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Bihar News: सरकार के फैसले से अति नक्सल प्रभावित मिडिल स्कूल के बंद होने का खतरा, विरोध में उतरे ग्रामीण
Fri, 25 Apr 2025 05:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Apr 2025 05:00 PM IST
सार
सरकारी मिडिल स्कूल के बच्चों को पीएम श्री कैटेगरी में आए एक स्कूल में स्थानांतरित करने की कवायद से बवाल मचा है। ग्रामीण इस सरकारी फैसले का विरोध कर रहे हैं। मिडिल स्कूल को यथावत रखने की मांग कर रहे हैं।
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तालाबंदी कर स्कूल गेट पर बैठ ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पहले तो नक्सली ही सुदूरवर्ती इलाकों में सरकारी स्कूल का भवन उड़ाकर बच्चों को स्कूली शिक्षा से वंचित किए जाने का काम करते थे। लेकिन अब सरकार ही ऐसे फैसले ले रही है, जिससे बच्चें शिक्षा से वंचित होने जा रहे हैं। दरअसल, यह मामला औरंगाबाद के अति नक्सल प्रभावित मदनपुर प्रखंड के महुआइन गांव का है, जहां सरकारी आदेश पर गांव के राजकीय मध्य विद्यालय के वर्ग-6 से 8 के बच्चों को पीएम श्री कैटेगरी में आए राजकीय +2 विद्यालय, मनिका में स्थानांतरित करने की कवायद हो रही है।
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इसी कवायद के विरोध में ग्रामीणों ने स्कूल में शुक्रवार को तालाबंदी कर दी। इस दौरान ग्रामीणों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इस स्कूल को यथावत रखने का शिक्षा विभाग द्वारा आदेश जारी नहीं कर दिया जाता, तब तक स्कूल में तालाबंदी जारी रहेगी। स्कूल के यथावत रखने का आदेश जारी होने के बाद ही वे अपने बच्चों को इस विद्यालय में पढ़ने भेजेंगे।
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सरकार का फैसला लागू होने पर बंद हो जाएगा महुआईन मिडिल स्कूल
ग्रामीण कृष्णा राम, जयराम पाल, वार्ड सदस्य प्रतिनिधि सुभाष यादव, सामाजिक कार्यकर्ता सुनील सिंह एवं अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सरकार के इस फैसले से महुआईन गांव का सरकारी मिडिल स्कूल बंद हो जाएगा। सरकार के इस फैसले का वे पुरजोर विरोध करते हैं। वे किसी भी सूरत में गांव से दो किमी दूर मनिका के पीएम श्री +2 उच्च विद्यालय में अपने बच्चों को पढ़ने नही भेजेंगे। क्योंकि महुआइन से मनिका जाने के बीच रास्ते में केशहर नदी पर एक कामचलाऊ पुल है, जिस पर बरसात में पानी बहता है। इस स्थिति में अपने बच्चों को मनिका भेजकर उन्हें बरसात में नदी में डूबाना नहीं है।
ग्रामीणों ने बीईओ को भी दिया है आवेदन
इसे लेकर ग्रामीणों ने मदनपुर के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) को एक आवेदन भी दिया है। आवेदन में कहा है कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के ज्ञापांक-11/ वि./11-11/2019/380 दिनांक 17.02.2025 एवं मदनपुर के बीईओ के पत्रांक-840 दिनांक 19.02.2025 के माध्यम से राजकीय मध्य विद्यालय, महुआईन के वर्ग-6 से 8 के छात्रों को पीएम श्री विद्यालय, मनिका में आगामी सत्र से स्थानांतरित करने के लिए चयनित किया गया है। जबकि पूर्व से ही राजकीय मध्य विद्यालय महुआईन में आईसीटी लैब स्थपित है और वर्ग 06 से 08 तक के छात्र-छात्राओं को यहां कंप्यूटर से संबंधित शिक्षा भी दी जा रही है।
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स्थानांतरण से कंप्यूटर शिक्षा से वंचित हो जाएंगे बच्चे
राजकीय मध्य विद्यालय के बच्चों को पीएम श्री विद्यालय में भेजे जाने से भारी कठिनाई होगी। यहां के बच्चे सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के हैं। इनमें पिछड़ी जाति के छात्रों की बहुलता है। पीएम श्री विद्यालय में जाने से बच्चे कंप्यूटर शिक्षा से वंचित रह जाएंगे। यह भी कहा है कि हाईस्कूल, मनिका और राजकीय मध्य विद्यालय, महुआईन के बीच रास्ते में केशहर नदी पड़ती है। केशहर नदी पर एक कामचलाऊ पुल बना हुआ है, जिस पर बरसात में बाढ़ का पानी 4 से 5 फीट ऊपर आ जाता है। बाढ़ में नदी का पुल कभी भी टूट या बह सकता है और बच्चे हादसे का शिकार हो सकते हैं।
स्थानांतरित होने पर बरसात में बच्चों को तय करनी पड़ेगी 6-7 किमी. की दूरी
बरसात के मौसम में महुआईन के बच्चों को मनिका गांव से होकर हाईस्कूल गणेशनगर मनिका स्कूल जाना पड़ेगा। इससे बरसात के दिनों में बच्चों को छह से सात किमी. की दूरी तय करनी पड़ेगी। पत्र में कहा है कि हाईस्कूल, गणेशनगर मनिका में ही पड़ता है और मनिका में उत्क्रमित मध्य विद्यालय भी है। दोनों ही स्कूल मनिका राजस्व गांव में हैं। इसलिए मध्य विद्यालय, महुआईन के जगह उत्क्रमित मध्य विद्यालय, मनिका को ही पीएम श्री विद्यालय में शामिल करना उचित होगा न कि मुआईन के मिडिल स्कूल को।
ब्रिटिशकालीन मिडिल स्कूल के बजाय मनिका मध्य विद्यालय के बच्चों का हो पीएम श्री विद्यालय में स्थानांतरण
कहा कि यह मध्य विद्यालय 1944 में बना है, जो महुआईन गांव को एक विरासत के रूप में मिला हुआ है। यह विद्यालय ब्रिटिश जमाने से ही यहां बना हुआ है और वर्षों पुराना है। इसलिए राजकीय मध्य विद्यालय, महुआईन का नाम पीएम श्री योजना से हटाया जाए और उत्क्रमित मध्य विद्यालय, मनिका को इसमें जोड़ा जाए।
डीईओ ने कही यह बात
मामले को लेकर बात किए जाने पर औरंगाबाद के जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि किसी पीएम श्री विद्यालय में पास के मिडिल स्कूल के छात्रों को स्थानांतरित करने का निर्णय शिक्षा विभाग में उच्च स्तर पर लिया जाता है। इसकी पूरी जानकारी ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज रहती है। महुआईन के ग्रामीणों की शिकायत उनके संज्ञान में आई है। उनके पास ग्रामीणों का आवेदन आता है तो वे आवेदन को अग्रेतर कार्रवाई के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों को भेजेंगे।