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बिहार: अटली जी पर गलत टिप्पणी, प्रोफेसर की घसीट घसीट कर पिटाई
भाषा, मोतिहारी
Updated Sat, 18 Aug 2018 06:57 PM IST
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दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में आलोचनात्मक सामग्री फेसबुक पर शेयर करने के आरोप में युवकों के एक समूह ने बिहार के मोतिहारी में स्थित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक की जमकर पिटाई कर दी। पुलिस ने हालांकि, कहा है कि सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट और हमले के बीच अबतक कोई संबंध नहीं मिला है।
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क्षेत्रीय समाचार चैनलों ने एक वीडियो दिखाया है, जिसमें कथित रूप से देखा जा सकता है कि मोतिहारी शहर के आजाद नगर इलाके में स्थित संजय कुमार को आवास से घसीट कर बाहर कर पिटाई की जा रही है।
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शहर के टाउन थाने में इस संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। सहायक प्रोफेसर को मोतिहारी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है इसके बाद उन्हें पटना चिकित्सा महाविद्यालय भेजा गया है।मीडिया में आयी खबरों के अनुसार सहायक प्रोफेसर ने वाजपेयी की राजनीतिक विचाराधारा पर सवाल उठाते हुए कुछ सामग्री फेसबुक पर शेयर की थी।
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मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक उपेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि कुमार ने अपनी शिकायत में सोशल मीडिया के एक पोस्ट जिक्र किया है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि उसे डिलीट किया जा चुका है।
अधिकारी ने बताया कि पोस्ट का सोशल मीडिया पर विरोध हुआ था कि लेकिन उन्हें नहीं लगता है कि इस हमले का कारण यही है। उन्होंने आशंका जतायी कि इस हमले के पीछे ‘‘कैम्पस प्रतिद्वंद्विता’’ एक मुख्य कारण है क्योंकि वह कई प्रभावशाली फैकल्टी सदस्यों और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ बोलते रहते हैं।’’
शर्मा ने बताया कि मामले की समग्रता से जांच कराने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। अभी हम हमलावरों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
घटना की आलोचना करते हुए बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, ‘‘मुख्यमंत्रीजी यह क्या हो रहा है। आरएसएस के गुंडों ने कुलपति के संरक्षण में एक प्रोफेसर पर हमला किया और लगभग पीट पीट कर उसे मार ही दिया था, उनलोगों ने उन्हें जिंदा जलाने के लिए उन पर पेट्रोल डाल दिया। नीतीशजी, आप आरएसएस की शाखा क्यों नहीं खोलते हैं और स्वयं उसके ‘सरसंघचालक’ क्यों नहीं बन जाते हैं।’’
जनता दल (यू) अध्यक्ष नीतीश कुमार महागठबंधन से कांग्रेस और राजद का साथ छोड़कर पिछले साल दोबारा भाजपा की अगुवाई वाले राजग में शामिल हो गए थे। महागठबंधन सरकार में उप मुख्यमंत्री रहे तेजस्वी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद उन्होंने ऐसा किया था।