बिहार में शराबबंदी?: शराबी को गिरफ्तार करने शराब पीकर पहुंचे दारोगा बाबू, महिलाओं की लेने लगे तलाशी, अब खुद पहुंचे सलाखों के पीछे
राजद ने घटना के वीडियो को ट्वीट किया है। उसने ट्विटर हैंडल पर लिखा है नीतीश कुमार ने बिल्ली को दूध की रखवाली का जिम्मा दिया है। शराब पीकर शराब पकड़ने निकलती है नीतीश कुमार की पुलिस...
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बिहार के गोपालगंज से खाकी को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां पर दारोगा चंद्रमा राम एक शराबी युवक को गिरफ्तार करने पहुंचे थे, लेकिन आरोप है कि उन्होंने खुद शराब पी रखी थी। पुलिस वाले को नशे में देखकर लोगों ने हंगामा काटना शुरू कर दिया। मामला कुछ ही देर में तूल पकड़ लिया, जिसके बाद एसडीपीओ के आदेश पर दारोगा चंद्रमा राम को गिरफ्तार कर लिया गया।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार की शाम कटेया नगर के पकहा मोड़ स्थित एक दवा की दुकान पर एक शराबी युवक ने हंगामा काटना शुरू कर दिया। दुकानदार और शराबी युवक के बीच बहस इतनी बढ़ी कि स्थानीय पार्षद ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना के आधार पर दारोगा चंद्रमा राम युवक को गिरफ्तार करने पहुंचे, लेकिन वह पहले से ही नशे में थे।
महिलाओं की भी लेने लगे तलाशी
दारोगा को नशे में पाकर लोगों ने उनका विरोध किया। इसके बाद वह शराबी को पकड़ने के लिए उसके घर पहुंच गए। जहां पर वह महिलाओं की भी तलाशी लेने लगे। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। दारोगा ने इसकी सूचना थानाध्यक्ष सुमन कुमार मिश्र को दी, जिसके बाद वह भी घटनास्थल पर पहुंचे। इधर,महिलाओं की तलाशी का विरोध करते हुए लोग थाने पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया लोगों ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने पार्षद संतोष कुमार समेत चार लोगों को हिरासत में ले लिया।
नीतीश ने बिल्ली को दूध की रखवाली का जिम्मा दिया है!
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) December 14, 2021
शराब पीकर शराब पकड़ने निकलती है नीतीश कुमार की पुलिस! महिलाओं से बदतमीजी करती है सो अलग!
अब नीतीश कुमार कहेंगे कि-"अरे पुरूष पुलिसवाले ने महिला की तलाशी ले ली तो क्या बड़ी बात हो गई? थोड़ी बदतमीजी हो गई तो भूचाल क्यों आ गया? pic.twitter.com/MUCWQ9uBvy
लोगों ने किया प्रदर्शन
घटना के बाद मंगलवार को लोगों ने अपनी दुकानें बंद करके पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसके बाद पार्षद समेत चारों लोगों को छोड़ा गया। वहीं पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार ने हथुआ एसडीपीओ नरेश कुमार को जांच के आदेश दिए। एसडीपीओ के निर्देश पर दारोगा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।