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Bihar: ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर छात्रों की डाटा एंट्री में लापरवाही, 1610 स्कूलों के हेडमास्टर के वेतन पर रोक

Fri, 23 Aug 2024 04:11 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Fri, 23 Aug 2024 04:11 PM IST
सार

Aurangabad News: औरंगाबाद में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर नामांकित विद्यार्थियों की डाटा एंट्री में लापरवाही बरते जाने को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इसे लेकर विभाग ने 1610 स्कूलों के हेडमास्टर के वेतन पर रोक लगा दी है, जिससे प्रधानाध्यापकों में हड़कंप मच गया है।

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Bihar: Negligence in students data entry on e-Shiksha Kosh portal, headmasters salary of 1610 schools stopped
बिहार शिक्षा विभाग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार शिक्षा विभाग के ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर विद्यार्थियों के डाटा की एंट्री करने के मामले में हीला हवाली को लेकर महकमे ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में औरंगाबाद के शिक्षा महकमे ने 1,610 स्कूलों के हेडमास्टरों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। आरोप है कि इन स्कूलों द्वारा ई-शिक्षा कोष पर नामांकित बच्चों के डाटा एंट्री में लापरवाही बरते जाने से अब तक 80 प्रतिशत से कम विद्यार्थियों की डाटा की एंट्री हुई है।

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डीपीओ-स्थापना ने जारी किया आदेश
जानकारी के मुताबिक, औरंगाबाद के शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) दयाशंकर सिंह ने गुरुवार 22 अगस्त को एक आदेश जारी किया है। आदेश की प्रति जिले के सभी 11 प्रखंडों के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को भेजी गई है। आदेश के माध्यम से जिले के 1,610 सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापक-प्रभारी प्रधानाध्यापक का वेतन भुगतान अगले आदेश तक रोक दिया गया है।
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आदेश में कहा गया है कि ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर 80 प्रतिशत से कम विद्यार्थियों के डाटा की एंट्री की गई है। साथ ही आदेश में डाटा एंट्री का कार्य पूर्ण नहीं होने पर अनुशासनिक कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है। आदेश में विभागीय निर्देश का हवाला देते हुए कहा गया कि नामांकित विद्यार्थियों के डाटा की शत-प्रतिशत एंट्री की जानी है। इसे लेकर डीपीओ (स्थापना) ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि वेतन को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक स्थगित करना सुनिश्चित करें।
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डाटा एंट्री पूरी नहीं होने पर होगी अनुशासनिक कार्रवाई
मामले में डीपीओ (स्थापना) ने आदेश में यह भी कहा है कि अगर एक सप्ताह के अंदर संबंधित प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक शत-प्रतिशत डाटा एंट्री ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।


इन प्रखंडों के हेडमास्टर का रोका गया वेतन
जिन प्रखंडों के सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों का वेतन भुगतान रोका गया है, उनमें दाउदनगर प्रखंड के 109, गोह प्रखंड के 163, औरंगाबाद प्रखंड के 147, रफीगंज प्रखंड के 209, ओबरा प्रखंड के 135, नबीनगर प्रखंड के 232, कुटुंबा प्रखंड के 135, देव प्रखंड के 124, हसपुरा प्रखंड के 102, मदनपुर प्रखंड के 116 और बारुण प्रखंड के 138 प्रधानाध्यापक तथा प्रभारी प्रधानाध्यापक शामिल हैं। इस विभागीय आदेश के बाद संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों में हड़कंप मच गया है।

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