फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar Police is to find difference between Plurals Pushpam Priya Mask and masked criminal in Bihar News hindi

Bihar News : मास्क मजबूरी नहीं, अब हथियार; आम आदमी भूल गया लगाना, मगर अब कोई दिखे तो रहना होगा होशियार भी

Tue, 01 Aug 2023 03:57 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Tue, 01 Aug 2023 03:57 PM IST
सार

Bihar : कोरोना के पहले कोई नकाब लगाता था तो पुलिस संदेह की नजर से देखती थी। रोकती भी थी। कोरोना के बाद अब मास्क मजबूरी नहीं। लेकिन, पुलिस टोकती नहीं। मंगलवार को भी मास्क के सहारे ही डकैतों ने वैशाली में इतने बड़े कांड को अंजाम दिया।
 

विज्ञापन
Bihar Police is to find difference between Plurals Pushpam Priya Mask and masked criminal in Bihar News hindi
बैंक लूट करने आए अपराधियों ने मास्क लगा रखा था। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जबतक मुख्यमंत्री की कुर्सी से नीतीश कुमार को हराऊंगी नहीं, मास्क हटाऊंगी नहीं- यह एलान करने वाली प्लुरल्स की प्रमुख पुष्पम प्रिया चौधरी को छोड़ दें तो सार्वजनिक जीवन में अब मास्क लगाए बहुत कम लोग दिखते हैं। सड़कों पर तो दिनभर इंतजार करने के बाद भी शायद ही कोई दिखता है। ऐसे में कोई मास्क लगाए घूमता दिखे, खासकर समूह में तो होशियार रहना होगा। बार-बार अपराधियों को मास्क में चेहरा छिपाकर अपराध करते देखा जा रहा है। वैशाली में एक करोड़ से बड़ी लूट में भी मास्क बड़ा हथियार बन गया। 

विज्ञापन


वैशाली के लालगंज एक्सिस बैंक ब्रांच में दो बाइक से पांच अपराधी आए। एक बाहर रूका, बाकी चार अंदर चले गए। मास्क लगाए 4 अपराधियों को देखकर बैंककर्मियों को लगा कि यह लोग अभी भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर रहे। इसलिए किसी को शक भी नहीं हुआ। कुछ देर तक मास्क लगाए इन अपराधियों ने बैंक की गतिविधि भांप ली। इसके बाद लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। इन लोगों ने बैंक लॉकर और कैश काउंटर से एक करोड़ से अधिक की रकम की निकासी कर ली। इतनी बड़ी लूटकांड की खबर आग के तरह इलाके में फैल गई। तिरहुत आईजी पंकज सिन्हा समेत कई वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। 
विज्ञापन


पहचान में पुलिस को होती है काफी परेशान
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इसमें अपराधी तो दिख गए लेकिन किसी की भी पहचान नहीं हो पाई। कारण यह था कि पांचों ने मास्क लगाया था। पुलिस के अनुसार, कोरोना के बाद अपराधी वारदात को अंजाम देने में मास्क का उपयोग अधिक करने लगे हैं। पहचान छिपाने के लिए वह इसे अपना सबसे बड़ा हथियार मान रहे हैं। इससे पहले भी समस्तीपुर में बैंक लूट की वारदात में अपराधी मास्क लगाए नजर आए थे। उनकी पहचान करने में भी काफी परेशानी हुई थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


नीलेश मुखिया गोलीकांड में पहचान से बचने के लिए हेलमेट का सहारा
31 जुलाई को चर्चित नीलेश मुखिया गोलीकांड में भी अपराधियों ने पहचान से बचने के लिए हेलमेट का सहारा लिया था। हेलमेट लगाए अपराधियों को तो नीलेश मुखिया भी नहीं पहचान पाए। प्रणाम करने के बहाने एक अपराधी बाइक से उतरा। इसके बाद कार में सटकर नीलेख मुखिया को गोली मार दी। नीलेश मुखिया की हालत गंभीर है। गोलीकांड के बाद अपराधियों की तलाश में पुलिस ने नाकेबंदी की। सीसीटीवी फुटेज में अपराधी तो दिखे लेकिन इन चारों का चेहरा ढंका हुआ था। अब तक पुलिस इन्हें पहचान नहीं पाई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed