखों छात्र ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोलने की दिशा में भी कार्य जारी है।
एक करोड़ युवाओं को रोजगार, एक करोड़ महिलाएं बनेंगी लखपति दीदी
सम्राट चौधरी ने कहा कि वर्ष 2030 से पहले राज्य के एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और एक करोड़ महिलाओं को जीविका से जोड़कर लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि अब तक 43 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
श्रद्धालुओं के स्वागत की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि गयाजी बौद्ध और सनातन दोनों परंपराओं की आस्था का केंद्र है। उन्होंने सभी लोगों से पितृपक्ष मेला में आने वाले श्रद्धालुओं का सम्मान और स्वागत करने की अपील करते हुए कहा कि यह महापर्व बिहार की संस्कृति, परंपरा और अतिथि सत्कार का सबसे बड़ा प्रतीक है।
विज्ञापन
सनातन आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है गयाजी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पितृपक्ष मेला सनातन संस्कृति का ऐसा महापर्व है, जहां लोग अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए गयाजी आते हैं। पुनपुन से लेकर विष्णुपद मंदिर तक सरकार श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर रही है। उन्होंने कहा कि देश ही नहीं, विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए गयाजी पहुंचते हैं।
विज्ञापन
3500 करोड़ से बनेगा विष्णुपद कॉरिडोर, फल्गु में रहेगा सालभर पानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में गयाजी के विकास को नई गति मिली है। उन्होंने बताया कि करीब 2500 करोड़ रुपये की लागत से विष्णुपद कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा, जबकि लगभग 1000 करोड़ रुपये खर्च कर औरंगाबाद से शेरघाटी होते हुए बोधगया तक पानी पहुंचाकर फल्गु नदी में पूरे वर्ष जल प्रवाह सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इंद्रपुरी बराज और अन्य परियोजनाओं के माध्यम से फल्गु नदी को स्थायी जल उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञापन
गया को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले महीने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री बिहार आएंगे और कई हवाई अड्डों से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बिहार सरकार गयाजी को खाड़ी देशों (गल्फ कंट्री) से जोड़ने की दिशा में भी काम कर रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही और आसान होगी।
बोधगया में आएगा 20 हजार करोड़ का निवेश
उन्होंने कहा कि अक्टूबर से बोधगया क्षेत्र में करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतरना शुरू होगा। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और गया जिला औद्योगिक एवं पर्यटन विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा।
शिक्षा और रोजगार पर भी सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। बिहार में 700 मॉडल स्कूल खोले गए हैं, जहां जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि 'विद्यार्थी साथी' ऐप के जरिए लाखों छात्र ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोलने की दिशा में भी कार्य जारी है।
एक करोड़ युवाओं को रोजगार, एक करोड़ महिलाएं बनेंगी लखपति दीदी
सम्राट चौधरी ने कहा कि वर्ष 2030 से पहले राज्य के एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और एक करोड़ महिलाओं को जीविका से जोड़कर लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि अब तक 43 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
श्रद्धालुओं के स्वागत की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि गयाजी बौद्ध और सनातन दोनों परंपराओं की आस्था का केंद्र है। उन्होंने सभी लोगों से पितृपक्ष मेला में आने वाले श्रद्धालुओं का सम्मान और स्वागत करने की अपील करते हुए कहा कि यह महापर्व बिहार की संस्कृति, परंपरा और अतिथि सत्कार का सबसे बड़ा प्रतीक है।