फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   former Union Minister Nagmani attacked CM Nitish Kumar, Koeri community, caste census, Aurangabad

Bihar News: नागमणि बोले- नीतीश सरकार ने इस समाज का गला काटा, जातीय सर्वे में कम कर दिखाई आबादी

Sun, 20 Oct 2024 06:15 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद Published by: आदित्य आनंद Updated Sun, 20 Oct 2024 06:15 PM IST
सार

सीएम नीतीश कुमार का लव-कुश की बात करना पूरी तरह ढकोसला है क्योंकि वे सिर्फ अपने समाज का भला करने का काम कर रहे हैं और कोईरी जाति की लगातार उपेक्षा हो रही है।

विज्ञापन
former Union Minister Nagmani attacked CM Nitish Kumar, Koeri community, caste census, Aurangabad
औरंगाबाद में पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि व उनके समर्थक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्व केंद्रीय मंत्री और शोषित इंकलाब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नागमणि ने बिहार की नीतीश सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। नीतीश सरकार ने कोईरी समाज का किया अपमान, काटा गला-आगामी 23 फरवरी 2025 को आयोजित होने वाले कोईरी आक्रोश महारैली की तैयारी को लेकर औरंगाबाद आए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने रविवार को यहां प्रेसवार्ता में कहा कि नीतीश सरकार ने कोईरी समाज को जलील और अपमानित करने करने के साथ ही समाज का गला काटने का काम किया है। इस वजह से नीतीश कुमार के सत्ता में रहते हुए कोईरी समाज का भला नहीं होने वाला है। नीतीश कुमार का लव-कुश की बात करना पूरी तरह ढकोसला है क्योंकि वे सिर्फ अपने समाज का भला करने का काम कर रहे हैं और कोईरी जाति की लगातार उपेक्षा हो रही है तथा कोईरी समाज को किसी भी क्षेत्र में अपेक्षित भागीदारी नहीं मिल रही है।

विज्ञापन


कोईरी समाज को हाशिए पर धकेलने के लिए जातीय सर्वे में कम दिखाई आबादी
इतना ही नही कोईरी समाज को हाशिए पर धकेलने के लिए नीतीश सरकार ने हमारी जाति की आबादी को भी कम दिखाने का काम किया है। उन्होने कहा कि बिहार में कोईरी समाज की 12 प्रतिशत और समाज की उप जाति दांगी की आबादी 2.5 प्रतिशत है। यानी बिहार में हमारी कुल आबादी 14.5 प्रतिशत है। इसके बावजूद नीतीश सरकार ने जान बूझकर कोईरी समाज को नीचा दिखाने का पूरा प्रयास किया है। इसी प्रयास के तहत बिहार सरकार ने जातीय सर्वेक्षण को धरातल पर नही कराते हुए कुछ खास पदाधिकारियों की मिलीभगत से खानापूर्ति कर कोईरी जाति की जनसंख्या को 12 से घटाकर 4.5 प्रतिशत और दांगी की आबादी को 2.5 से घटाकर मात्र आधा प्रतिशत दिखाने का काम किया है।   
विज्ञापन


भूमिहार, राजपूत व ब्राह्मण समाज के साथ भी नाइंसाफी
इतना ही नही राज्य सरकार ने भूमिहार, राजपूत और ब्राह्मण समाज को भी अपमानित करते हुए इनकी संख्या को 5.5 से घटाकर महज 2 से 3 प्रतिशत के बीच सीमित कर दिया।   मुस्लिम समाज की कलाल जाति को हिंदू बताया, कागजों पर हुआ जातीय सर्वेक्षण-उन्होंने कहा कि कलाल मुस्लिम समाज की जाति है, जिसे जातीय सर्वेक्षण में हिंदू बताया गया है, जिससे साबित होता है कि बिहार के गांवों में सर्वेक्षण हुआ ही नहीं और सिर्फ कागज पर ही इसकी खानापूर्ति कर दी गई। उन्होने स्वीकार किया कि जातीय सर्वेक्षण में यादव समाज की आबादी को 14 प्रतिशत बताया गया है, जिसे वह सहीं मानते है लेकिन कोईरी समाज की आबादी यादव समाज से 3-4 प्रतिशत ही कम है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नाइंसाफी बर्दाश्त नहीं करेगा कोईरी समाज, नीतीश को हटाना जरूरी
इस लिहाज से कोईरी समाज की आबादी कम से कम 10 प्रतिशत होनी ही चाहिए, जिसे सर्वेक्षण में इतनी संख्या में नही दिखाया जाना हमारे समाज के साथ पूरी तरह नाइंसाफी है, जिसे किसी सूरत में बर्दाश्त नही किया जाएगा। इस कारण नीतीश सरकार को हटाना जरूरी हो गया हैं और सरकार को हटाने के लिए ही उन्होने नीतीश हटाओ देश बचाओं का नारा दिया है।


कोईरी आक्रोश रैली में दिखेगा नीतीश सरकार के प्रति आक्रोश
कहा कि यह नारा सिर्फ नारा नही रहेगा बल्कि धरातल पर उतरेगा और कोईरी समाज को नीचा दिखाए जाने से समाज में उत्पन्न जबरदस्त आक्रोश की झलक आगामी 23 फरवरी 2025 को प्रदेश की राजधानी पटना के गांधी मैंदान में आयोजित होने वाली कोईरी आक्रोश महारैली में दिखेगी। उन्होने कहा कि कोईरी समाज के साथ हुई नाइंसाफी को लेकर ही यह महारैली आयोजित की गई है। इस रैली के माध्यम से कोईरी समाज अपने अपमान का बदला लेना चाहता है और इसी उदेश्य से कोईरी समाज को एकजुट करने के लिए वे पूरे बिहार की यात्रा कर रहे है। इसी कड़ी में वें समाज को एकजुट करने औरंगाबाद आए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed