Bahubali ऐसा! :बिहार के राजकीय पक्षी गौरेया का घोंसला जला, मरी चिड़िया दिखाने वाले युवक का नाम भी चौंकाने वाला
Bihar: बिहार की राजकीय पक्षी गौरैया के साथ नृशंसता हुई है। एक युवक ने पहले उसकी हत्या की फिर उसके घोसले को जला दिया। इतना ही नहीं युवक ने गौरेया को टुकड़ों में काट दिया।
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बिहार की राजकीय पक्षी गौरैया के साथ नृशंसता हुई है। एक युवक ने पहले उसकी हत्या की फिर उसके घोसले को जला दिया। इतना ही नहीं युवक ने गौरेया को टुकड़ों में काट दिया। इस बात का खुलासा तब हुआ जब "आदित्य पांडेय महाबाहुबली" नाम के युवक ने फेसबुक पर इस घटना से जुड़ी तस्वीरें पोस्ट की। उसने लिखा कि इसकी मौत मेरे ही हाथों लिखी थी। यह पोस्ट गुरुवार को तेजी से वायरल हुआ। पर्यावरण प्रेमियों ने इसकी तीखी आलोचना की और युवक की गिरफ्तारी तक की मांग कर दी।
बोला- गौरैया के आतंक से परेशान
यह पूरा मामला पश्चिम चंपारण के बगहा इलाके का है। 11 मार्च को आदित्य पांडेय महाबाहुबली ने फेसबुक पोस्ट किया। उसने लिखा कि वह गौरैया के आतंक से परेशान है। इसमें उसके घर के अंदर गौरैया बैठे दिख रही थी। इसके बाद उसने गौरैया की हत्या कर दी। फोटो वायरल होने के बाद जब आदित्य की आलोचना शुरू हुई तो उसने एक पोस्ट डालकर लिखा कि इस चिड़िया को मैंने नहीं मारा। अपने आप मरी है। सोशल मीडिया पर फोटो डालने के बाद एक पर्यावरण प्रेमी गजेंद्र यादव ने आदित्य की इस करतूत की जानकारी वन विभाग को दी। साध ही विभाग से कार्रवाई की मांग की।
पर्यावरण प्रेमी संजय कुमार बोले- जल्द गिरफ्तारी हो
"ओ री गौरैया" किताब लिखने वाले और पर्यावरण प्रेमी संजय कुमार ने अमर उजाला से बातचीत करने हुए बताया कि यह दर्दनाक तस्वीर बगहा के आदित्य पांडेय महाबाहुबली ने अपने फेसबुक पर पोस्ट किया है। यह शर्मनाक कांड, 1958 में चीन में चुन-चुन कर मारी गई गौरैया की याद दिलाती है। इसके बाद से चीन से गौरैया विलुप्त हो गयी। उन्होंने आरोप लगाया कि आदित्य पांडे की हरकत गौरैया को विलुप्ति की ओर धकेल रहा है। साथ ही गौरैया संरक्षण के प्रति सक्रिय लोगों के अभियान को कमजोर बनाती है। आदित्य पांडेय ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में हत्या की बात स्वीकार की है। ऐसे में वन एवं पर्यावरण विभाग को इस मामले को गंभीरता से लेनी चाहिए। साथ ही भारतीय वन अधिनियम, 1972 के तहत उसे गिरफ्तार करे और सजा दिलाये ताकि घटना का दोहराव नहीं हो।
गौरैया की संख्या में 60-80 प्रतिशत की कमी
पर्यावरण प्रेमी के अनुसार, गौरैया को बचाने के लिए भारत सरकार ने इनके रहने के लिए 'इको-फ्रेंडली बर्ड होम' नाम के घोंसले बनाए हैं। इतना ही नहीं 2012 में गौरैया पक्षी को दिल्ली सरकार द्वारा राष्ट्रीय पक्षी का दर्जा दिया गया था। इसके बाद वर्ष 2013 में बिहार सरकार ने भी गौरैया पक्षी को राजकीय पक्षी का दर्जा दिया। एक रिपोर्ट के अनुसार, गौरैया की संख्या में 60-80 प्रतिशत की कमी आई है। इस पक्षी के संरक्षण के लिए वैश्विक स्तर पर "विश्व गौरैया दिवस " मनाया जाता है।