फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   CM samrat-choudhary-orders-stop-unnecessary-hospital-referrals-from-15-august-in-bihar

Bihar: 15 अगस्त से बड़े बदलाव की तैयारी, सरकारी अस्पतालों से नहीं होगा मनमाना रेफरल! सीएम सम्राट का बड़ा आदेश

Thu, 02 Jul 2026 08:29 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: प्रतीक पांडेय Updated Thu, 02 Jul 2026 08:29 PM IST
सार

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में 15 अगस्त 2026 से सरकारी अस्पतालों से अनावश्यक रेफरल रोकने, एमआरआई और ट्रॉमा सेंटर की सुविधाओं पर कई के निर्देश दिए। जानिए इस बैठक में क्या रहा खास।

विज्ञापन
CM samrat-choudhary-orders-stop-unnecessary-hospital-referrals-from-15-august-in-bihar
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प सभागार' में स्वास्थ्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के लिए अधिकारियों को बेहतर कार्ययोजना के साथ काम करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन


15 अगस्त से अनावश्यक रेफरल पर लगेगी रोक
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने राज्य के स्वास्थ्य संस्थानों की रेफरल व्यवस्था, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण तथा भावी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को समय पर, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने निर्देश दिया कि 15 अगस्त 2026 से अनुमंडलीय अस्पतालों और जिला अस्पतालों से मेडिकल कॉलेजों एवं उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में होने वाले अनावश्यक रेफरल पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
विज्ञापन


एमआरआई, मैमोग्राफी और ट्रॉमा सेंटर पर रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री ने पैथोलॉजी सेवाओं, एनेस्थीसिया, एमआरआई और मैमोग्राफी जैसी आधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार करने तथा उन्हें आम लोगों के लिए अधिक सुलभ बनाने के निर्देश दिए। साथ ही हड्डी रोग और न्यूरो संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटरों को सुदृढ़ एवं पूरी तरह क्रियाशील बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने प्रमंडलीय आयुक्तों, जिला पदाधिकारियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सरकारी अस्पतालों का नियमित रात्रिकालीन निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी अस्पतालों में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से आपातकालीन सेवाओं, एम्बुलेंस और अन्य आवश्यक जानकारियां प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला अस्पतालों में उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने और मेडिकल कॉलेजों की सतत निगरानी जिला पदाधिकारियों के माध्यम से कराने को कहा। साथ ही रोगी कल्याण समितियों का पुनर्गठन कर उन्हें सक्रिय बनाने का निर्देश भी दिया।

नर्सों की पोस्टिंग और पीपीपी मॉडल पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्सों की पदस्थापना पर विशेष ध्यान दिया जाए और यथासंभव उन्हें उनके गृह जिलों में तैनात करने पर विचार किया जाए। नए मेडिकल कॉलेजों के संचालन और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए आवश्यक परियोजनाओं को पीपीपी मॉडल के माध्यम से आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार करने का निर्देश दिया।


यह भी पढ़ें: अपनी ही सरकार पर नाराज हुए मंत्री मदन सहनी! बोले- 'आरोपी डीएसपी की पोस्टिंग जख्म कुरेदने जैसी'

आयुष्मान योजना और आभा आईडी में तेजी लाने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण समिति गठित करने के निर्देश दिए, जिसकी अध्यक्षता संबंधित जिला पदाधिकारी करेंगे। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर भी जोर दिया।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed