फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Brajesh Thakur used to force girls to dance with scanty clothes on vulgar songs in front of guests

मुजफ्फरपुर बालिका गृह: अश्लील गानों पर जबरन लड़कियों से डांस करवाता था बृजेश

Mon, 07 Jan 2019 10:59 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: Sneha Baluni Updated Mon, 07 Jan 2019 10:59 AM IST
विज्ञापन
Brajesh Thakur used to force girls to dance with scanty clothes on vulgar songs in front of guests
मुजफ्फरपुर बालिका गृह

मुजफ्फरपुर बालिक गृह कांड का मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर लड़कियों को जबरन छोटे कपड़ों में अश्लील गानों पर डांस करवाता था और उन्हें मेहमानों के साथ संबंध बनाने के लिए कहता था। यह खुलासा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर की गई 73 पन्नों की चार्जशीट से हुआ है। चार्जशीट को 19 दिसंबर को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश आरपी तिवारी की विशेष पॉक्सो अदालत के समक्ष दायर किया गया था।

विज्ञापन


चार्जशीट के अनुसार, 'जो लड़कियां डांस करने से मना कर देती थीं उन्हें रात में केवल रोटी और नमक दिया जाता था जबकि जो डांस करती थीं उन्हें अच्छा खाना मिलता था।' चार्जशीट में अधिकारियों की भूमिका को लेकर कुछ नहीं कहा गया है जबकि उन्हें बालिका गृह में होने वाली घटना के बारे में सारी जानकारी थी। फिर भी उन्होंने लड़कियों को नहीं बचाया। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि ठाकुर के मेहमान लड़कियों को ड्रग्स देकर उनका शारीरिक शोषण करते थे। 
विज्ञापन


चार्जशीट में 21 लोगों के साथ ही ठाकुर का नाम भी शामिल है। वहीं 101 अन्य जिसमें 33 पीड़ित शामिल हैं उन्के नाम गवाहों के तौर पर दर्ज हैं। बाल अधिकार कार्यकर्ता और वकील केडी मिश्रा ने इस बात पर हैरानी जताई है कि आखिर सीबीआई ने क्यों अधिकारियों को छोड़ दिया। जिसमें समाज कल्याण विभाग और उसका निदेशालय शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मिश्रा ने कहा, 'पॉक्सो अधिनियम की धारा 17 में साफतौर पर लिखा है कि यदि किसी शख्स को किसी अपराध की जानकारी है तो उसे पुलिस को इसकी सूचना देनी चाहिए। अधिकारियों ने मामले की जानकारी आखिर क्यों नहीं दी जबकि वह 2018 की शुरुआत से इसके बारे में जानते थे?' वह यह भी जानना चाहते हैं कि क्यों सीबीआई ने वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच नहीं की। जबकि उनके खिलाफ पॉक्सो की धारा 21 के तहत मामला दर्ज होना चाहिए।

इंदु कुमारी, मिनू कुमारी, मंजू देवी, चंदा देवी, नेहा कुमारी, हेमा मसीह, किरण कुमारी, साइस्ता परवीन उर्फ मधु, डॉक्टर प्रमिला, रामानुज ठाकुर उर्फ मामू, रामशंकर सिंह उर्फ मास्टर साहेब, रवि कुमार रोशन, विकास कुमार, दिलीप कुमार वर्मा, विजय कुमार तिवारी, गुड्डू कुमार पटेल उर्फ गुड्डू, कृष्णा कुमार राम उर्फ कृष्णा, रोजी रानी और डॉक्टर अश्विनी उर्फ अस्मानी का नाम आरोपियों के तौर पर चार्जशीट में शामिल है। 

सीबीआई ने चार्जशीट में कहा है कि बालिका गृह का मालिक बृजेश ठाकुर बच्चियों का यौन शोषण करता था। यदि लड़कियां मेहमानों के साथ संबंध मनाने से मना करती तो वह उनके निजी अंगों पर मारा करता था। रवि कुमार रोशन और मामू अक्सर लड़कियों को मेहमानों के सामने नचवाने और फिर उनका दुष्कर्म करने में सहायता किया करते थे। रोशन बाल संरक्षण अधिकारी था उसने भी कथित तौर पर लड़कियों का शोषण किया है। 


बाल कल्याण समिति का सदस्य विकास कुमार अक्सर लड़कियों को नींद की गोलियां खिलाकर उनके साथ दुष्कर्म करता था। बाल कल्याण समिति के दिलीप कुमार को लड़कियों ने गंदा आदमी बताया है वह नाबालिग लड़कियों को अपनी हवस का शिकार बनाता था। बाल संरक्षण इकाई में सहायक निदेशक रोजी रानी ने इस पूरे मामले पर अपनी आंख मूंद रखी थीं। डॉक्टर प्रमिला लड़कियों का चेकअप करती थी उसने भी इस मामले का खुलासा नहीं किया बल्कि लड़कियों को गर्भपात की दवाएं दीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed